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ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स ने स्क्विड गेम को लेकर कही यह बात पढ़ें पूरी खबर

ओ.टी.टी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स ने स्क्विड गेम को लेकर कही यह बात, पढ़ें पूरी खबर

स्क्विड गेम के दूसरे सीजन का हुआ अपडेशन, गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स में मिल चुकी है बड़ी जीत

कोरोना से रिकवर होने के बाद भी परेशान हैं खांसी से तो खुद न करें इलाज डॉक्टर की सलाह से लें मेडिसिन

कोरोना से रिकवर होने के बाद भी परेशान हैं खांसी से, तो खुद न करें इलाज, डॉक्टर की सलाह से लें मेडिसिन

कोरोना से रिकवर होने के बाद भी महीनों तक कई लोगों को खांसी नहीं जाती है। घर में हो या ऑफिस बीच-बीच में खांसी आती ही रहती है। इसकी वजह से आप अपने काम में फोकस नहीं कर पाते और खुद को बीमार महसूस करने लग


मौत सिखाने वाले गुरु की मौत आज भी रहस्य है

मौत सिखाने वाले गुरु की मौत आज भी रहस्य है

वेब खबरिस्तान। ऊपर वाले की करनी कोई नहीं समझ सकता। कौन सोच सकता है कि जो लोगों को मरना सिखाते थे उनकी अपनी मौत बेहद संदिग्ध होगी। जी हां हम बात कर रहे हैं कुशल वक्ता, दार्शनिक, आलोचक और गुरू ओशो की। 1931 में मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा गांव में पैदा हुए ओशो का घरवालों ने नाम रखा रजनीश चन्द्र मोहन जैन। जो बाद में आचार्य रजनीश और फिर ओशो हुआ। फिलास्फी के प्रोफेसर ने पढ़ाना छोड़ 60 के दशक में पब्लिक टाक्स शुरू कीं। विचार क्रांतिकारी थे और स्टाइल बेहद मनमोहक। 1969 में विश्व हिंदू कांफ्रेंस में उन्होंने ये कहकर हंगामा खड़ा कर दिया कि – जो धर्म जीवन को व्यर्थ बताए, वो धर्म नहीं। सुनने वालों में बैठे पुरी के शंकराचार्य नाराज हुए और उन्होंने ओशो का भाषण रोकने की भी कोशिश की। फिर पुणे को कोरेगांव में आश्रम बनाया। आश्रम की व्यवस्था और ओशो की ध्यान विधियां गोरों बहुत पसंद आईं और अस्सी के दशक में हजारों गोरे यहां आने लगे। आश्रम को लेकर तरह-तरह की बातें उठीं। उस पर ओशो कहते थे- मृत्यु का उत्सव मनाओ। ओशो का स्टाइल और बातें भारत में कुछ लोगों को चुभने लगीं। ओशो सेक्स पर खुलकर बात करते थे। अमेरिका ने देश निकाला दिया ओरेगॉन में करीब 64, 229 एकड़ बंजर ज़मीन खरीदकर ओशो को शिष्यों ने अमेरिका बुला लिया। देखते ही देखते शिष्यों बंजर जमीन पर बड़ी-बड़ी इमारतें, सड़कें और हाल बना लिए। यहां तक कि कम्युन ने अपना जहाज भी खरीद लिया। आसपास रहने वाले अमेरिकीयों को ये रास नहीं आया और ओशो पर कई आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर देश निकाला दे दिया। 21 देशों ने उनकी एंट्री बैन कर दी। 1985 में ओशो वापस पूना लौट आये और 19 जनवरी को आज ही के दिन 1990 को उनकी मौत हो हुई। मगर आज भी ओशो की मौत एक रहस्य ही है। कुछ लोग कहते हैं कि गिरफ्तारी के दौरान अमेरिका ने ओशो को थेलियम नाम का स्लो पॉइजन दिया था, जिससे उनकी धीरे-धीरे मौत हुई। 