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कल है तीसरा नवरात्र करें मां चंद्रघंटा की पूजा

कल है तीसरा नवरात्र, करें मां चंद्रघंटा की पूजा

मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति का स्वभाव हो जाता है विनम्र


नवरात्र में वाहन प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ये दिन हैं खास

नवरात्र में वाहन प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ये दिन हैं खास

खबरिस्तान नेटवर्क। इस बार शारदीय नवरात्र 26 सितंबर शुरू हो चुके हैं जो कि 4 अक्टूबर तक चलेंगे। नवरात्र के दौरान कई शुभ योग बन रहे हैं, जो शुभ कार्यों व खरीदी के लिए खास रहेंगे। नवरात्र के दौरान बुध, गुरु और शनि अपनी ही राशियों में होंगे। ऐसा संयोग बहुत कम बार देखने को मिल पाता है कि एक साथ तीन बड़े ग्रह स्वराशि में हो। ग्रहों की यह स्थिति शुभ फल देने वाली है। इन शुभ योगों में प्रॉपर्टी और वाहन की खरीदी शुभ रहेगी। आगे जानिए ये शुभ योग कब-कब बनेंगे… 27 सितंबर 27 सितबंर मंगलवार यानी आज दूसरा नवरात्र है। इस दिन द्विपुष्कर, इंद्र और ब्रह्म नाम के शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में की गई पूजा व खरीदी बहुत ही जल्दी शुभ फल प्रदान करने वाली है। द्विपुष्कर योग में किए गए निवेश का दोगुना फायदा मिलता है। 29 सितंबर 29 सितंबर वीरवार को नवरात्र की चतुर्थ तिथि रहेगी। इस दिन रवियोग का संयोग बन रहा है, साथ ही विशाखा नक्षत्र होने से वर्धमान मान का शुभ योग रहेगा। प्रीति नाम का एक अन्य शुभ योग भी इस दिन बन रहा है। इन 3 शुभ योगों में प्रॉपर्टी व अन्य कोई भी खरीदी विशेष शुभ फल देने वाली रहेगी। 30 सितंबर 30 सितंबर शुक्रवार को नवरात्र की पचंम तिथि रहेगी। इस दिन अनुराधा नक्षत्र होने से सर्वार्थसिद्धि नाम का शुभ योग बनेगा। वहीं प्रीति योग भी इस दिन रहेगा। इन शुभ योगों में प्रॉपर्टी खरीदना विशेष शुभ रहेगा। एक अक्टूबर एक अक्टूबर शनिवार को नवरात्र की षष्ठ तिथि रहेगी। इस दिन सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों से रवियोग बन रहा है। साथ ही आयुष्मान और सौभाग्य नाम के 2 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। इन योगों में हर तरह की खरीदारी करना शुभ रहेगी। दो अक्टूबर 2 अक्टूबर रविवार को नवरात्रि की सप्तमी तिथि रहेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग, सौभाग्य, शोभन और शुभ नाम के 4 योग बन रहे हैं, जो कि हर तरह की खरीदी और नई शुरुआत के लिए अति शुभ माने गए हैं। चार अक्टूबर 4 अक्टूबर मंगलवार को नवरात्रि की नवमी तिथि रहेगी। इस दिन रवियोग के साथ-साथ सुकर्मा व पद्म नाम के 2 अन्य शुभ योग भी रहेंगे। इन शुभ योगों में भी खरीदी की जा सकेगी।

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अब राशन की दुकानों पर भी मिलेगी शराब ? इस संस्था ने केंद्र सरकार से मांगी अनुमति

