जाली साइन कर 11 पुलिस जवानों की प्रमोशन के मामले में डीजीपी दफ्तर से 2-3 फाइलें गायब, जांच में जुटी एसआईटी

पूर्व डीजीपी के पकड़े गए पीए कुलविन्दर सिंह को सारी जानकारी थी

पूर्व डीजीपी के पकड़े गए पीए कुलविन्दर सिंह को सारी जानकारी थी



जाली साइन कर 11 पुलिस जवानों की प्रमोशन के मामले में डीजीपी दफ्तर से 2-3 फाइलें गायब हो गई हैं

वेब ख़बरिस्तान,चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय के जाली साइन कर 11 पुलिस जवानों की प्रमोशन के मामले में डीजीपी दफ्तर से 2-3 फाइलें गायब हो गई हैं। गायब होने वाली इन फाइलों में पुलिस जवानों की प्रमोशन का रिकॉर्ड है। दरअसल पूर्व डीजीपी के जाली साइनों के आधार पर ही प्रमोशन हुई है। जांच में सामने आया कि फरार आरोपी एसआई सतविन्दर ने 3 बार प्रमोशन हासिल की थी। वह हैड कांस्टेबल से एसआई बन गया था। यह प्रमोशन सतविन्दर ने कुछ ही महीनों में हासिल की थी।

पीए कुलविंदर को थी जानकारी


इस मामले में पूर्व डीजीपी के पकड़े गए पीए कुलविन्दर सिंह को सारी जानकारी थी। आरोपियों ने उसकी मिलीभगत के कारण ही वारदात को अंजाम दिया था। जांच दौरान पता चला कि कुलविन्दर सिंह ने कंप्यूटर पर भी प्रमोशन की लिस्ट बनाई थी, जिसकी उसे पूरी जानकारी थी। कुलविन्दर सिंह को शनिवार को जिला अदालत में पेश किया गया। कुलविन्दर सिंह का पुलिस रिमांड लेने के लिए एसआईटी ने अदालत से 10 दिनों का रिमांड मांगा है।

दफ्तर से फाइलें कैसे गायब हुई ?

पुलिस ने रिमांड के लिए दलील दी कि आरोपी से पता करना है कि दफ्तर से फाइलें गायब कैसे हुईं। मामले में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए कुलविन्दर से पूछताछ करनी है। अदालत ने पुलिस की दलील सुनने के बाद आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। वहीं फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग जगह छापेमारी करने में जुटी हुई है।

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