महिलाओं को गंदे इशारे करने वाले बंदर को उम्रकैद की सजा



250 से ज्याद लोगों को घायल कर चुका है कालिया बंदर

खबरिस्तान नेटवर्क। लोगों ने मिर्जापुर की वेब सीरीजी तो खूब देखी लेकिन आज हम आपको मिर्जापुर के कालिया बंदर की कहानी बताने जा रहे हैं। इस बंदर ने पूरे मिर्जापुर में आतंक मचा रखा था। बंदर के आतंक से इलाके की महिलाएं और बच्चे खौफजदा थे। इस खतरनाक कालिया बंदर ने 250 महिलाओं और बच्चों को अपना निशाना बनाया। गंभीर रूप से घायल किया था।


बंदर की हरकतों से तंग आकर वन विभाग ने कालिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कालिया बंदर ये सजा कानपुर के प्राणी उद्यान के बंद पिंजरे में काट रहा है। आइए आपको सिलसिलेवार कालिया बंदर की पूरी दास्तां सुनाते हैं। मिर्जापुर में 5 साल पहले एक बंदर ने जमकर आतंक मचा रखा था वह महिलाओं और बच्चों को देखते ही उनके ऊपर काटने को दौड़ने लगता था इतना ही नहीं वह सिर्फ महिला और बच्चों को ही अपना शिकार बनाता था उसने लगभग 250 लोगों को बुरी तरीके से काटा था जिसके बाद कानपुर प्राणि उद्यान के पशु चिकित्सक डॉक्टर मोहम्मद नासिर ने उसको मिर्जापुर से पकड़ा था जिसके बाद से वह कानपुर चिड़ियाघर में पिंजरे में बंद है।

दरअसल कालिया बंदर को कानपुर के Zoo में सजा काट रहे पांच साल हो चुके हैं। हैरानी की बात ये है कि इन पांच सालों में उसके हाव भाव और हरकतों में कोई फर्क नहीं आया है। यही वह है कि उसे कैद से आजाद नहीं किया जा रहा है और उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी गई है। यूं तो कानपुर के चिड़िया घर में कई शैतान बंदर सजा काट रहे हैं जिनको रिहा करने की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक कालिया बंदर की किस्मत में फिलहाल रिहाई नहीं है। कालिया को ताउम्र कैद में ही रहना होगा क्योंकि उसकी हरकतें अभी भी खतरनाक हैं। वो अभी लोगों पर अटैक करने को दौड़ता है।

कालिया महिलाओं को देखकर तरह तरह के इशारे भी करता है और मन ही मन बुदबुदाने लगता है। 5 साल उसको कैद में रहते हुए हो गया है लेकिन अभी भी वह महिलाओं को देखते ही गंदे गंदे इशारे करता है और मन ही मन कुछ बोला करता है। डॉ मोहम्मद नासिर ने बताया कि कालिया को एक तांत्रिक ने पाल के रखा था। ये तांत्रिक बंदर को खाने में मांस और पीने के लिए दारू देता था। यही वजह है कि कालिया के स्वभाव में परिवर्तन हो गया और वो हिंसक हो गया। तांत्रिक की मौत के बाद वन विभाग ने कालिया को पकड़ लिया।

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