अब राशन की दुकानों पर भी मिलेगी शराब ? इस संस्था ने केंद्र सरकार से मांगी अनुमति

खबरिस्तान नेटवर्क। नई दिल्ली में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन ने केंद्र को पत्र लिखकर राशन की दुकानों में शराब बेचने की अनुमति मांगी है। ये चिट्ठी खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय के प्रधान सचिव सुधांशु पांडे को 20 सितंबर को भेजी गई थी। उनकी मांगों पर तर्कसंगत विचार करने के लिए संगठन के महासचिव विश्वंभर बसु ने पत्र की एक प्रति केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय वित्त सचिव, केंद्रीय राजस्व सचिव, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण और खाद्य मंत्रालय राज्य मंत्री को भेजी है। सभी राज्यों के खाद्य आयुक्त और खाद्य सचिव को भी पत्र की कॉपी भेजी गई। राशन डीलरों का दावा है कि देश की राशन की दुकानों को बचाने के लिए केंद्र सरकार को जरूरी कदम और फैसले लेने चाहिए। राज्य सरकारों को भी आगे आना चाहिए। इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार से राशन की दुकानों से लाइसेंसी शराब बेचने के लिए आवेदन किया है। डीलरों का सुनें दावा ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फेडरेशन के मुताबिक देश में सरकार द्वारा स्वीकृत राशन दुकानों की संख्या पांच लाख 37 हजार 868 है। दुकानों से लगभग ढाई करोड़ लोग सीधे जुड़े हुए हैं। डीलरों का दावा है कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में जिस तरह से राशन व्यवस्था चल रही है, उसमें राशन डीलरों को मुनाफा नहीं दिख रहा है। उन्हें राशन की दुकानों को जीवित रखने के वैकल्पिक तरीकों के बारे में सोचना होगा। इसलिए उन्होंने केंद्र सरकार को प्रस्ताव के रूप में शराब की बिक्री की जानकारी दी है। राशन डीलरों को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकारें मौजूदा स्थिति को देखते हुए समय पर निर्णय लेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डीलर्स फेडरेशन के महासचिव विश्वंभर बसु ने कहा, प्रत्येक राशन की दुकान में दो से चार कर्मचारी हैं। मालिकों और कर्मचारियों के परिवार में 3-4 और सदस्य हैं। अनुमान है कि इससे अधिक पांच करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए राशन की दुकानों पर निर्भर हैं। इसलिए केंद्र और राज्य सरकारें राशन की दुकानों को जीवित रखें। हमने केंद्र सरकार को राशन की दुकानों को जीवित रखकर मालिकों और श्रमिकों को जीवित रखने का ऐसा प्रस्ताव दिया है।

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27 सितंबर को है दूसरा नवरात्र, ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

27 सितंबर को है दूसरा नवरात्र, ऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

खबरिस्तान नेटवर्क। पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र के दूसरे दिन 27 सितंबर को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सभी कामों में सफलता प्राप्त होने के साथ सुख-समृद्धि मिलता है। जानिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने की विधि। यह भी पढ़ें अधिकतर लोगों को पता ही नहीं नवरात्र में क्यों बीजते हैं खेत्री कैसा पड़ा मां दुर्गा का ब्रह्मचारिणी नाम पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पार्वती के रूप में पर्वतराज के घर में पुत्री के रूप में हुआ था। भगवान शिव से शादी के लिए नारद जी ने मां पार्वती को व्रत रखने की सलाह दी। भगवान शिव को पाने के लिए देवी मां ने निर्जला, निराहार होकर कठोर तपस्या की थी। हजारों साल तपस्या करने के बाद से ही मां पार्वती को तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप मां दुर्गा के दूसरे अवतार मां ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल रहता है। देवी ब्रह्मचारिणी साक्षात ब्रह्म का स्वरूप है यानी तपस्या का मूर्तिमान रूप है। यह भी पढ़ेंइस नवरात्र पहली बार कर रहे हैं व्रत, ये डाइट करें फॉलो, नहीं आएगी कमजोरीऐसे करें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए सुबह के समय उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान आदि करके साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें। इसके बाद मां दुर्गा का मनन करें। अगर आपके कलश की स्थापना की है, तो उसकी पूजा विधिवत तरीके से करें। इसके बाद मां दुर्गा और उनके स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। सबसे पहले मां को जल अर्पित करें। इसके बाद फूल, माला, रोली, सिंदूर चढ़ा दें। फिर एक पान में सुपारी, लौंग, इलायची , बताशा और सिक्का रखकर चढ़ा दें। फिर भोग में मिठाई आदि खिला दें। इसके बाद घी का दीपक और धूप बत्ती जला दें और दुर्गा चालीसा के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। इसके बाद हाथ में एक फूल लेकर मां का ध्यान करें और उनके मंत्रों का जाप करें। अंत में फूल मां के चरणों में अर्पित कर दें और विधिवत तरीके से आरती कर लें। मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र 'ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:' ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी। सच्चीदानन्द सुशीला च विश्वरूपा नमोस्तुते. या देवी सर्वभेतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। दधाना कर मद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।

