अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में कम हो रही आक्सीजन, बढ़ रहे मरीज



नहीं मिल रही लिक्विड आक्सीजन, अन्य राज्यों से ऑक्सीजन के सिलेंडर मंगवाकर कर रहे आपूर्ति

वेब खबरिस्तान। कोरोना के कारण देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। कई राज्यों में सख्ती बढ़ गई है। कई जगह नाइट कर्फ्यू तो कई जगह लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। कोरोना के मामले जिस रफ्तार से बढ़ रह हैं उसी रफ्तार से देश में वैक्सीनेशन अभियान भी तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन कई राज्यों में वैक्सीन की कमी आने की खबरें भी मिल रही हैं।

कोरोना के कारण कृत्रिम आक्सीजन की मांग हर जगह बढ़ गई है। कई अस्पतालों में आक्सीजन की कमी होनी शुरू हो गई है। ऐसे ही हालात अम्रृतसर के गुरुनानक देव अस्पताल के बने हुए हैं। यहां 140 कोरोना मरीज इलाज करवा रहे हैं। लेकिन आक्सीजन की आपूर्ति के लिए अस्पताल प्रशासन को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।


दरअसल, गुरु नानक देव अस्पताल में स्थित लिक्विड आक्सीजन प्लांट में लिक्विड गैस की आपूर्ति नियमित रूप से नहीं पहुंच रही। यहां हिमाचल के बद्दी स्थित एक निजी कंपनी द्वारा आक्सीजन की आपूर्ति की जाती है जोकि दो- तीन दिन बाद सप्लाई हो रही है। इस लिक्विड गैस को अमृतसर में लगे प्लांट में डालकर एयर आक्सीजन में परिवर्तित किया जाता हैं। इन दिनों इस प्लांट में लिक्विड गैस की आपूर्ति ठप हो गई है। ऐसे में विभाग को दूसरे जिलों से तैयार गैस सिलेंडर महंगी कीमत पर खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है। इन सिलेंडरों के जरिए अभी तो आक्सीजन की आपूर्ति जारी है, लेकिन जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ रह है ऐसे में सिलेंडर कम पड़ सकते हैं।

रोजाना 1200 सिलेंडरों की खपत

आक्सीजन की आपूर्ति के लिए अस्पताल के पास दूसरा विकल्प गैसेज यूनिट है। यहां पंजाब की एक निजी कंपनी से सिलेंडर मंगवाकर आक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। रोज 1200 सिलेंडर की खपत हो रही है। इन सिलेंडरों को पाइपलाइन के जरिए वार्डों तक पहुंचाया जा रहा है।

लिक्विड गैस मिले तो खर्चा भी होगा कम : डा. केडी सिंह

अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. केडी सिंह ने कहा है कि वह बद्दी में स्थित कंपनी से बार-बार संपर्क कर लिक्विड गैस की मांग कर रहे हैं। मरीजों को आक्सीजन की आपूर्ति निर्विघ्न की जा रही है। अगर लिक्विड आक्सीजन मिले तो इसे कंप्रेस कर आक्सीजन में बदलना आसान भी है और खर्चा भी कम है।

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