रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपया 51 पैसे हुआ कमजोर, पढ़ें नई कीमत

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ जाने से वहां की मुद्रा यानी डॉलर की कीमत बढ़ जाती है।

अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ जाने से वहां की मुद्रा यानी डॉलर की कीमत बढ़ जाती है।



भारतीय रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

वेब खबरिस्तान, नई दिल्ली । भारतीय रुपए में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 22 सितंबर के शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 51 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 80.47 रुपए पर खुला है। इससे पहले बुधवार यानी 21 सितंबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे गिरकर 80 के स्‍तर पर बंद हुआ था।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के ब्याज दर बढ़ाने का असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने बुधवार को लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों में 0.75% की बढ़ोतरी की। ब्याज दरें बढ़ाकर 3-3.25% की गई हैं। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार तीसरी बार ब्याज दरें बढ़ी हैं।


अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ जाने से वहां की मुद्रा यानी डॉलर की कीमत बढ़ जाती है। डॉलर मजबूत होने लगता है। इससे डॉलर की तुलना में रुपया जैसी दूसरी करेंसीज की वैल्यू घट जाती है। दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों द्वारा भारत से पैसा निकाला जाता है, तब भी रुपया कमजोर होगा।

कहां नुकसान या फायदा?

नुकसान: कच्चे तेल का आयात महंगा होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी। देश में सब्जियां और खाद्य पदार्थ महंगे होंगे। वहीं भारतीयों को डॉलर में पेमेंट करना भारी पड़ेगा। यानी विदेश घूमना महंगा होगा, विदेशों में पढ़ाई महंगी होगी।

फायदा: निर्यात करने वालों को फायदा होगा, क्योंकि पेमेंट डॉलर में मिलेगा, जिसे वह रुपए में बदलकर ज्यादा कमाई कर सकेंगे। इससे विदेश में माल बेचने वाली IT और फार्मा कंपनी को फायदा होगा।

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