19 जनवरी को आखरी सांस ली कुछ लोग उनकी मौत की वजह उनकी जायदाद को मानते हैं। 19 जनवरी को ओशो को डाक्टर गोकुल गोकानी को दोपहर एक बजे ये कर कर बुलाया गया कि किसी की तबीयत खराब है जल्दी आएं। मगर गोकानी को शाम 5 बजे ओशो से मिलवाया गया। पास अमृतो और जयेश (माइकल ओ ब्रायन) मौजूद थे। ओशो के हाथ में उल्टियों की छीटें थे। चार घंटे क्या हुआ कोई नहीं जानता। आश्रम में मौजूद डाक्टरों को क्यों नहीं बुलाया गया। उन्हें अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया ये आज तक कोई नहीं जानता। बकौल गोकानी- अमृतो ने उन्हें कहा ओशो ने अभी-अभी शरीर छोड़ा है। आपउनका डेथ सर्टिफिकेट लिख दो। मगर उनका शरीर गर्म था और साफ़ है कि मौत एक घंटे से पहले नहीं हुई थी। गोकानी कहते हैं उन्होंने ओशो को अंतिम सांस लेते नहीं देखा। जब जयेश और अमृतो से मौत की वजह पूछी तो उन्होंने गोकानी से कहा लिख दो दिल की बीमारी से मौत हुई। दिल की बिमारी में पोस्टमार्टम नहीं होता। ओशो की सेक्रेटरी नीलम के मुताबिक जब उन्होंने ओशो की मां को उनकी मौत की बात बताई तो उन्होंने कहा –”नीलम, उन्होंने उसे मार दिया.” मौत सिखाने वाले की अपनी मौत आज भी रहस्य के पर्दे के पीछे छिपी है। पुणे आश्रम में उनकी कब्र पर लिखा है- ओशो, जो न पैदा हुए न मरे। इस धरती पर 11 दिसम्बर 1931 से 19 जनवरी 1990 के बीच भ्रमण के लिए आए। 19 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएं – Important events of January 19 1795 – फ्रांसीसी फ़ौजों ने हॉलैंड को तबाह किया।1927 – ब्रिटेन ने अपनी सेना को चीन भेजने का निर्णय लिया।1942 – दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने बर्मा (वर्तमान म्यांमार) पर कब्ज़ा किया।1977 – समुद्र तटों के लिए प्रसिद्ध अमेरिका के मिआमी शहर में पहली बार बर्फ़ गिरी।1986 – पहला कम्प्यूटर वायरस सी.ब्रेन एक्टिव किया गया। भारत -इंदिरा तीसरी बार प्रधानमंत्री बनीं 1966 – इंदिरा गांधी को आज ही के दिन भारत का तीसरा प्रधानमंत्री चुना गया।1975 – हिमाचल प्रदेश में भूकंप आया।2003 – पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक सुधीर व्यास को प्रताड़ित किया गया।2005 – सानिया मिर्ज़ा लॉन टेनिस के आस्ट्रेलिया ओपन के तीसरे दौर में पहुँचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 19 जनवरी जन्मदिन – Born on 19 January कैफ़ी आज़मी 1919, उर्दू शायरसौमित्र चटर्जी 1935, बंगाली फ़िल्म अभिनेता 19 जनवरी पुण्यतिथि – Died on 19 January महाराणा प्रताप, 1597, मेवाड़ के राजपूत वीरदेवेन्द्र नाथ टैगोर, 1905, नोबेल पुरस्कार विजेता रबीन्द्रनाथ टैगोर के पिता और भारतीय चिंतक, विचारकआचार्य रजनीश (ओशो) 1990, धर्मगुरुउपेंद्रनाथ अश्क 1995, हिन्दी साहित्यकार

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अफसर का सिर काट उसके साथ फुटबाल खेला था इस हत्यारे ने