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World Contraception Day 2022, एक लिमिट तक गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करना होता है सुरक्षित

World Contraception Day 2022, एक लिमिट तक गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल करना होता है सुरक्षित

खबरिस्तान नेटवर्क: दुनिया की आबादी दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में इसे रोकने के लिए तमाम सरकारें और कई वैश्विक संस्थाएं लगातार लोगों को जागरूक कर ने में जुटी हुई हैं। इसी उद्देश्य से हर साल 26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस (World Contraception Day) मनाया जाता है। कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि बड़ी संख्या में लोग कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल नहीं करते। अब तक आपने कई बार गर्भनिरोधक दवाओं यानी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (Contraceptive Pills) के बारे में सुना होगा। क्या कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है? वर्ल्ड कॉन्ट्रासेप्शन डे पर गर्भनिरोधक दवाओं से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको बताते हैं। कॉन्ट्रासेप्शन होता क्या है बता दें एक्सपर्ट्स के मुताबिक फैमिली प्लानिंग या प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए जिन तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, उसे कॉन्ट्रासेप्शन कहा जाता हैं। इस बारे में बड़ी संख्या में लोगों को सही जानकारी नहीं होती। वही ये एक बेहद जरूरी मुद्दा है, जिसके बारे में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। गायनोकोलॉजिस्ट से विचार-विमर्श के बाद फैमिली प्लानिंग के लिए कॉन्ट्रासेप्शन एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प हो माना जाता है। उम्र और बॉडी कंडीशन के आधार पर लोगों को इस बारे में सलाह दी जाती है। कई तरह के कॉन्ट्रासेप्शन होते हैं कॉन्ट्रासेप्शन के 4 प्रमुख टाइप होते हैं। पहला बैरियर कॉन्ट्रासेप्टिव मेथड होता है, जिसमें प्रेग्नेंसी से बचने के लिए मेल या फीमेल कॉन्डोम का यूज किया जाता है। दूसरा मेथड मेडिसिनल कॉन्ट्रासेप्शन होता है, जिसे हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव भी कहा जाता है। इस मेथड में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल किया जाता है। तीसरा मेथड इंट्रायूटरिन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस होता है, जिसमें यूटेरस के अंदर कुछ प्रोडक्ट इस्तेमाल किए जाते हैं। चौथा मेथड सर्जिकल कॉन्ट्रासेप्शन होता है, जिसमें सर्जरी के जरिए नसबंदी कर दी जाती है। कितनी सुरक्षित होती हैं गर्भनिरोधक दवा बता दें कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स यानी गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर से कंसल्ट किए बिना नहीं करना चाहिए। कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स दो तरह की होती हैं। एक नॉर्मल और दूसरी इमरजेंसी। बड़ी संख्या में लोग इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना ही कर लेते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। इमरजेंसी पिल्स को लाइफ में एक या दो बार से ज्यादा नहीं लेना चाहिए वरना उसके गंभीर साइड इफेक्ट हो सकते हैं। अगर डॉक्टर की सलाह पर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ली जाती हैं तो ऐसा करना सुरक्षित एक तरह से माना जाता है। एक्सपर्ट सभी टेस्ट करने के बाद ही पिल्स को रिकमेंड करते हैं। नेपाल बना है रोल मॉडल बता दें दुनिया का 28वां सबसे गरीब देश नेपाल इन दिनों अनचाही प्रेग्नेंसी रोकने के मामले में रोल मॉडल की भूमिका निभा रहा है। कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स की एक छोटी सी डिवाइस इस छोटे से देश को बड़ा बना रही है। आईये आपको बताते है, कैसे? दरअसल फैमिली प्लानिंग का सबसे पुराना और सफल मॉडल लागू करने वाले भारत में भी अनचाही प्रेग्नेंसी रोकने की करीब 100 फीसदी कामयाब यह तकनीक नहीं अपनाई गई है। यहां से बड़ी संख्या में महिलाएं सीमापार करके नेपाल जा रही हैं। कपल्स के लिए अनचाही प्रेग्नेंसी हजारों साल से समस्या बनी हुई है। तभी इससे बचने के लिए तरह-तरह के जतन किए जाते रहे हैं। साढ़े 3 हजार साल पहले इजिप्ट में शहद, पेड़ों की छाल और पत्तियों से बने लेप का इस्तेमाल स्पर्म को यूट्रस में जाने से रोकने के लिए किया जाता था। कॉन्स्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स क्या हैं इस मेडिकल डिवाइस का इस्तेमाल प्रेग्नेंसी रोकने के लिए किया जाता है। इसे महिला की बांह में स्किन के अंदर डाल दिया जाता है। फ्लेक्सिबल प्लास्टिक से बने कॉन्स्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स का साइज माचिस की तीली जितना छोटा होता है। मेडिकल भाषा में इसे फ्लेक्सिबल प्लास्टिक रॉड कहा जाता हैं। इस रॉड से प्रोजेस्टोजन (Progestogen) नाम के एक सिंथेटिक हॉर्मोन का रिसाव होता है, जो प्रेग्नेंसी रोकने में मदद करता है। एक बार यह छोटी सी रॉड लगवा ली, तो 3 साल तक के लिए छुट्‌टी। इस बीच, अगर आप प्रेग्नेंट होना चाहें, तो आराम से इसे निकलवाइए और कुछ ही दिनों में अपनी फर्टिलिटी वापस पाइए।

