कोरोना से रिकवर होने के लिए बेस्ट ऑप्शन प्रोन पोजीशन



​​​​​​​लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले, इस तरह से रखें अपना ध्यान

वेब खबरिस्तान, जालंधर। देश में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है। ऐसे में इसकी चपेट में लाखों लोग आ रहे हैं। अगर आप भी कोरोना की चपेट में हैं और खुद को घर में ही ISOLATE कर रहे हैं और अगर आपको कभी-कभी सांस लेने में दिक्कत हो रही हैं तो घबराएं नहीं। प्रोन पोजीशन में सांस लेने से यह तकलीफ भी कम हो सकती है।

डॉक्टरों ने प्रोन पोजिशन को बताया संजीवनी

आपको बता दें कोरोना के कारण अधिकतर मरीजों को सांस लेने में ही दिक्कत आती है। ऐसे में ऑक्सीजन का लेवल गिरने पर अगर समय से वेंटीलेटर नहीं मिल पा रहा हो तो प्रोन पोजीशन ऑक्सीजनेशन तकनीक 80 प्रतिशत तक कारगर है। वहीँ हर मेडिकल सिस्टम के माहिर डॉक्टरों ने प्रोन पोजिशन को अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों के लिए संजीवनीबताया है।

काफी पुरानी तकनीक है प्रोन


प्रोन पोजीशन बहुत ही पुरानी तकनीक है। बॉडी में आक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने के लिए इसे यूज किया जाता है। यह बहुत फायदेमंद है जिसे देखते हुए भारत सरकार हेल्थ  मिनिस्ट्री  ने भी अपने सोशल मीडिया पर बहुत बार इसकी इनफार्मेशन शेयर की है। इस समय जो लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके है या फिर ऐसे लोग जिन्हें कोरोना के माइल्ड लक्षण लग रहे हों, जिसमे सांस लेने में किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो वो इस प्रोन पोजीशन को अपना कर अपनी कुछ परेशानी कम कर सकते हैं।

40 मिनट लेटें पेट के बल

सिर्फ 40 मिनट पेट के बल लेट कर ऑक्सीजन लेवल को अप किया जा सकता है। यानी मरीज को पेट के बल लेटाने के बाद, गर्दन के नीचे एक तकिया, पेट-घुटनों के नीचे दो तकिए और पंजों के नीचे एक तकिया लगा कर 40 से 45 मिनट के लिए इसी पोजीशन में रहने दिया जाता है। हाथों की पोजीशन को कमर के पैरेलल रख सकते हैं। इस पोजीशन को हर 6 घंटे में दौराना चाहिए। इससे लंग्स में खून का संचार अच्छा होने लगता है। लंग्स में मौजूद फ्लूड इधर-उधर हो जाता है, जिससे लंग्स में ऑक्सीजन आसानी से पहुंचती रहती है।

तो घर पर सुरक्षित रहें और इस प्रोन पोजीशन को जरुर करें। लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा ही परशानी का सामना करना पड़ रहा है तो अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।

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