पंजाब में पांचवीं के मॉडल प्रश्न पत्र पर हुआ विवाद, पेंशन बढ़ोतरी का विज्ञापन छाप पुछा सवाल

सरकार ने पेंशन की बढोत्तरी वाले सवाल पूछे हैं

सरकार ने पेंशन की बढोत्तरी वाले सवाल पूछे हैं



पांचवीं क्लास के मॉडल प्रश्न पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है

वेब ख़बरिस्तान,जालंधर। पांचवीं क्लास के मॉडल प्रश्न पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इसमें कैप्टन सरकार ने पेंशन की बढोत्तरी वाले सवाल पूछे हैं, जिनके ऊपर विज्ञापननुमा फोटो भी छापी गई है। इसे लेकर शिरोमणी अकाली दल (बादल) की ओर से कैप्टन सरकार पर निशाना साधा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार स्कूली बच्चों को प्रचार का जरिया बना रही है, जो सरासर गलत है। हालाँकि इस मुद्दे पर अभी सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इश्तिहार में स्कीम के बारे में बताया


राज्य सरकार की ओर से कुछ समय पहले ही पेंशन 750 से बढ़ाकर 1,500 की गई थी। मॉडल प्रश्न पत्र में छपे इश्तिहार में बताया गया कि 27 लाख बुजुर्ग, विधवा, बेसहरा बच्चे और दिव्यांग लाभपात्रियों को यह बढ़ी हुई पेंशन मुहैया कराई जाएगी। इस पर पंजाब सरकार 4,800 करोड़ रुपए सालाना खर्च करेगी। अकाली दल इसे इश्तिहार इसलिए बता रहा है, क्योंकि इसके ऊपर लिखा हुआ है कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए एक और वादा पूरा कर रहे हैं।

पुछा सवाल विज्ञापन किसके बारे में

इस विज्ञापन से जुड़े दो सवाल पूछे गए हैं। पहला सवाल है कि यह विज्ञापन किसके बारे में है। इसके बच्चे, बुजुर्ग, दिव्यांग व पेंशन वितरण के 4 विकल्प दिए गए हैं। दूसरा सवाल पूछा गया है कि बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन वितरण की शुरुआत कब हुई।

सरकार की नजर बच्चों के क्वेश्चन भी पड़ गई

अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि विज्ञापन के भी एथिक्स होते हैं। सरकार टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर विज्ञापन जारी कर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन अब सरकार की नजर बच्चों के क्वेश्चन पेपर पर भी पड़ गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल को प्रचार का जरिया नहीं बनाना चाहिए।

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