अफसर का सिर काट उसके साथ फुटबाल खेला था इस हत्यारे ने

खबरिस्तान फैक्ट। आज ही के दिन मैसूर के गोपीनाथ में एक बच्चे का जन्म हुआ था, जो बाद में दहशत का पर्याय बना। उसका नाम था कूस मुनिस्वामी वीरप्पन। शिकार करते करते वो तस्करी और फिर हत्यारा बना। जब वो 17 साल का था तो उसने पहली बार एक हाथी का शिकार किया। वो माथे के बीचो बीच गोली मारकर हाथी को मार गिराता था। वो इतना जालिम था कि उसे गिरफ्तार करने वाले अफसर का सिर काटकर उसने और उसके साथियों ने फुटबाल खेला था। उसने अपनी मासूम बच्चो को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि जंगल में उसके रोने की आवाज से उसके पकड़े जाने का खतरा था। बीस साल तक पुलिस के हाथों से बचता रहा। आखिर में मुख्यमंत्री जयललिता की ओर से बनाई एसटीएफ ने उसे आंख के इलाज के बहाने एंबुलेंस में जंगल से निकाला और फिर उसे हथियार डालने के लिए कहा। मगर वीरप्पन और उसके दो साथियों ने गोली चला दी। इधर पहले तैयार एसटीएफ ने एंबलेंस पर फायर खोल दिया और बीस मिनट में वीरप्पन और उसके साथी मारे जा चुके थे। पुलिस से बचने के लिए वीरप्पन ने अपनी मूंछें कटवा रखी थीं। दुनिया – पहली बार लाई डिटेक्टर का इस्तेमाल 1896 – एक्सरे मशीन का पहला प्रदर्शन किया गया।1911- पहली बार किसी छोटी हवाई पट्टी पर अमेरिकी पायल ने प्लेट लैंड करवाया।1919 – ब्रिटिश कंपनी बेंटले मोटर्स लिमिटेडकी स्थापना हुई।1951 – नीदरलैंड में पहली बार लाई डिटेक्टर मशीन का इस्तेमाल हुआ।1989 – चेकोस्लोवाकिया में आज़ादी, सच्चाई और मानवाधिकार के समर्थन में करोड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया।1995 – याहू डॉट कॉम (yahoo.com) का डोमेन आज ही के दिन बनाया गया था।2006 – इच्छा मृत्यु पर संयुक्त राज्य अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगायी। भारत – नफीसा जोसेफ मिस इंडिया बनीं 1930 – महान लेखक रवीन्द्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम की यात्रा की।1959 – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सहयोगी मीरा बेन (मैडलिन स्लैड) ने भारत छोडा।1997 – नफीसा जोसेफ़ मिस इंडिया चुनीं गईं।2009 – सौरव गांगुली को बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने सोने के बैट से सम्मानित किया। 18 जनवरी जन्मदिन – Born on 18 January मुहम्मद अली 1942, मुक्केबाज़वीरप्पन 1952, शिकारी, तस्कर, हत्याराविनोद काम्बली 1972, क्रिकेट खिलाड़ीअपर्णा पोपट 1978, भारत की बैडमिंटन खिलाड़ीमिनिषा लांबा 1985, बालीवुड अभिनेत्री 18 जनवरी पुण्यतिथि – Died on 18 January कुंदन लाल सहगल 1947, प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और गायकसआदत हसन मंटो 1955, उर्दू के प्रसिद्ध कवि और लेखकलक्ष्मी नारायण साहू 1963, उड़ीसा के सार्वजनिक कार्यकर्ता और समाजसेवीहरिवंशराय बच्चन 2003, लेखक और कविजूली विनफ़्रेड बर्टरंड 2007, दुनिया की सबसे वृद्ध महिला

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सावधान! आर्डर से आये गये खाने को ध्यान से देख कर ही खाएं

