MLA अरोड़ा vs डीसीपी डोगरा मामले में नया विवाद : mla अंगुराल के भाई पर कार्रवाई करने की मांग, सिविल अस्पताल के डॉक्टर-कर्मचारी बोले- कल तक FIR न हुई तो करेंगे कामकाज ठप

स्टाफ के 10 सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन को सारे मामले को लेकर शिकायत दी थी।

स्टाफ के 10 सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन को सारे मामले को लेकर शिकायत दी थी।



सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है

वेब खबरिस्तान,जालंधर। जालंधर में विधायक रमन अरोड़ा और डीसीपी नरेश डोगरा के बीच चला तो विवाद तो थम गया है, लेकिन इसी में से एक नया विवाद खड़ा हो गया। विवाद वाले दिन अस्पताल में हुई तोड़फोड़ को लेकर सिविल अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है।

डॉक्टरों और कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जालंधर वेस्ट के विधायक शीतल अंगुराल के भाई राजन अंगुराल के खिलाफ कल तक FIR दर्ज ना हुई तो अस्पताल में सारा कामकाज ठप कर दिया जाएगा।


अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में शुक्रवार को भी कर्मचारियों ने अपना रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन के दौरान विधायक के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। कर्मचारियों का आरोप है कि विधायक शीतल अंगुराल के भाई राजन अंगुराल जिसके साथ काफी संख्या में लोग थे ने अस्पताल में गुंडागर्दी की। अस्पताल में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं रात को ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर पर मनमर्जी की मेडिकल लीगल रिपोर्ट बनाने के लिए दबाब भी बनाया।

सिविल अस्पताल में बुधवार देर रात को हुए हंगामे तथा तोड़फोड़ के मामले को लेकर पीसीएमएस एसोसिएशन जॉइंट एक्शन कमेटी ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर रोष प्रदर्शन किया। अस्पताल के स्टाफ में व्याप्त रोष को देखते हुए विधायक रमन अरोड़ा भी सिविल अस्पताल में पहुंच गए हैं। वह कर्मचारी संगठनों और डॉक्टरों के साथ सारे मामले को सुलझाने के लिए मेडिकल सुपरिटेंडेंट के ऑफिस में बैठकें कर रहे हैं।

फिलहाल कोई हल निकलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। कर्मचारी और डॉक्टर विधायक शीतल अंगुराल के भाई राजन अंगुराल के खिलाफ अस्पताल में तोड़फोड़ गुंडागर्दी करने और सरकारी काम में विघ्न डालने की भारतीय दंडी संहिता में निहित धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज करने पर अड़े हुए हैं।

डॉ. वरिंदर सिंह रियाड़ प्रधान पीसीएमएस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने साफ कहा है कि शनिवार सुबह 8 बजे तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज न किया गया तो कामकाज ठप कर दिया जाएगा। इमरजेंसी में कोई एमएलआर नहीं काटी जाएगी। बता दें कि इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरवीन कौर तथा स्टाफ के 10 सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन को सारे मामले को लेकर शिकायत दी थी।

Related Tags


civil hospital jalandhar rajan angural mla sheetal angural raman arora vs naresh dogra dcp naresh dogra mla raman arora civil hospital staff

Related Links


webkhabristan