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अधिकतर लोगों को पता ही नहीं नवरात्र में क्यों बीजते हैं खेत्री

अधिकतर लोगों को पता ही नहीं नवरात्र में क्यों बीजते हैं खेत्री

खबरिस्तान नेटवर्क। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है। इसमें आदि शक्ति की उपासना से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। नवरात्र में प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के समय जौ बोने की भी परंपरा है। कई जगहों पर इसे ज्वार भी कहा जाता है। जौ को मिट्टी के पात्र में बोया जाता है और इसका पूजन किया जाता है। अधिकतर लोगों को ये पता ही नहीं कि आखिर नवरात्र में जौ बोते क्यों हैं। आइए आज आपको बताते हैं कि हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि की सबसे पहली फसल जौ थी। इसलिए नवरात्र में देवी की उपासना से पहले इन्हें मिट्टी के बर्तन में बोने की परंपरा है। जौ एक पूर्ण फसल होती है। नवरात्र पूजा में केवल जौ बोने का ही महत्व नहीं है, बल्कि यह कितनी तेजी के साथ बढ़ती है, ये भी अहम होता है। इसके विकास को हमारी सुख-समृद्धि के साथ जोड़कर देखा जाता है। मिट्टी के बर्तन में उगने वाली जौ हमारे जीवन के बारे में कई संकेत देती है। क्या संकेत देती है जौ? अगर जौ घनी नहीं उगती है या ठीक से नहीं उगती है तो ये एक अशुभ संकेत समझा जाता है। अगर जौ का रंग सफेद है और ये बिल्कुल सीधी उगे तो ये जीवन में तरक्की और खुशहाली का संकेत देती है। अगर जौ का रंग काला है और ये टेढ़ी-मेढ़ी उगती है तो इसे अशुभ माना जाता है। अगर जौ का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला है तो ये साल की अच्छी शुरुआत, लेकिन अंत खराब होने का संकेत देती है। वहीं, अगर जौ का रंग नीचे से हरा और ऊपर से पीला हो तो इसे साल की अच्छी शुरुआत लेकिन बाद में परेशानियों के साथ जोड़कर देखा जाता है कहते हैं कि अगर जौ घनी और हरी उगती है तो पूरा वर्ष अच्छा बीतने का संकेत मिलता है। इस साल हाथी पर सवार होकर आई हैं देवी मां हर बार देवी का आगमन किसी विशेष वाहन पर होता है। इससे आने वाले समय के बारे में अनुमान लगाया जाता है। इस बार देवी का आगमन हाथी पर हुआ है। यह आर्थिक समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। लोगों के जीवन में सुख की वृद्धि होगी और जीवन में धैर्य और आनंद प्रकट होगा। ऐसा कहते हैं कि जब देवी मां हाथी पर सवार होकर आती हैं तो बहुत ज्यादा वर्षा होती है। खेत-खलियान हरे-भरे रहते हैं और अन्न की कहीं कमी नहीं रहती है।

