नवरात्र के छठे दिन इन उपायों से करें मां कात्यायनी देवी को प्रसन्न



खबरिस्तान नेटवर्क। नवरात्र के छठवें दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। माता कात्यायनी को ब्रज की अधिष्ठात्री देवी हैं। मां के इस स्वरूप की पूजा करने से अविवाहत जातकों के लिए विवाह के योग बनते हैं। इस दिन कुछ उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कष्ट दूर होते हैं। नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है और एक अक्टूबर को नवरात्र का छठवां दिन है। इस दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की जाती है। माता का यह स्वरूप संयम और साधनारत का प्रतीक है। माता कात्यायनी महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनकी इच्छा अनुसार उनके यहां पुत्री के रूप में पैदा हुई थीं। माता के इस स्वरूप की पूजा करने और इस दिन कुछ उपाय करने से जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर होती हैं और विवाह योग्य जातकों के लिए विवाह के योग बनते हैं। माता का यह स्वरूप बेहद निर्मल और पावन माना जाता है, इनकी सच्चे मन से पूजा और प्रार्थना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के षष्ठी तिथि को मां कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए कौन से उपाय करने से चाहिए...

जीवन की बाधाएं होती हैं दूर

नवरात्र के छठवें दिन मनोकामना पूर्ति के लिए गोबर के उपले या कंडे जलाकर उस पर लौंग व कपूर की आहुति दें। इसके बाद शहद का भोग लगाएं और आरती उतारें। ऐसा करने से जीवन में आ रही बाधा दूर होती है और मां के आशीर्वाद से मनुष्य की आकर्षण शक्ति में काफी वृद्धि होती है।

बनते हैं विवाह के योग


अविवाहिक जातकों या फिर जिनके विवाह में बाधा आ रही होती है, उनको मां कात्यायनी की विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके लिए माता के मंदिर में श्रृंगार और पूजन से संबंधित चीजों का दान करें और माता से प्रार्थना करें। इसके बाद इस मंत्र का जप करें। ऐसा करने से विवाह के योग बनना शुरू हो जाते हैं।चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना ।कात्यायनी च शुभदा देवी दानवघातिनी ॥

जीवन में आती है तरक्की

नौकरी व व्यवसाय में उन्नति के लिए मिट्टी के दो दीपक लें और उनमें कपूर देवी के सामने जलाएं। कपूर के ऊपर लौंग के दो जोड़े भी रख दें। इसके बाद सरसों के तेल का दीपक बनाकर आरती उतारें। ऐसा करने से तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है और आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं।

धन संबंधित समस्या होती है दूर

नवरात्रि के छठवें दिन एक नारियल लें और उसके साथ एक लाल, पीले और सफेद रंग का फूल लेकर माता को अर्पित कर दें। इसके बाद नवरात्रि की नवमी तिथि की शाम को फूलों को नदी में प्रवाहित कर दें और नारियल पर लाल कपड़ा लपेटकर तिजोरी या फिर अलमारी में रख दें। ऐसा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और अटका धन भी प्राप्त होता है।

आरोग्य की होती है प्राप्ति

कफ, पित्त व गले से संबंधित परेशानी है तो माता कात्यायनी की पूजा इन सभी के लिए बेहद फलदायी मानी जाती है। आर्युवेद में माता कात्यायनी को अम्बा, अम्बिका और अम्बालिका के नाम से भी जाना जाता है। नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से आरोग्य की भी प्राप्ति होती है। 

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