शहीद जेसीओ जसविंदर का कपूरथला के पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, 11 साल की बेटी ने किया salute

शहीद हुए जेसीओ जसविंदर सिंह का संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया

शहीद हुए जेसीओ जसविंदर सिंह का संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया



जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए जेसीओ जसविंदर सिंह का संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।

वेब ख़बरिस्तान,कपूरथला। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में शहीद हुए जेसीओ जसविंदर सिंह का संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर कपूरथला जिले में स्थित उनके पैतृक गांव माना तलवंडी लाया गया। दोपहर एक बजे शहीद की चिता को अग्नि दी गई। शहीद की मां मनजीत कौर ने बड़े ही गर्व के साथ अपने बेटे को सैल्यूट किया। उनके साथ ही 11 साल की बेटी हरनूर कौर ने भी अपने पिता के पार्थिव शरीर को सैल्यूट किया।

मां ने नहीं खोया धैर्य


शहीद जसविंदर सिंह का पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद उनकी बीमार मां मनजीत कौर के चेहरे पर बेटे के जाने का गम साफ झलक रहा था। मगर इसके बावजूद उन्होंने धैर्य नहीं खोया और पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे सिख रेजिमेंट के जवानों और अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि जसविंदर ने उनके दूध की लाज रखते हुए देश और पंजाब का नाम रोशन किया है।

शहीद की पत्नी को तिरंगे में लिपटी जसविंदर सिंह की वर्दी सौंपी

जसविंदर के पिता आर्मी में कैप्टन रहे

मनजीत कौर ने कहा, ‘मेरा पोता और जसविंदर सिंह का बेटा विक्रमजीत अभी थोड़ा छोटा है। जिस दिन विक्रमजीत 10वीं कर लेगा, मैं उसे भी फौज में भेजूंगी। वह हमारे परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाएगा। देश की सेवा करना हमारे परिवार का धर्म है।दरअसल जसविंदर के पिता हरभजन सिंह आर्मी से बतौर कैप्टन रिटायर हुए। 2 महीने पहले ही उनका कोरोना से निधन हो चुका है। जसविंदर अपने पिता को देखकर ही 21 साल पहले सिख रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। 2007 में जसविंदर को आतंकियों के साथ बहादुरी से मुकाबला करने पर सेना मेडल से सम्मानित किया गया।

सिख रेजिमेंट के जवानों ने शहीद को सलामी दी

शहीद जसविंदर सिंह के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर घर से श्मशान घाट तक लेकर गये। पूरा गांव मौजूद रहा। अंतिम संस्कार से पहले सिख रेजिमेंट के जवानों ने शहीद को सलामी दी। इससे पहले शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने उसे श्रद्धांजलि दी। पंजाब के राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में कपूरथला की DC दीप्ति उप्पल सुबह ही माना तलवंडी गांव पहुंच गईं और शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। भुलत्थ के विधायक सुखापाल खैहरा और एसजीपीसी प्रधान व अकाली नेता जागीर कौर ने भी गांव पहुंचकर शहीद के परिवार से संवेदना जताई।

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