टेलिकॉम और ऑटो सेक्टर में बड़े फैसले - सिम लेने के लिए अब नहीं भरना होगा केवायसी फॉर्म



प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में टेलीकॉम और ऑटो सेक्टर्स से संबंधित कई बड़े फैसले किए गए।

वेब ख़बरिस्तान, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में टेलीकॉम और ऑटो सेक्टर्स से संबंधित कई बड़े फैसले किए गए। केंद्र सरकार की ओर से टेलीकॉम सेक्टर के लिए राहत पैकेज को मंजूरी दे दी गई है। टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100%  एफडीआई को भी मंजूरी मिल गई है। सरकार ने ऑटो और ड्रोन सेक्टर के लिए 26,058 करोड़ रुपए की पीएलआई स्कीम को मंजूरी दे दी है। इसमें से 25,938 करोड़ रुपए ऑटो मोबाइल सेक्टर का दिया जाएगा और 120 करोड़ ड्रोन इंडस्ट्री को दिया जाएगा।

ऑटो सेक्टर में अगले 5 साल में 47,500 करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा

अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले से ऑटो सेक्टर में सरकारी अनुमान के अनुसार 7.6 लाख लोगों को नौकरियां मिलेंगी। देश में इलेक्ट्र‍िक वाहनों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। ऑटो सेक्टर में अगले 5 साल में 47,500 करोड़ रुपए का नया निवेश आएगा।

एजीआर में ब्याज को कम करके 2% सालाना किया गया


केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि टेलीकॉम सेक्टर में 9 बडे़ स्ट्रक्चरल बदलाव करने का फैसला किया गया है। एजीआर की परिभाषा को बदलते हुए इससे गैर टेलीकॉम रेवेन्यू को बाहर किया जाएगा और एजीआर ब्याज को कम करके 2% सालाना किया गया है। इस पर लगने वाली पेनल्टी को भी खत्म कर दिया गया है।

100% FDI को मंजूरी दे दी गई

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट से 100% FDI को मंजूरी दे दी गई है। केवायसी अब पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। सिम लेने या पोस्टपेड से प्रीपेड में कराने जैसे सभी कामों के लिए अब कोई फॉर्म नहीं भरना होगा। इसके लिए डिजिटल केवायसी मान्य होगी। सिम लेते वक्त दिए गए डॉक्यूमेंट्स, जो वेअरहाउस में हैं उन्हें भी डिजिटलाइज्ड किया जाएगा।

पीएलआई स्कीम का फायदा किसे मिलेगा?

पीएलआई स्कीम का फायदा केवल उन्हीं कंपनियों को मिलेगा जो रेवेन्यू और निवेश की शर्तों का पालन करेंगी। फोर व्हीलर कंपनियों को अगले 5 साल में कम से कम 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा। वहीं टू और थ्री व्हीलर के लिए 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा।

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