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जापान में 1959 में आया इतिहास का सबसे शक्तिशाली तूफान, जानिए आज का इतिहास

जापान में 1959 में आया इतिहास का सबसे शक्तिशाली तूफान, जानिए आज का इतिहास

वेब ख़बरिस्तान। जापान के इतिहास में अब तक का सबसे शक्तिशाली तूफान 26 सितंबर 1959 में आया। इस वेरा तूफान में 4580 लोगों की मौत हो गई। 16 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए। दुनिया – सऊदी अरब में महिलाओं को मिला मतदान का अधिकार 1087 - विलियम द्वितीय इंग्लैड के सम्राट बने। 1777 - अमेरिकी क्रांति: ब्रिटिश सैनिकों का फिलाडेल्फिया पर कब्जा। 1872 - न्यूयॉर्क सिटी में पहला मंदिर बना। 1923 - बेयर्न में गुस्ताव रीटर वॉन कारा ने बर्लिन से स्वतंत्रता की घोषणा की। 1950 - संयुक्त राष्ट्र सैनिकों ने उत्तर कोरिया के सैनिकों से सोल को अपने कब्जे में लिया। 1950 - इंडोनेशिया ने संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता ग्रहण की। 1960 - अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दो उम्मीदवारों जॉन एफ केनेडी और रिचर्ड निक्सन के बीच बहस का पहली बार टेलीविज़न पर प्रसारण। 1973 - सुपरसैनिक कॉन्कॉर्ड यात्री हवाई जहाज ने अटलांटिक की यात्रा को रिकॉर्ड समय में यानी महज 3 घंटा 32 मिनट में पूरा किया। 1984 - यूनाइटेड किंगडम हांगकांग को चीन के हवाले करने के लिए सहमत हुआ। 1986 - ब्रिटेन और चीन के बीच हांगकांग को लेकर समझौता हुआ। 2002 - फ्रांस ने ईराक पर एकतरफ़ा कार्रवाई का विरोध किया। 2004 - अमेरिका ने असैनिक अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए भारत को तकनीक देने का निर्णय किया। 2007 - वियतनाम के दक्षिणी शहर कैनथो में एक निर्माणाधीन पुल के ध्‍वस्त हो जाने से 62 श्रमिकों की मृत्‍यु हो गई। 2009 - फिलिपींस, चीन, वियतनाम, कंबोडिया, लाओस और थाईलैंड मे कैटसाना तूफान से 700 लोगों की मौत। 2011 - सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने 2015 के चुनाव में महिलाओं के मतदान करने तथा शूरा परिषद में शामिल होने की अनुमति देने की घोषणा की। 2011 - कीनिया में ग्रीन बेल्ट आंदोलन की संस्थापक वंगारी मथाई का निधन हो गया जो 2004 में नोबेल पुरस्कार पाने वाली पहली अफ्रीकी महिला बनी। 2011 - संयुक्त राष्ट्र ने “स्वच्छ विकास तंत्र” योजना के तहत हरित गृह गैसों में कमी लाने के लिए दिल्ली मेट्रो को दुनिया का पहला “कार्बन क्रेडिट” दिया जिसके अंतर्गत उसे सात सालों के लिए 95 लाख अमेरिकी डॉलर मिलेंगे। 2014 - मेक्सिको के इगुआला में सामूहिक अपहरण की घटना। देश – सचिन तेंदुलकर ने बनाया नया रिकॉर्ड 1998 - सचिन तेंदुलकर ने जिम्बाब्वे के ख़िलाफ़ एक दिवसीय क्रिकेट मैच में 18वां शतक लगाकर डेसमंड हेन्स का विश्व रिकार्ड तोड़ा। 2001 - अमेरिका ने लादेन के बाद कश्मीरी आतंकवादियों से निपटने का भारत को आश्वासन दिया। 2009 - पूजाश्री वेंकटेश ने रश्मि चक्रवर्ती को हराकर आई.टी.एफ. महिला टेनिस टूर्नामेंट का ख़िताब जीता। 26 सितंबर को जन्मे व्यक्ति ईश्वर चन्द्र विद्यासागर, 1820, प्रसिद्ध समाज सुधारक, शिक्षाशास्त्री और स्वाधीनता सेनानी। गुलाम भीख नैरंग, 1876, भारतीय कवि, वकील, और राजनीतिज्ञ। टीएस इलियट, 1888, नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकन, अंग्रेज़ी लेखक। जोगिन्दर सिंह, 1921, परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक सूबेदार। देव आनंद, 1923, फ़िल्म अभिनेता और निर्माता। डॉ. मनमोहन सिंह, 1932, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री। 26 सितंबर को हुए निधन लक्ष्मण काशीनाथ किर्लोस्कर, 1956, भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति। टीबी कुन्हा, 1958, गोवा के स्वतंत्रता सेनानी। उदय शंकर, 1977, भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य के नर्तक, नृत्य निर्देशक और बैले निर्माता। हेमन्त कुमार, 1989, हिन्दी फ़िल्मों के पार्श्वगायक और संगीतकार।