सावधान! आर्डर से आये गये खाने को ध्यान से देख कर ही खाएं

वेब ख़बरिस्तान। आज कल घर में अगर खाना बनाने का मन न हो, तो हम सभी आर्डर करके मंगवा लेते हैं। या फिर हम घर से कहीं दूर रह रहे हो, तो भी आर्डर कर लेते हैं। लेकिन अगर आपके आर्डर किये गये खाने में से कोई ऐसी चीज निकल जाएं, जिसे आप खा नहीं सकते, तो आप क्या करेंगे। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक रेस्तरां से ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाने का, जिसमे से छिपकली खाने में पाई गयी है। अब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत ट्विटर के जरिए कंपनी से की है। 14 जनवरी को हुई विडियो शेयर <blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/zomato?ref_src=twsrc%5Etfw">@zomato</a> <a href="https://twitter.com/zomatocare?ref_src=twsrc%5Etfw">@zomatocare</a> shocked now to find a dead lizard in the food we ordered from &quot;Punjabi Rasoi&quot; restaurant at Greater Noida West. Now we all are purposely throwing up. On top of covid this was so absurd experience. <a href="https://twitter.com/zomato?ref_src=twsrc%5Etfw">@zomato</a> are you really parterning with anyone? <a href="https://t.co/Zr1Xfy01Aa">pic.twitter.com/Zr1Xfy01Aa</a></p>&mdash; Kaustav Kumar Sinha (@kaustav2277) <a href="https://twitter.com/kaustav2277/status/1481939781613670400?ref_src=twsrc%5Etfw">January 14, 2022</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script> 14 जनवरी को कौस्तव कुमार सिन्हा ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया, जिसमे उन्होंने रेस्तरां से मंगाई सब्जी में छिपकली निकलने का आरोप लगाया है। वीडियो में शख्स ने बताया है कि उसने नोएडा के ग्रेनो वेस्ट स्थित पंजाबी रसोई रेस्तरां से खाना मंगवाया था। उसने जैसे ही खाना खोला उसके अंदर से मरी हुई छिपकली निकली। मरी हुई छिपकली को देखकर शख्स के होश उड़ गए और फिर पीड़ित युवक ने ट्विटर के जरिए इसकी शिकायत दर्ज की। इस ट्वीट के बाद कंपनी ने मामले पर एक्शन लेते हुए शख्स को रिप्लाई करते हुए कंपनी ने कहा जिस पंजाबी रसोई नाम के रेस्तरां पर आरोप लगाया था। उससे लगातार उसके फोन नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन उनकी तरफ से फोन उठाया ही नहीं गया।

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एक अभेद्य किला जो धोखे से या सोने की चाबी से खुलता था

एक अभेद्य किला जो धोखे से या सोने की चाबी से खुलता था

वेब खबरिस्तान। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में गांव है असीरगढ़। असीरगढ़ में स्थित है ऐताहासिल किला, जिसे फतेह करना नामुमकिन समझा जाता था। ये इमारत दुनिया में उन चुनिंदो किलों में से एक है जिन्हें युद्ध में भेदना और जीतना नामुमकिन माना जाता था। किला किसने बनाया कोई स्पष्ट नहीं बताता। कुछ इतिहासकार इसे गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की अमरत्व की गाथा से जोड़ते हैं और इसे उनकी पूजा स्थली बताते हैं। बुरहानपुर के गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के पास सुरंग भी है, जो असीरगढ़ तक जाती है। कहते हैं कि पर्व पर अश्वत्थामा ताप्ती नदी में स्नान करने आते हैं। किले का नाम आशा अहीर नामक व्यक्ति से जुडता है। कहते हैं कि उसने पशुओं की रक्षा के लिए बनाया था। अहीर नाम उसी से जुडा है। फ़िरोज़शाह तुग़लक़ के सिपाही मलिक ख़ाँ के पुत्र नसीर ख़ाँ फ़ारूक़ी ने धोखे से अहीर को मारकर इस पर कब्जा कर लिया था। बाद में अकबर ने उसी तरह धोखे से नसीर खां को बंदी बनाकर किले पर तैनात सिपाहियों को सोने हीरे के ज्वाहरात देकर कब्जा किया था। इसीलिए इतिहासकार कहते हैं कि अकबर ने भी उसे युद्ध से नहीं बल्कि सोने की चाबी से खोला था। 17 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएं – Important events of January 17 1601 – मुग़ल बादशाह अकबर ने असीरगढ़ के अभेद किले में प्रवेश किया।1941 – स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस कलकत्ता से जर्मनी के लिए रवाना हुए।1985 – इंगलैंड के खिलाफ भारतीय क्रिकेटर अजहरुद्दीन ने दूसरा टेस्ट शतक लगाया।1989 – उत्तरी ध्रुव पर पहुंचने वाले कर्नल जेके बजाज पहले भारतीय बने। दुनिया – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक 1871 – केबल कार सिस्टम के लिए एन्डू एस. हैलिदी को पेटेंट दिया गया।1917 – 2.5 करोड़ डॉलर में वर्जिन आइलैंड्स को अमेरिका ने खरीदा।1946 – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई।1949 – फॉक्सवैगन की पहली बीटल कार जर्मनी से अमेरिका पहुँची। 17 जनवरी जन्मदिन – Born on 17 January कोंस्तेंतिन स्तानिस्लावस्की (1863), महान् रशियन अभिनेताबाबू गुलाबराय (1888), भारत के प्रसिद्ध निबन्धकार, व्यंग्यकार और साहित्यकारडी. आर. कापरेकर (1905), भारतीय गणितज्ञएल.वी प्रसाद (1908), भारतीय सिनेमा के निर्माता-निर्देशक तथा अभिनेताएम जी रामचंन्द्रन, (1917), अभिनेता तथा राजनेताकमाल अमरोही (1918), मशहूर फ़िल्म निर्माता-निर्देशकनाजिम हिकमत (1920), तुर्की के क्रांतिकारी कविरांगेय राघव (1923), हिन्दी साहित्यकारअरविंद कुमार (1930), सर्वोत्तम पत्रिकाओं के प्रथम सम्पादकमहावीर सरन जैन (1941), प्रसिद्ध लेखकजावेद अख़्तर (1945), हिन्दी फ़िल्मों के गीतकार एवं पटकथा लेखक 17 जनवरी पुण्यतिथि – Died on 17 January ज्योति प्रसाद अग्रवाल (1951), असम के फ़िल्म निर्माता, प्रसिद्ध साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानीबिंदू (1951), बालीवुड एक्ट्रेसज्योति बसु (2010), भारत के प्रसिद्ध मार्क्सवादी राजनीतिज्ञसुचित्रा सेन (2014), मशहूर फ़िल्म अभिनेत्री

