आप को मान गए - पंजाब में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सुनियोजित रणनीति बनी जीत का कारण



राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन ने विरोधी दलों को बोलने का मौका दिया

ख़बरिस्तान नेटवर्क (पंजाब नाऊ)। पंजाब में सरकार बन चुकी है।  सीएम भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी का मंत्रिमंडल चुन लिया है। मंत्रिमंडल में कुछ बड़े चेहरे शामिल न होने ेसे लोगों को हैरानी जरूर हुई। खासकर कुंवर विजय प्रताप का नाम न आने पर । राज्यसभा में आप उम्मीदवारों काे भी नाम तय हो गए हैं। जिनमें राघव चड्ढा समेत तीन चेहरे बाहरी हैं। अभी तक तो आप में सबकुछ ठीक नज़र आ रहा है। मगर राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन ने विरोधी दलों को बोलने का मौका जरूर दे दिया है।  अगर सरकार की परफार्मेंस पर नजर मारे ंतो।

भगवंत मान ने सीएम बनते ही किसानों का मुआवजा जारी किया और 25000 नई नौकरियां देने की घोषणा की। फिर अरविंद केजरीवाल ने विधायकों के साथ वर्च्युअल मीटिंग की और ये कहा कि विधायकों को सबको साथ लेकर चलना होगा। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में एक मिसाल पैदा कर दी है। भगवंत मान सरकार का करप्शन करने वालों में पूरा डर है। अफसर समय पर दफ्तर पहुंच रहे हैं। रिश्वत की शिकायतें कम हो गई हैं। हर कोई सिस्टम में आने की कोशिश कर रहा है। भगवंत मान की करप्शन विरोधी हेल्पलाईन शुरू होने के बाद। पंजाब  में बदलाव साफ नज़र आ रहा है। आप ने ये साबित कर दिया है कि वह अगर पंजाब में जीत सकती है तो वह अन्य राज्यों में भी देर सवेर जगह जरूर बना लेगी।

आप के चयन का सफल फार्मूला

आम आदमी पार्टी केे उम्मीदवारों के चयन पर शुरू में सवाल उठे थे। मगर जब नतीजे आए तो सारे सवालों के जवाब खुद ब खुद सामने आ गए। उम्मीदवारों के चयन में पालीटिकल कद के साथ-साथ उनकी वित्तीय हालत पर भी गौर किया गया यही कारण है कि आप के 74 फीसदी विधायक करोड़पति हैं। आम आदमी पार्टी का चुनाव लड़ने का तरीका भी अपग्रेड है। पंजाब चुनाव में भी  पार्टी ने जमकर पैसा बहाया। एक-एक विधायक ने लाखों रुपए चुनाव प्रचार पर खर्च किए हैं। करोड़पतियों को तो इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता।

मगर आप के उन विधायकों का क्या, जिन्होंने चुनाव पर अपनी सारी जमा पूंजी लगा दी। नई व्यवस्था में वे कैसे सर्वाईव करेंगे ये देखना होगा? क्योंकि इससे पहले ये व्यवस्था थी कि विधायक अपने-अपने इलाके के मालिक थे। उनकी मर्जी से पुलिस वालों की ट्रांसफर होती थी। बड़े पदों पर अफसरों की तैनाती से पहले पूछा जाता था। इसमें  विधायकों की मर्जी चलती थी। हलके में सारे धंधे विधायकों की मर्जी के बिना नहीं चलते थे। सभी उनके दरबार में हाजरी भरते थे। अब केजरीवाल विधायकों को सादा जीवन और उच्च विचार रखने की बात कह रहे हैं। अगर विधायक ऐसा करते हैं तो ही पंजाब का भला हो सकता है, वरना भगवंत मान के रंगले पंजाब के सपने का सच होना मुश्किल है।

केजरीवाल की हिदायत


आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को पंजाब में विधायकों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। केजरीवाल ने कहा कि इस जीत पर घमंड मत करना। जनता चुनकर सरकार चलाने का मौका देना जानती है तो वहीं जनता पटकना भी जानती है। आप विधायक रहते हुए ऐसा काम करो कि आपकी ख्याति चारों तरफ फैले। राजनीतिक दलों ने 70 साल बर्बाद कर दिए, अब 24 घंटे में से 30 घंटे काम करना पड़ेगा। हमारे 92 विधायक जीतकर आए हैं लेकिन मंत्री सिर्फ 17 ही बनाए जा सकते हैं। जो विधायक मंत्री नहीं बने वह किसी से कम नहीं हैं। पंजाब की जनता ने एक-एक हीरा चुनकर भेजा है। हर किसी में काम करने की अच्छी संभावना है।

केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान ने 3 दिनों में ही लोगों को काम करके दिखाया। पुराने मंत्रियों की सुरक्षा हटाकर उसे जनता के लिए लगाया गया। अक्टूबर में फसलें बर्बाद हुई थी,उसका मुआवज़ा किसानों के ज़िलों में पहुंच गया, 3-4 दिनों में किसानों को उसका चेक मिलेगा।

भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के हर दूसरे व्यक्ति ने हमें वोट दिया है, तो ये प्यार हम पंजाब के लोगों के लिए ही लगाएंगे। पहले ये होता था ऑर्डर कोई और देता था सस्पेंड कोई और होता था, ये अब नहीं चलेगा।

बीजेपी का अपडेट वर्जन है आप

चुनाव मैनेजमेंट के मामले में आप अब देश की सबसे अमीर पार्टी भारतीय जनता पार्टी और चुनाव रणीतिकार प्रशांत किशोर जैसे दिग्गजों को मात दे रही है। चुनाव के दौरान कैसे काम करना है इसके लिए बैकएंड पर एक टीम काम करती है। पंजाब में भी संदीप पाठक की लीडरशिप में पांच लोगों की टीम ने काम किया। ये लोग पर्दे के पीछे रहते हैं और कहीं भी सोशल मीडिया पर सामने नहीं आते। यह टीम पार्टी के कैंपेन  तैयार करती है कि कब किस विषय को उठाना है। कब किस मुद्दे को लेकर क्या करना है। पंजाब चुनाव में इस टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी की छवि को सुधारने के साथ-साथ कांग्रेस का अक्स बिगाड़ने में साथ-साथ काम चला। एक टीम सरकार को घेर रही थी। एक टीम लोगों से संपर्क साथ रही थी।

सबसे ज्यादा दागी और करोड़पति

पंजाब में नवनिर्वाचित विधायकों में से आधे के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं। ये आंकड़ा पिछले सदन में 14 फीसदी के मुकाबले हुत ज्यादा है। 27 (23%) विधायकों के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। पंजाब के एक विधायक पर हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज है और उसकी गिरफ्तारी पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अभी रोक लगा रखी है। दो पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है। इन मामलों का सामना कर रहे तीनों विधायक आम आदमी पार्टी के हैं।

52 पर आपराधिक केस

पिछले हफ्ते एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और पंजाब इलेक्शन वॉच ने पंजाब चुनाव के बाद रिपोर्ट जारी की। आप के 92 विधायकों में से 52 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं कांग्रेस के 18 में से तीन विधायक, शिरोमणि अकाली दल के तीन में से दो विधायक और बीजेपी के दो विधायकों में से एक आपराधिक केस वाले हैं।

शीतल अंगुराल पर दर्ज सबसे ज्यादा केस

  • जालंधर वेस्ट से आप विधायक शीतल अंगुरल के खिलाफ सबसे ज्यादा नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, अपहरण, अवैध कारावास, जुआ और अन्य अपराध शामिल हैं।
  • खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के खिलाफ पांच केस दर्ज हैं।
  • अजनाला आप विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल का नाम एक हत्या के मामले में प्राथमिकी में दर्ज है और उनकी गिरफ्तारी पर अभी रोक लगी है।
  • लुधियाना पूर्व आप विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल के खिलाफ दो अन्य मामलों के अलावा हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।

आप के 74 फीसदी विधायक करोड़पति

आम आदमी पार्टी के 87 (74%) विधायक करोड़पति हैं, जो पिछले कार्यकाल में 95 (81%) थे। इन करोड़पतियों में आप के 63, कांग्रेस के 17, शिअद के तीन, भाजपा के दो और बसपा के एक करोड़पति शामिल हैं।

कुलवंत सबसे ज्यादा अमीर

  • आप के मोहाली विधायक कुलवंत सिंह 238 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर हैं।
  • इसके बाद राणा गुरजीत सिंह (कांग्रेस) 125 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ और अमन अरोड़ा (आप) 95 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
  • राणा गुरजीत पर अधिकतम 125 करोड़ रुपये, उनके बेटे पर 17.97 करोड़ रुपये, जबकि अरोड़ा पर 22.88 करोड़ रुपये की देनदारी है।
  • राणा इंदर प्रताप सिंह और अरोड़ा पर भी सबसे ज्यादा देनदारी है।

नरिंदर सिंह, नरिंदर कौर और लाभ सिंह सबसे गरीब

न्यूनतम संपत्ति वाले तीन AAP विधायकों में नरिंदर सिंह सावना (फाजिल्का) की संपत्ति 18,000 रुपये, नरिंदर कौर भारज (संगरूर) और लाभ सिंह उगोके (भदौड़) की संपत्ति 3. 65 लाख रुपये है। लाभ सिंह उगोके ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में पंजाब के सीएम रहे चरणजीत सिंह चन्नी को भारी मार्जिन से हराया है।

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