जल्द होगी भारत में कोरोना की पहली नेजल वैक्सीन की शुरूआत

जल्दी ही भारत में शुरू होगी नेजल वैक्सीन

जल्दी ही भारत में शुरू होगी नेजल वैक्सीन



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ये बात कही है। माना जा रहा है कि जनवरी तक देश में नेजल वैक्सीन आ सकती है।

वेब ख़बरिस्तान। कोरोना का कहर इतना ज्यादा बड गया है कि हर किसी को प्रति सावधान रहने की जरुरत है। आपको बता दें, भारत को जल्द ही कोरोना की पहली नेजल वैक्सीन मिल सकती है। अभी तक तक तो कोरोना वैक्सीन की डोज़ लेने के लिए इंजेक्शन का यूज़ किया जा रहा है। लेकिन अब इसकी वैक्सीन लगवाने के लिए का इंजेक्शन नही नाक से वैक्सीन दी जाएगी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ये बात कही है। माना जा रहा है कि जनवरी तक देश में नेजल वैक्सीन आ सकती है।

क्या होती है नेजल वैक्सीन?

आपको बता दें, अभी तक हम सभी को मांसपेशियों में इंजेक्शन के जरिए वैक्सीन दी जा रही थी। जिसे इंट्रामस्कुलर वैक्सीन कहते हैं। लेकिन अब नेजल वैक्सीन दी जाएगी, क्योंकि ये नाक के जरिए दी जाती है इसलिए इसे इंट्रानेजल वैक्सीन कहा जाता है। यानी इसे इंजेक्शन से देने की जरूरत नहीं पड़ेगी और न ही ओरल वैक्सीन की तरह ये पिलाई जाएगी। यह एक तरह से नेजल स्प्रे जैसी ही हो सकती है। यह वैक्सीन नाक के अंदरुनी हिस्सों में प्रतिरोधक क्षमता तैयार करेगी, चूंकि ज्यादातर वायरस जनित बीमारियों में संक्रमण का रूट नाक ही होता है। ऐसे में नाक से टीका लगाने से संक्रमण को रोकने में ज्यादा मदद मिल सकती है। वहीं ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए भारत में नेजल वैक्सीन के निर्माण पर काम तेज कर दिया गया है।

भारत में इस वैक्सीन का क्या नाम होगा


सूत्रों के मुताबिक भारत में जो वैक्सीन मिल सकती है उसे BBV154 नाम दिया गया है। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक और वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन  मिलकर बना रहे हैं। भारत बायोटेक ने कहा है कि वो 2022 में वैक्सीन के 100 करोड़ डोज के प्रोडक्शन का टारगेट मान कर चल रही है।

ये वैक्सीन बाकी वैक्सीन से कितनी अलग

देश में अब तक 8 वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है। ये सभी इंट्रामस्कुलर वैक्सीन हैं, यानी इन्हें इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है। वहीं, BBV154 इंट्रानेजल वैक्सीन है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो ये देश की पहली इंट्रानेजल वैक्सीन होगी। वहीँ अभी देश में स्पूतनिक, कोवीशील्ड और कोवैक्सीन लगाई जा रही है। ये तीनों वैक्सीन डबल डोज वैक्सीन हैं। BBV154 को केवल एक बार ही दिया जाएगा।

नेजल वैक्सीन के फायदे

भारत में इस समय लग रही वैक्सीन के दो डोज दिए जा रहे हैं। दूसरे डोज के 14 दिन बाद वैक्सीनेट व्यक्ति सेफ माना जाता है। ऐसे में नेजल वैक्सीन 14 दिन में ही असर दिखाने लगती है। इफेक्टिव नेजल डोज न केवल कोरोनावायरस से बचने का काम करती है, बल्कि बीमारी फैलने से भी रोकेगी। मरीज में माइल्ड लक्षण भी नजर नहीं आएंगे। वायरस भी शरीर के अन्य अंगों को नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा।

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