जालंधऱ में होगा आर्ट आफ लिविंग का प्राचीन नवरात्रि पूजा उत्सव

सांकेतिक चित्र

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मॉडल टाउन में गीता मंदिर के सामने स्थित गाईड हाउस में तीन दिन प्राचीन वैदिक पूजाओं का आयोजन

ख़बरिस्तान नेटवर्क,जालंधर। आर्ट ऑफ लिविंग जालंधर परिवार और वैदिक धर्म संस्थान बैंगलोर की ओर से जालंधर में नवरात्रि पूजा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन प्राचीन वैदिक पूजाओं का आयोजन किया जाएगा। आर्ट आफ लिविंग बैंगलोर आश्रम में हर साल नवरात्रि में नौ दिन तक इन प्राचीन पूजाओं का आयोजन होता है, जिसमें दुनिया भर से लाखों लोग आफलाइन और आनलाइन शिरकत करते हैं। जालंधर में इस पूजा का आयोजन मॉडल टाउन में गीता मंदिर के सामने स्थित गाईड हाउस में किया जा रहा है। एक अक्तूबर को सुबह आठ बजे श्री महा गणपति और नवग्रह होमा होगा। दोपहर बारह बजे पूर्णाहित होगी। जिसके बाद लंगर होगा। शाम छह बजे श्री सुदर्शन और वास्तु होमा होगा। साढ़े आठ बजे पूर्णाहुति के बाद लंगर होगा। दो अक्तूबर को सुबह साढ़े आठ बजे श्री रुद्र होमा शुरू होगा और साढ़े बारह बजे पूर्णाहूति होगी। श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी रहेगी। शाम छह बजे श्री चंडी कलश स्थापना होगी। पूर्णाहूति रात साढ़े आठ बजे होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए डांडिया का आयोजन और लंगर होगा। तीन अक्तूबर को सुबह नौ बजे श्री चंडिका होमा होगा, जिसकी पूर्णाहूति दोपहर एक बजे होगी। इसके बाद लंगर होगा। आर्ट आफ लिविंग जालंधर परिवार इस अवसर पर समस्त शहरवासियों का अपील करता है कि इन पूजा का हिस्सा बनकर मां का आशीर्वाद हासिल करें। 

प्राचीन पूजाओं का महत्व

श्री महागणपति होमा

किसी भी कार्य की पूर्ति के लिए हम गणेश जी की पूजा करते हैं, जो सभी बाधाओं को दूर कर देते हैं। परंपरा के अनुसार किसी भी यज्ञ को आरम्भ करने से पहले गणेश होम और पूजा की जाती है।

श्री नवग्रह होमा


नौ ग्रह की गति (ग्रहगति) पूरी पृथ्वी को और उसपर रहने वाले सभी जीवों को प्रभावित करती है। इसलिए नौ ग्रहों का सम्मान करते हुए, नौ तरह की आहूति दी जाती पृथ्वी पर जो भी घटना हो रही है, इन ग्रहों का उनपर पूरा प्रभाव रहता है। इसलिए हम नौ ग्रहों की पूजा करते हैं जिससे वे किसी भी नकारात्मक प्रभाव को हम पर पड़ने न दें और जो सकारात्मक प्रभाव वे हमारे ऊपर डाल रहे हैं, उसे और अधिक बढाएं।

श्री महारुद्र होमा

रूद्र होम हमें शान्ति देता है और जीवन से सभी दुखों को मिटा देता है। रूद्र मन्त्र, जिसमें नमक और चमक मन्त्र हैं, उनका इस होमा में जाप किया जाता है। रूद्र मन्त्रों के जाप से हम ध्यान की गहराई में जा पाते हैं और इससे सत्व, रजस और तमस गुणों में संतुलन आता है। 

श्री महा सुदर्शन होमा

सुदर्शन होम किसी भी बुरी नज़र या नकारात्मक प्रभाव को मिटा देता है और हमें परम आनंद की ओर ले जाता है। ‘सुदर्शन मन्त्र’ और ‘विष्णु सहस्रनाम’ का जाप इस होमा में किया जाता है। ‘लक्ष्मी मन्त्र’ और ‘श्रीसूक्त मन्त्र’ का जाप भी सुदर्शन होम में किया जाता है।

श्री नव चंडी होमा

महा चंडी होम को नौ बार कर सकते हैं और इसे नव-चंडी होमा कहते हैं। अष्टमी के दिन प्राचीन नवचंडी होमा पूरे विधि विधान और भव्यता के साथ किया जाता है। चंडी होमा में जीवन में सुख-समृद्धि, कामना पूर्ति प्रदान करता है। इस होमा में बैठने से सभी बुरे प्रभावों का नाश होता है जीवन में सफलता मिलती है।

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