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दूसरी आखरी स्पेस यात्रा पर रवाना हुईं थीं कल्पना

दूसरी आखरी स्पेस यात्रा पर रवाना हुईं थीं कल्पना

वेब खबरिस्तान। आज ही के दिन 2003 में भारतीय मूल की कल्पना चावला अपनी दूसरी और अंतिम अंतरिक्ष यात्रा पर बाकी साथियों के साथ रवाना हुईं थीं। करीब 15 दिन स्पेस में बिताने के बाद वापसी पर 1 फरवरी, 2003 को धरती पर पहुंचने से पहले उनका स्पेश शटल कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में छह अन्य साथियों सहित कल्पना चावला की जान चली गई थी। दोनों अंतरिक्ष यात्राएं मिलाकर चावला ने कुल 30 दिन, 14 घंटे 54 दिन स्पेस में बिताए थे। दुनिया – पहला खाड़ी युद्ध शुरू 1581 – ब्रिटिश संसद ने रोमन कैथोलिक मत को ग़ैर क़ानूनी घोषित किया।1991 – अमेरिका का इराक के ख़िलाफ़ पहला खाड़ी युद्ध शुरू।1989 – सोवियत संघ ने मंगल ग्रह के लिए दो साल के मानव अभियान की योजना की घोषणा की।2000 – चीन सरकार ने दो वर्षीय तिब्बती बालक को साकार बुद्ध के पुरावतार के रूप में मान्यता दी।2003 – भारतीय मूल की कल्पना चावला दूसरी अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना। भारत – संभाजी का राज्याभिषेक 1681 : शिवाजी के पुत्र संभाजी का रायगढ़ के किले में राज्याभिषेक।1769 – कलकत्ता में पहली बार सुनियोजित घुड़दौड़ का आयोजन किया गया।1955 – खड्गवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का पुणे में औपचारिक रूप से उद्घाटन।1992 – भारत एवं ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि।2005 – जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख अज़हर पर शिंकजा कसने के लिए एफ़.बी.आई. ने भारत से मदद मांगी। 16 जनवरी जन्मदिन – Born on 16 January जसवंत राही (1913), कविओ. पी. नैय्यर (1926), प्रसिद्ध संगीतकारकामिनी कौशल (1927), हिन्दी फ़िल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री तथा टीवी कलाकारकबीर बेदी (1946), अभिनेतासिद्धार्थ मल्होत्रा (1985), एक्टर 16 जनवरी पुण्यतिथि– Died on 16 January शरत चंद्र चट्टोपाध्याय (1938), सुप्रसिद्ध उपन्यासकारटी. एल. वासवानी (1966), भारतीय संस्कृति के प्रचारक, शिक्षाविद और प्रसिद्ध लेखकप्रेम नजीर (अब्दुल खादिर) (1989), मलयालम सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक

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क्रिकेट का ये रिकॉर्ड दो ही लोगों के नाम है