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देश के प्रमुख रॉकेट वैज्ञानिक सतीश धवन का 1920 में हुआ जन्म, जानिए आज का इतिहास

देश के प्रमुख रॉकेट वैज्ञानिक सतीश धवन का 1920 में हुआ जन्म, जानिए आज का इतिहास

वेब ख़बरिस्तान। देश के प्रमुख रॉकेट वैज्ञानिक सतीश धवन का जन्म आज ही के दिन साल 1920 में हुआ। इसरो के अध्यक्ष रहते उन्होंने असाधाराण काम किए। 2002 में उनकी मृत्यु के बाद, दक्षिण भारत के चेन्नई की उत्तरी दिशा में लगभग 100 कि.मी. की दूरी पर श्रीहरिकोटा, आंध्रप्रदेश में स्थित भारतीय उपग्रह प्रमोचन केंद्र का प्रोफ़ेसर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के रूप में पुनःनामकरण किया गया। दुनिया – अमेरिका में शुरू हुई पहली प्रिंटिंग 1237 - इंग्लैंड और स्कॉलटलैंड के बीच कॉमन बॉर्डर को लेकर संधि हुई। 1340 - इंग्लैंड और फ्रांस ने निरस्त्रीकरण संधि पर हस्ताक्षर किए। 1524 - वास्कोडिगामा आखिरी बार वायसराय बनकर भारत आए। 1639 - अमेरिका में पहली प्रिंटिंग प्रेस की शुरुआत हुई। 1654 - इंग्लैंड और डेनमार्क ने व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। 1846 - अमेरिकी सेना ने मेक्सिको के मोंटेरी पर क़ब्ज़ा किया। 1897 - ब्रिटेन में पहली बस सेवा की शुरूआत हुई। 1911 - फ्रांसीसी युद्धपोत लिब्रीटे में टूलॉन हार्बर पर विस्फोट से 285 लोगों की मौत हुई। 1955 - रॉयल जॉर्डन वायु सेना की स्थापना हुई। 1981 - मध्य अमेरिकी देश बेलीज संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ। 1992 - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मार्स ऑब्जर्वर स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में भेजा। 1999 - आठवें सैफ खेलों का काठमांडू में उद्घाटन हुआ। 2000 - यमन में रिफ्ट वैली बुखार से 211 लोग मरे, सिडनी ओलम्पिक में 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक माइकल जॉनसन तथा केथीफ़्रीमेन ने जीता। 2001 - सऊदी अरब ने तालिबान मिलिशिया से संबंध तोड़ा। 2003 - गयूम ने मालदीव के राष्ट्रपति का चुनाव छठी बार जीता। 2006 - पाकिस्तान के 60 वर्ष के इतिहास में पहली बार सिंध के थारपाकर ज़िले के निवासी हिन्दू युवक दानेश को पाक सेना में शामिल किया गया। 2006 - यमन के निवर्तमान राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह एक बार फिर देश के राष्ट्रपति निर्वाचित घोषित। 2006 - अंतरिक्ष की सैर पर निकली ईरान की पहली महिला अनुशेह अंसारी ने देश के इतिहास में नया अध्याय रचा। 2008 - चीन ने अंतरिक्ष यान शेंझो 7 का प्रक्षेपण किया। 2011 - इराक के शिया मुसलमानों के पवित्र धार्मिक स्थल कर्बला के पासपोर्ट कार्यालय के बाहर हुए क्रमिक बम धमाकों में दस लोगों की मौत हो गई तथा लगभग सौ लोग घायल हो गए। 2011 - नेपाल में एक निजी एयलाइन के विमान की दुर्घटना में चालक दल समेत सभी 19 लोगों की मृत्यु हो गई। 2015 - सिंगापुर में प्रदूषण की वजह से स्कूलों को बंद करना पड़ा।देश – नेपाली कांग्रेस (डेमोक्रेटिक) पार्टी का कांग्रेस में विलय हुआ। 2006 - दलाई लामा को भारतीय नागरिकता देने की मांग। 2007 - पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेतृत्‍व वाली नेपाली कांग्रेस (डेमोक्रेटिक) पार्टी का कांग्रेस में विलय हुआ। 2009 - भारतीय प्रवर्तन निदेशालय ने लगभग पांच हज़ार करोड़ रुपये के हवाला नेटवर्क का भण्डाफोड़ किया।25 सितंबर को जन्मे व्यक्ति चौधरी देवी लाल, 1914, भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री। पंडित दीनदयाल उपाध्याय, 1916, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और महान चिंतक। हैमर डरॉबर्ट, 1922, नौरू के प्रथम राष्ट्रपति। फिरोज खान, 1939, प्रसिद्ध अभिनेता एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक। दिव्या दत्ता, 1977, जानी-मानी अभिनेत्री।25 सितंबर को हुए निधन रोजर बेकन, 1294, ब्रिटेन के दार्शनिक और रसायनशास्त्री। रुक्माबाई, 1955, भारत की प्रथम महिला चिकित्सक। सुदर्शन सिंह चक्र, 1989, साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी। प्रफुल्लचंद्र सेन, 1990, बंगाल के प्रमुख कांग्रेसी नेता, महात्मा गांधी जी के अनुयायी और स्वतंत्रता सेनानी। कन्हैयालाल नंदन, 2010, हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार।

