इंटरनेशनल फॅमिली डे आज: बढ़ रही परिवारों की अहमियत, जानें कब हुई इस दिन की शुरुआत

इंटरनेशनल  फॅमिली डे आज

इंटरनेशनल फॅमिली डे आज



कोरोना को ध्यान में रख कर रखी गयी इस साल की थीम

वेब ख़ब्रिस्तान: परिवार एक ऐसी दौलत है जिसने उसकी अहमियत समझ ली, मानो उसको सारा जहां मिल गया हो। आज 15 मई को परिवार की अहमियत बताने के मकसद से इंटरनेशनल फॅमिली डे पूरे वर्ल्ड में मनाया जाता है। लेकिन कोरोना के चलते बहुत से लोग अपने परिवार से जुदा भी हैं और कुछ covid पेशेंट्स की जान बचाने के लिए दिन रात हॉस्पिटल में सेवा कर रहे हैं। ऐसे में परिवार के साथ इनदिनों जो लोग घरों में सेफ हैं उनके लिए तो मानो सारा जहां उनके क़दमों में आ गया हो।

 

क्यों मनाया जाता है ये दिन


फॅमिली की इम्पोर्टेंस को मेन्टेन रखने के लिए साल 1993 में संयुक्त राष्ट्र जनरल एसेंबली ने हर साल इंटरनेशनल फॅमिली डे मनाने की घोषणा की थी तभी से लेकर इस दिन को हर साल 15 मई को मनाया जाता है। इसके अलावा इस दिन को दुनिया भर के लोगों को उनकी फॅमिली से जोड़ कर रखने के लिए और फॅमिली की इम्पोर्टेंस को युवां वर्ग में जागरूकता फैलाने को लेकर इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई थी

2021 इंटरनेशनल डे थीम

यहां आपको बता दें इंटरनेशनल फॅमिली डे हर साल एक थीम पर आधारित होता है साल 2020 में इस दिन का थीम परिवार और जलवायु संबंधरखा गया था वहीँ इस साल संयुक्त राष्ट्र ने कोरोना महामारी को देखते हुए 2021 के लिए 'परिवार और नई प्रौद्योगिकियां' थीम रखी है। इस थीम को रखने का महत्त्व यह है कि आज लगभग परिवार का हर सदस्य डिजिटल हो चूका है और घर में लॉक होते हुए भी डिजिटल तरीके से काम कर रहा है

लॉक डाउन ने बदल दिया परिवारों के नियम और ढंग

साल 2020 से बहुत सी लोगों की ज़िन्दगी में बदलाव आया है। कहने का मतलब कि जहां पिछले कई सालों से एक ही घर में रहने के बाजजूद एक दूसरे से नहीं मिल पाते थे, वहीँ कोरोना ने दुखों के बीच बहुत सी खुशियाँ भी लौटाई हैं। अब परिवार के सभी मेम्बेर्स एकदूसरे के साथ टाइम स्पेंड करते हैं। मेट्रो सिटी में जब ये बीमारी हावी होने लगी और कुछ नहीं बचा तो सबको सिर्फ एक ही रास्ता दिखा और वो था अपने अपने घर जाने का। अब जब ये बीमारी थमने का नाम नहीं ले रही और लोग अपने अपने घरों में फिर से लॉक हैं।

 

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