विधायक पवन टीनू ने कहा- धर्मसोत को बचा रहे मुख्यमंत्री चन्नी, पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप घोटाले में केवल अफसरों पर कार्रवाई

अकाली विधायक पवन टीनू व अन्य

अकाली विधायक पवन टीनू व अन्य



मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और मंत्री राजकुमार वेरका पर निशाना साधा गया है

वेब ख़बरिस्तान,जालंधर। अकाली दल की ओर से मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और मंत्री राजकुमार वेरका पर निशाना साधा गया है। अकाली विधायक पवन टीनू ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को बचा रहे हैं। इस घोटाले में केवल अफसरों पर कार्रवाई की गई है। जबकि इस मामले का किंगपिन धर्मसोत है। उसकी शह पर करीब 64 करोड़ का घोटाला हुआ। अब चन्नी सरकार ने केवल 5 अफसरों को चार्जशीट कर खानापूर्ति कर दी।


आदमपुर से विधायक टीनू ने कहा कि तत्कालीन एडिशनल चीफ सेक्रेटरी कृपा शंकर सरोज ने 20 दिसंबर 2019 को डिप्टी डायरेक्टर परमिंदर सिंह गिल को मुअत्तल कर दिया। चूंकि परमिंदर उस समय के मंत्री धर्मसोत का खास था। इसलिए धर्मसोत ने उसे मुअत्तल करने का आदेश खारिज कर दिया। फिर 4 दिन बाद परमिंदर को उसी सीट पर लगा दिया। अब चूंकि मंत्री वेरका ने उसे चार्जशीट किया है तो साफ है कि उस वक्त सरोज की रिपोर्ट सही थी।

सीएम चन्नी दबाब में काम कर रहे हैं

सीएम चन्नी दबाव में काम कर रहे हैं। उन्हें ये डर है कि पूर्व मंत्री पर कार्रवाई की तो कैप्टन और धर्मसोत उनकी कुर्सी छीन लेंगे। अगर ऐसा नहीं है तो फिर पूर्व मंत्री के खिलाफ भी भी कार्रवाई करें। उन्होंने इस मामले में उस वक्त सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर और अब फगवाड़ा से कांग्रेसी एमएलए बलविंदर धालीवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

14 महीने बाद 5 अफसर चार्जशीट

पंजाब में 14 महीने पहले पोस्टमैट्रिक स्कॉलरशिप का घोटाला उजागर हुआ था। इसमें करीब 64 करोड़ की गड़बड़ी उजागर हुई थी। इस मामले में मंत्री वेरका ने डिप्टी डायरेक्टर परमिंदर गिल, डीसीएफए चरणजीत सिंह, एसओ मुकेश भाटिया, सुपरिटेंडेंट राजिंदर चोपड़ा और सीनियर सहायक राकेश अरोड़ा को चार्जशीट कर दिया।

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