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आज ही के दिन 2009 में देश के पहले चन्द्रयान-1 ने चाँद की सतह पर पानी खोजा, पढ़ें इतिहास की अन्य जानकारियां

आज ही के दिन 2009 में देश के पहले चन्द्रयान-1 ने चाँद की सतह पर पानी खोजा, पढ़ें इतिहास की अन्य जानकारियां

वेब ख़बरिस्तान। साल 2009 में आज के दिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने दावा किया कि चांद पर पानी भारत की खोज है। चंद्रमा पर पानी की मौजूदगी का पता चंद्रयान-1 पर मौजूद भारत के मून इंपैक्ट प्रोब (एमआईपी) ने लगाया। इसके बाद चंद्रयान में लगे अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के उपकरण ने भी चांद पर पानी होने की पुष्टि कर दी थी। चंद्रयान-1 ने चंद्रमा की सतह पर पानी के कणों की मौजूदगी के पुख्ता संकेत दिए थे। चंद्रयान ने चांद पर पानी की मौजूदगी का पता लगाकर इस सदी की महत्वपूर्ण खोज की थी। दुनिया - होंडा मोटर कंपनी की स्थापना हुई 1688 - फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1789 - अमेरिका में अटॉर्नी जनरल का कार्यालय बनाया गया। 1805 - फ्रांस के तानशाह नेपोलियन बोनापार्ट की सैनिक कार्रवाई समाप्त हुई। यह कार्रवाई ऑस्ट्रिया के आक्रमण का सामना करने के लिए की गयी थी जिसमे फ्रांस की भारी जीत हुई। 1923 - मौसम का दूसरा तूफान आया। हिस्पनियोला के उत्तर में एक बड़ा तूफान आया। 1948 - होंडा मोटर कंपनी की स्थापना हुई। 1965 - यमन को लेकर सऊदी अरब और मिस्र के बीच समझौता हुआ। 1968 - दक्षिण अफ्रीकी देश स्वाजीलैंड संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुअा। 1971 - ब्रिटेन ने जासूसी के आरोप में 90 रूसी राजनयिकों को निष्कासित किया। 1974 - गुलामी में दास व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा अफ्रीकी देश गिनी बीसाओ ने पुर्तग़ाल से अपनी स्वाधीनता की घोषणा की। 1978 - पूर्व सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। 1979 - घाना ने संविधान अपनाया। 1990 - पूर्वी जर्मनी ने खुद को वारसा संधि से अलग किया। 1996 - अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर किये। 1996 - व्यापक परीक्षण प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर होने शुरू, सं.रा. अमेरिका संधि पर हस्ताक्षर करने वाला पहला देश। 2003 - फ़्रांस के राष्ट्रपति जैक्स शिराक ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी का समर्थन किया। 2005 - आई.ए.ई.ए. ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे को सुरक्षा परिषद को सौंपने का निर्णय लिया। 