पंजाब के इस शहर में स्वाईन फ्लू से भाजपा नेता की मौत

भाजपा नेता संदीप कपूर।

भाजपा नेता संदीप कपूर।



मेडिकल टेस्ट के बाद 17 जून को उन्हें स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि डॉक्टरों ने की थी

खबरिस्तान नेटवर्क। पंजाब के लुधियाना में स्वाइन फ्लू से भाजपा नेता की मौत हो गई है। कोविड के बाद अब स्वाइन फ्लू लोगों के लिए परेशानी बन गया है। भाजपा नेता संदीप कपूर पिछले कुछ दिन से बिमार चल रहे थे। बिना कहीं ट्रैवल किए कपूर कैसे इस वायरस की चपेट में आया ये पता नहीं चल सका है।

संदीप कपूर पिछले करीब एक हफ्ते से DMC अस्पताल में भर्ती थे। संदीप के मेडिकल टेस्ट के बाद 17 जून को उन्हें स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि डॉक्टरों ने की थी। बताया जा रहा है कि संदीप को सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इसी कारण अस्पताल में उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से जिले में अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। स्टेट एपीडिमोलाजिस्ट डा. गगनदीप ग्रोवर ने के मुताबिक स्वाइन फ्लू वाले मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। यदि ऐसे लक्षण किसी भी व्यक्ति को दिखें तो जरूर डॉक्टर से सलाह लें।

स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) है क्या?


स्वाइन इन्फ्लूएंजा एक संक्रामक सांस की रोग है, जो कि सामान्य रूप से केवल सूअरों से फैलता है। इन्सानों में स्वाइन फ्लू होना सामान्य नहीं हैसंक्रमित सूअरों के साथ निकट संपर्क के बाद ही ये इन्सानों में फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इन्फ्लूएंजा के इस नए स्ट्रेन, जिसे इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) कहा जाता है, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है।

भारत में 2009, 2010, 2012 और 2013 में 2015 में सबसे ज्यादा मरीज मिले। स्वाइन फ्लू के मामलों में विशेष रूप से जनवरी-फरवरी के दौरान वृद्धि हुई है। मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के राज्यों में इसके मरीज मिल चुके हैं।

इन्सानों में क्या लक्षण हैं

स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित होने पर बुखार, थकान, और भूख की कमी, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। कुछ लोगों को उल्टी और दस्त भी हो सकती है। कई मामलों में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) के लक्षण हल्के रहे हैं और अधिकाँश लोग पूरी तरह ठीक भी हुए हैं।

लोगों के बीच कैसे फैलता है?

ये वायरस मौसमी फ्लू के सामान ही फैलता हैंछोटी बूंदों के रूपमें, एक संक्रमित व्यक्ति की नाक और मुंह से, जब वो बात करते हैं खांसते या छींकते हैं। लोग संक्रमित हो सकते हैं अगर वो इन बूंदों को साँस में लेते हैं और वो किसी व्यक्ति या ऐसी चीज़ को छूते हैं जो कि वायरस से दूषित है (उदाहरण के लिए एक प्रयोग किया ऊतक या दरवाज़े के हैंडल) और फिर अपनी आँख और नाक को छूते हैं।

ये सावधानियां बरतें

  • शुद्धता और स्वच्छता वायरस के प्रसार को कम करने में मदद कर सकते हैं।
  • बार-बार साबुन और पानी से अपने हाथ धोयें।
  • खाँसी या छींक आये, तो अपने मुंह और नाक को एक टिश्यू से ढक लेंसंभव हो
  • इस्तेमाल किये टिश्यू का तुरंत और सावधानी के साथ निपटान करें। उन्हें एक बैग में डाल कर फिर पात्र में फेंकें।
  • स्वच्छ कठोर सतहों (उदाहरण के लिए दरवाज़े के हैंडल) को नियमित साफ़ रखें।
  • सुनिश्चित करें कि बच्चे इस सलाह का पालन करें।

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