क्रिकेट का ये रिकॉर्ड दो ही लोगों के नाम है

वेब ख़बरिस्तान। क्रिकेट में कुछ रिकॉर्ड ऐसे होतें है जो सालों साल कायम रहते हैं और कभी ही कोई उन्हें तोड़ पाता है। ऐसा ही एक रिकॉर्ड आज ही के दिन 1987 में नरेंद्र हिरवानी ने बनाया था, जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ सका। हिरवानी ने चेन्नई में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 8-8 विकेट लेकर इतिहास रचा था। इससे पहले ये रिकॉर्ड आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी बॉब मैंसी के नाम था। हिरवानी ने टेस्ट के बाद वनडे भी खेले और सन्यास लेने के बाद वह सिलेक्टर भी रहे। भारत – आज है भारतीय सेना दिवस 1934 – नेपाल और भारत में बहुत जबरदस्त भूकंप आया उसमें करीब 18 हजार लोगों की जाने गयी।1949 – ब्रिटिश राज के भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष कमांडर जनरल रॉय बुचर से के एम करियप्पा ने भारतीय थल सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ का पदभार ग्रहण किया। उस दिन से 15 जनवरी को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।1965 – भारतीय खाद्य निगम स्थापना हुईं।1988 – भारत के पूर्व गेंदबाज नरेंद्र हिरवानी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने पहले टेस्ट मैच में ही 16 विकेट लिए थे। दुनिया – सद्दाम के भाई को फांसी मिली 2007 – इराकी अदालत के पूर्व प्रमुख एवं सद्दाम हुसैन के सौतेले भाई को फांसी दी गई।2013 – सीरिया की अलेप्पो यूनिवर्सिटी में हुए रॉकेट हमले में लगभग 100 लोगों की मौत तथा 150 के करीब लोग घायल। 15 जनवरी जन्मदिन – Born on 15 January सैफ़ुद्दीन किचलू (1888) , स्वतंत्रता सेनानीखाशाबा जाधव (1926), भारत के पहले कुश्ती खिलाड़ी , जिन्होंने हेलसिंकी ओलम्पिक में कांस्य पदक जीताचुनी गोस्वामी (1938), प्रसिद्ध भारतीय फ़ुटबॉलरमायावती (1956), राजनीतिज्ञभानुप्रिया (1957 ), अभिनेत्रीनील नितिन मुकेश (1982), अभिनेताडिंपल यादव (1978), पालीटीशियन 15 जनवरी पुण्यतिथि – Died on 15 January सदाशिवराव भाऊ (1761), भारतीय इतिहास में प्रसिद्ध एक मराठा वीरगुलज़ारीलाल नन्दा (1998), में भारत के भूतपूर्व कार्यकारी प्रधानमंत्रीतपन सिन्हा (2009), प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार जीतने वालेहोमाई व्यारावाला (2012), भारत की प्रथम महिला फ़ोटो पत्रकार

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55 करोड़ नहीं दिल्ली हिंसा के खिलाफ बापू ने किया था आनशन