2007 - म्‍यांमार की सैन्‍य सरकार के ख़िलाफ़ राजधानी यांगून में एक लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे। 2008 - चीन और नेपाल ने दूरसंचार के क्षेत्र में एक अहम अनुबन्‍ध पर हस्‍ताक्षर किया। 2013 - पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 7.7 तीव्रता के भूकंप से 515 लोगों की मौत। देश – राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी व दो अन्य दोषियों की रिहाई सम्बन्धी याचिका खारिज 1726 - ईस्ट इंडिया कंपनी को बम्बई, कलकत्ता और मद्रास में नगर निगम और महापौर अदालतों को बनाने के लिए अधिकृत किया गया। 1932 - डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के बीच पुणे की यरवडा सेंट्रल जेल में दलितों के लिए विधानसभाओं में सीटें सुरक्षित करने को लेकर एक विशेष समझौता हुआ। 1932 - बंगाल की क्रांतिकारी राष्ट्रवादी प्रीतिलता वाडेदार देश की आजादी के लिए प्राण न्यौछावर करने वाली पहली महिला बनी। 2008 - भारतीय क्रिकेटर कपिल देव को थलसेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर ने एक समारोह में प्रादेशिक सेना में लेफ़्टिनेंट कर्नल की मानद पदवी प्रदान की। 2008 - मद्रास उच्च न्यायालय ने राजीव गांधी हत्याकांड में नलिनी और दो अन्य दोषियों की समय पूर्व रिहाई सम्बन्धी याचिका खारिज की। 2010 - उर्दू के शायर अख़लाक़ मुहम्मद ख़ान शहरयार को 44वें (2008) तथा मलयालम के कवि और साहित्यकार ओ.एन.वी. कुरुप को 43वें (2007) ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई। 2014 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उपग्रह मंगलयान ने मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश किया। 24 सितंबर को जन्मे व्यक्ति प्रताप नारायण मिश्र,1856, हिन्दी खड़ी बोली और भारतेन्दु युग के उन्नायक। भिकाजी कामा,1861, महिला अधिकारों की बुलंद आवाज। फ्लोयड लेविन,1922, अमेरिकी संगीतशास्त्री। औतार सिंग पैंटल,1925, भारतीय, चिकित्साशास्त्र के वैज्ञानिक। आरती साहा,1940, भारत की प्रसिद्ध महिला तैराक। मोहिन्दर अमरनाथ,1950, भूतपूर्व प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी। पंकज पचौरी,1963, वरिष्‍ठ टेलीविज़न पत्रकार। लिम्बा राम,1971, भारत के प्रथम प्रसिद्ध तीरंदाज। 24 सितंबर को हुए निधन नाना साहब उर्फ धुंदु पंत,1859, सैन्य विद्रोह में सक्रिय रहे। पद्मिनी,2006, दक्षिण भारतीय अभिनेत्री व मशहूर भरतनाट्यम नृत्यांगना।

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