क्या बनी पंजाब में लाकडाउन की वजह, कब कम होगा कोरोना का असर



लगातार बढ़ती मौतों की संख्या और कोविड के मरीजों की बढ़ती गिनती देखते हुए कांग्रेस सरकार ने लाकडाउन लगाने का फैसला किया। हालांकि इसमें इस बार काफी ढील दी गई हैं।

वेब खबरिस्तान। पंजाब में कोरोना से मौत और नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इतवार को एक दिन में रिकार्ड 157 लोगों की मौत हुई और संक्रमण के 7327 नए मामले सामने आए। 5244 लोगों ने कोरोना को हराया है। एक्टिव केसों की गिनती 60108 हो गई है। एक्टिव मरीजों में से 7525 आक्सीजन और 229 वेंटीलेटर सपोर्ट पर हैं। 

लुधियाना में सबसे ज्यादा मौतें


बीते 24 घंटे में बठिंडा में सबसे ज्यादा 18, लुधियाना में 17, अमृतसर में 15, फाजिल्का में 13, संगरूर में 12, गुरदासपुर में 11, पटियाला में नौ, जालंधर में आठ, होशियारपुर, एसएएस नगर (मोहाली) व मुक्तसर में सात-सात, फरीदकोट व मोगा में पांच-पांच, तरनतारन व फिरोजपुर में चार-चार, फतेहगढ़ साहिब, मानसा, पठानकोट व रूपनगर में तीन-तीन और बरनाला में एक कोरोना मरीज की मौत हुई।  लुधियाना में सर्वाधिक 1404, मोहाली में 1045, जालंध्र में 725, पटियाला में 602, बठिंडा में 582, फाजिल्का में 373, मानसा में 372, अमृतसर में 344, मुक्तसर में 247 और संगरूर में 209 नए मामले सामने आए। 

स्टडी में दावा - उत्तर भारत में जून के बाद घटेगा कोरोना का असर

पंजाब समेत उत्तर भारत में मई महीने में भी कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान होगा। लुधियाना के क्रिश्चन मेडिकल कालेज एंड अस्पताल (सीएमसीएच) के कम्यूनिटी मेडिसन डिपार्टमेंट की स्टडी के मुताबिकउत्तर भारत में जून के पहले सप्ताह तक कोरोना केस बढ़ते रहेंगे। जून के दूसरे सप्ताह से पीक आनी शुरू हो जाएगी। जून के बाद केसों में कमी आनी शुरू होगी।  

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