पीएम वही मोदी हैं जो एमएसपी लागू करवाना चाहते थे – हरसिमरत

Cabinet Minister Harsimrat Kaur Badal

Cabinet Minister Harsimrat Kaur Badal



अकाली वर्करों की मीटिंग में हरसिमरत ने केंद्र को बताया किसान विरोधी

बठिंडा @wkपूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि जो नरेंद्र मोदी सीएम होते हुए 2011 में एमएसपी लागू करवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। प्रधानमंत्री बनते ही उनके सुर बदल गए। उनको पता नहीं क्या हो गया है कि वह अब मान नहीं रहे हैं। किसानों के खिलाफ तीन कानून बनवा दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिअद के अलावा अन्य 16 संगठन भी एमएसपी की बात कर रहे हैं। हरसिमरत कौर बादल बठिडा जिले के गांव गिलपत्ती में वर्करों के साथ बैठक कर रही थीं।

मेरी आवाज दबा दी गई

हरसिमरत ने कहा कि कृषि बिल का मैंने विरोध किया। मंत्रिमंडल ने मेरी आवाज दबा दी।विरोध के बावजूद बिल पास कर दिया गया। इसलिए मैंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सांसद सुखबीर सिंह बादल ने एनडीए से नाता तोड़ लिया।

किसानों से चर्चा करनी चाहिए थी


हरसिमरत ने कहा कि यह बिल किसानों के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के लिए है। इसे पास करने से पहले किसानों से बात करनी चाहिए थी। जब बिल उनके पास फाइल भेजी गई तो उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के लिए तो यह ठीक है लेकिन किसानों के विरोधी है। 

कैप्टन खुद ई-ट्रेडिंग एक्ट लागू कर चुके

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैप्टन सरकार तो खुद अपनी सरकार बनते ही 12 अगस्त को मंडियों को प्राइवेट करने व ई-ट्रेडिग के एक्ट को लागू कर चुकी है। अब कांग्रेस सरकार विरोध का ड्रामा कर रही है। 2017 के कांग्रेस के मैनिफेस्टो में इन बिलों को लाने का जिक्र किया हुआ है। कैप्टन अमरिदर सिंह पहले सोये रहे लेकिन अब विधानसभा में इस बिल के खिलाफ मत पारित कर रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात है कि मत पारित करने के इतने दिन बाद भी इसको संसद में नहीं भेजा गया।

राज्यपाल को मांग पत्र सौंपे वर्कर

हरसिमरत कौर बादल ने अकाली वर्करों व किसानों से आहवान किया है कि वह 1 अक्टूबर को मोहाली में एकत्र होकर राज्यपाल को मांगपत्र सौंपे। इस मौके पर पूर्व मंत्री सिकंदर सिंह मलूका,पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह सेखों, पूर्व सीपीएस सरूप चंद सिगला व पूर्व विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता, गिरदौर सिंह आदि मौजूद थे।

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