55 करोड़ नहीं दिल्ली हिंसा के खिलाफ बापू ने किया था आनशन

खबरिस्तान फैक्ट। 1947 में देश आजाद हुआ और दो हिस्सों में बंटा भी था। बंटवारे के साथ ही भारत और पाकिस्तान में खूनी दंगे हुए। ये दौर लंबा चला। करीब छह महीने बाद जनवरी 1948 में दिल्ली में जबरदस्त दंगे शुरू हो गए। गांधी जी ने दंगे रुकवाने के लिए आज ही के दिन आमरण अनशन शुरू किया था। दंगा शांत होने के बाद जब दंगाइयों ने हथियार बापू के सामने रखे तब जाकर 18 जनवरी 1948 के दिन बापू ने अनशन समाप्त किया था । तब बापू ने कहा था – दिल्ली देश की राजधानी भी और नाक भी । जब दिल्ली में ही दंगे न रोक पाते तो दुनिया को क्या मुंह दिखाते ? मगर इस घटना का प्रचार पाकिस्तान को दिए गिए 55 करोड़ रुपए से जोड़कर भी होता है,जो कि गलत है। दुनिया – पहला पब्लिक रेडियो ब्राडकास्ट न्यूयार्क से हुआ 1559 – एलिजाबेथ (प्रथम) इंग्लैंड की रानी बनी।1610 – इतालवी खगोलविद, भौतिकविद एवं गणितज्ञ गैलीली गैलिलियो ने बृहस्पति के चौथे उपग्रह कैलिस्टो की खोज की।1910 – न्यूयॉर्क में दुनिया का पहला सार्वजनिक रेडियो प्रसारण प्रारम्भ हुआ।1930 – पहली बार मिकी माउस कॉमिक स्ट्रिप का प्रकाशन हुआ।1978 – नासा ने पहली अमेरिकन महिला अंतरिक्षयात्री का चयन किया। भारत – बापू ने हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिये आमरण अनशन शुरू किया 1709 – मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फर ने तीसरे भाई काम बख्श को हैदाराबाद में मात दी।1818 – उदयपुर के राणा ने मेवाड़ की रक्षा के लिए ब्रिटिश सेना के साथ समझौते पर दस्तखत किए।1849 – अंग्रेज सेना और सिखों के बीच चिलियनवाला में दूसरा युद्ध हुआ।1948 – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये आमरण अनशन शुरू किया।1964 – पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हिंदू-मुसलमान दंगों में करीब 200 लोग मारे गए और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। 13 जनवरी जन्मदिन – Born on 13 January बारथोलोमियु डेयाज़ (1450), पुर्तग़ाल नाविक, जिसके जलमार्ग का प्रयोग कर वास्को डीगामा ने भारत के जलमार्ग की खोज की थीदत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे (1896), कन्नड़ कवि और साहित्यकारशमशेर बहादुर सिंह ( 1911), हिन्दी कविमर्री चेन्ना रेड्डी (1919), उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपालशक्ति सामंत (1926), प्रसिद्ध फ़िल्म निर्माता एवं निर्देशकशिवकुमार शर्मा (1938), प्रसिद्ध भारतीय संतूर वादकराकेश शर्मा (1949),, अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय विंग कमांडरपीयूश मिश्रा (1963), एक्टर, राइटर, कविसुखपाल खैहरा (1965), सियासतदानकन्हैया कुमार (1978), सियासतदानइमरान खान (1983), एक्टरसिद्धू मूसेवाला (1990), सिंगर 13 जनवरी पुण्यतिथि – Died on 13 January आर.एन. माधोलकर (1921), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुकेशौक़ बहराइची (1964), प्रसिद्ध शायरअहमद जान थिरकवा (1976), भारत के प्रसिद्ध तबला वादक

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बूस्टर डोज: बुजुर्गों को क्यों जरूरी, पढ़ें पूरी खबर

बूस्टर डोज: बुजुर्गों को क्यों जरूरी, पढ़ें पूरी खबर

वेब ख़बरिस्तान। यूं तो दुनिया में कोरोना की बरसात थमने का नाम नहीं ले रही है। लेकिन इससे बचाव के लिए पूरी दुनिया में अब बूस्टर डोज लग रही है, जिसे काफी असरदार माना जा रहा है। अब तक यह देखा गया है कि कोविड-19 की वैक्सीन गंभीर बीमारी, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को कम करने में प्रभावी रहे हैं। आखिर क्यों बूस्टर डोज जरूरी एक तरफ जहां दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना के घातक वैरिएंट ओमीक्रोन के आने के बाद नए मामलों की संख्या ने रफ्तार पकड़ ली है। वहीँ दुनिया के कई देशों में इसकी रोकथाम के लिए बूस्टर डोज दी जा रही है। यह डोज संक्रमण को कम करने में काफी असरदार बताई जा रही है। इसे कोरोना की तीसरी खुराक भी कहा जा रहा है, जो कई देशों में दी जा रही है। देश में रविवार को हुई बूस्टर डोज की शुरुआत भारत में रविवार यानि 10 जनवरी को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज की शुरुआत की गयी। इस डोज को देने की शुरुआत सबसे पहले बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर्स को दे कर की गयी थी। वहीँ पहले ही दिन करीब 10 लाख लोगों को बूस्टर डोज दिया गया। इस अभियान में लगभग 5.75 करोड़ लोगों को प्रिकॉशन डोज यानि बूस्टर डोज दिया जाएगा। सबसे पहले किन बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगेगा? आपको बता दें भारत में कोरोना की बूस्टर डोज सभी बुजुर्ग नहीं ले सकते हैं। बूस्टर डोज सिर्फ उन बुजुर्गों को दिया जाएगा जो हार्ट डिजीज, डायबिटीज, किडनी या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इतना ही नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि ऐसे बुजुर्ग अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही बूस्टर डोज लगवाने जायें। दूसरी वैक्सीन और बूस्टर डोज लगवाने के बीच कितने दिन का अंतर आपको बता दें स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोरोना वैक्सीन के दूसरे डोज और प्रिकॉशन डोज के बीच 9 महीने का गैप होना अनिवार्य है। यानी अगर आपने 9 महीने पहले कोरोना की वैक्सीन की दूसरी खुराक ली है तो आप बूस्टर डोज लगवाने के लिए योग्य हैं। वहीँ अगर आपकी दूसरी खुराक के 9 महीने पुरे नहीं हुए हैं, तो आपको प्रिकॉशन डोज लगवाने के लिए 9 महीने पूरे होने का इंतजार करना पड़ेगा। कहने का मतलब है की दोनों डोज के बीच 9 महीने का गैप होना जरूरी है। कौन से बुजुर्ग बूस्टर डोज ले पा रहे हैं? आपको बता दें, जिन बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगना है, उनके पास स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एक मैसेज भेजा जा रहा है। ये मैसेज उन लोगों को दिया जा रहा हैं, जिन्होंने 9 महीने पहले वैक्सीन का दूसरा डोज ले लिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अगर आपको मैसेज नहीं मिल रहा है तो आप अपने दूसरी डोज का टाइम जरूर चेक कर लें, कि आपने कब लगवाई थी। अगर आपकी वैक्सीन को लगे 9 महीने हो गये हैं तो आप वैक्सीन लगवा सकते हैं। डॉक्टर का सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी है? प्रिकॉशन डोज यानि बूस्टर डोज लेने वाले बुजुर्गों को अपने डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, लेकिन डॉक्टर के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग डॉक्टर के सर्टिफिकेट के बगैर भी बूस्टर डोज लगवाने जा सकते हैं। बूस्टर डोज लगवाने के लिए पैसे देने की जरूरत नहीं अगर आप कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक यानि बूस्टर डोज सरकारी अस्पताल में लगवाने जा रहे हैं तो आपको वहां कोई पैसा देने की जरूरत नहीं है। यह डोज वहां फ्री में लगाई जा रही है। वैक्सीनेशन सेंटर पर कौन-से डॉक्युमेंट्स ले जाने जरुरी वैक्सीनेशन सेंटर पर अपने साथ वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस लेकर जाएं। इसके अलावा आप चाहे तो स्वास्थ्य मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कोई भी डॉक्युमेंट ले जा सकते हैं। बूस्टर डोज का भी मिलेगा सर्टिफिकेट हर बार की तरह इस बार भी वैक्सीनेशन सेंटर से बूस्टर डोज लगने के बाद एक सर्टिफिकेट आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाएगा। जो बूस्टर डोज लगने का प्रमाण होगा। बूस्टर डोज में कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी आपको बता दें, बूस्टर डोज में आपको वही वैक्सीन लगेगी जिसकी दो खुराक आपको पहले भी लग चुकी हैं। जैसे, अगर आपने कोवैक्सिन की 2 खुराक पहले ली हैं तो बूस्टर डोज में भी कोवैक्सिन ही लगाई जाएगी। अगर आपने कोवीशील्ड की 2 खुराक ली हैं तो इसी की बूस्टर डोज आपको लगेगी। डोज लेने के बाद क्या करें और क्या नहीं? वैक्सीनेशन लगवाने जाने से पहले कुछ हलका खाना खा लें। खाली पेट न जाएँ। हाइड्रेशन के लिए बार बार पानी जरुर पियें। इतना ही नहीं वैक्सीनेशन लगने के बाद थोड़ी थोड़ी देर में खाना खाते रहें। वहीँ धुम्रपान और शराब का सेवन न करें। बूस्टर डोज लेने के कोई साइड-इफ़ेक्ट ज्यादातर लोगों में हलके साइड इफ़ेक्ट होते हैं। जिनमे हल्का बुखार, सिरदर्द, थकान, शरीर दर्द और सुजन जैसी दिक्कतें हो सामने आ सकती हैं। लेकिन आपको घबराने की कोई जरुरत नहीं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह से मेडिसिन ले सकते हैं।

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