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tokyo olympics 2020   पढ़िए अब तक के रिकार्ड्स और हमारे खिलाडियों के इमोशनल मोमेंट

Tokyo Olympics 2020 :  पढ़िए अब तक के रिकार्ड्स और हमारे खिलाडियों के इमोशनल मोमेंट

मीराबाई चानू ने सिल्वर मैडल जीता । वह  फाइनल में ओलिंपिक के छल्लों के आकार की बालियां पहनकर रिंग में उतरी। मीरा की मां तोम्बी लीमा ने 2016 रियो ओलिंपिक से पहले अपने जेवर बेचकर ये तोहफे में दी थी।

 जानिए ओलंपिक के बारे में दिलचस्प बातें

जानिए ओलंपिक के बारे में दिलचस्प बातें

वेब ख़बरिस्तान। खेल का महाकुंभ कहे जाने वाले इस टूर्नामेंट को कोरोना के चलते 2020 में स्थगित करना पड़ा था, लेकिन इस साल कोरोना की स्थिति में सुधार के चलते इसे इस साल करवाया जा रहा है।


Happy World Emoji Day – हर दिन 6 अरब से भी ज्यादा बार प्रयोग किया जाता है इमोजी

Happy World Emoji Day – हर दिन 6 अरब से भी ज्यादा बार प्रयोग किया जाता है इमोजी

जापान में इमोटिकॉन्स था कम्युनिकेशन का माध्यम पहले जापान में लोग इमोटिकॉन्स के जरिए कम्युनिकेट करते थे। इसमें बात कहने के लिए मैसेज में कुछ नंबर्स के जरिए भाव व्यक्त करते थे लेकिन धीरे-धीरे इसका क्रेज खत्म हो गया और इमोजी का दौर शुरू हुआ। 'इ' का मतलब 'पिक्चर' और 'मोजी' मतलब 'कैरेक्टर इमोजी अभिव्यक्ति की एक नई शैली है। 'इ' का मतलब'पिक्चर' और 'मोजी' का मतलब 'कैरेक्टर' यानी किसी शब्द या फीलिंग को चित्र के जरिये व्यक्त करने को इमोजी कहा जाता है। सबसे पहले 2002 में इस्तेमाल हुआ इमोजी इमोजी का इस्तेमाल सबसे पहले 17 जुलाई 2002 को एप्पल ने अपने कैलेंडर ऐप के लिए किया। इसलिए ईमोजीपीडिया ने 17 जुलाई का चुनाव वर्ल्ड इमोजी डे के तौर पर किया है। साल 2012-2013 में इमोजी का इस्तेमाल इतना पॉपुलर हुआ कि अगस्त 2013 में ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में भी इमोजी शब्द जोड़ दिया गया। फेस विद टियर्स ऑफ़ जॉय सबसे ज्यादा लोकप्रिय इस समय दुनिया में 3500 से अधिक इमोजी यूनिकोड स्टैंडर्ड में उपलब्ध हैं। 'फेस विद टीयर्स ऑफ जॉय' विश्व की सबसे लोकप्रिय इमोजी है, जिसे केवल ट्विटर पर ही 2 बिलियन से ज्यादा बार यूज किया जा चुका है। ऑनलाइन रहने वाले करीब 92 प्रतिशत लोग इमोजी का इस्तेमाल करते हैं।

https://webkhabristan.com/feature-news/happy-world-emoji-day-2021--daily-emojis-are-used-more-than-6-billion-times-2878
एक-दूसरे के हुए राहुल वैद्य और दिशा परमार, देखें तस्वीरें

एक-दूसरे के हुए राहुल वैद्य और दिशा परमार, देखें तस्वीरें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। उनके फैन्स और बॉलीवुड दिग्गज उन्हें बधाई दे रहे हैं। इसमें बॉलीवुड और टेलीविजन जगत के कई कलाकार भी शामिल हैl इससे पहले राहुल का एक वीडियो वायरल हुआ थाl इसमें वह अपनी बरात में ढोल-नगाड़ों पर नाचते हुए नजर आ रहे थेl वहीं दिशा परमार उनका स्वागत कर रही थींl दिशा और राहुल की ड्रेसिंग दिशा परमार दुल्हन के तौर पर काफी खूबसूरत नजर आ रही थींl वहीं राहुल वैद्य ने सुनहरे रंग की पगड़ी और शेरवानी पहन रखी थींl दिशा ने लाल रंग का शादी का जोड़ा पहना हुआ था। में नजर आ रही थी और वह काफी खूबसूरत लग रही थीl हल्दी और मेंहदी की तस्वीरें वायरल राहुल के खास दोस्त अली गोनी ने सोशल मीडिया पर शादी से जुड़े कुछ वीडियो शेयर किए हैंl इसमें उन्हें डांस करते हुए देखा जा सकता हैl इससे पहले दोनों की हल्दी और मेहंदी की तस्वीरें भी काफी वायरल हुई थीl बिग बॉस 14 में किया था प्रपोज राहुल ने दिशा को बिग बॉस 14 में प्रपोज किया था और वैलेंटाइन डे के अवसर पर दिशा परमार ने उनके प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया थाl राहुल खतरों के खिलाड़ी 11 में भी नजर आएंगेl

https://webkhabristan.com/feature-news/rahul-vaidya-and-disha-parmar-met-each-other-see-pictures-2865
विश्व जनसंख्या दिवस आज - परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता के लिए शुरू किया गया ये दिन

विश्व जनसंख्या दिवस आज - परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता के लिए शुरू किया गया ये दिन

1989 में पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस मनाया 1989 के कार्यक्रम में पहली बार विश्व जनसँख्या दिवस मनाया गया। यूनाइटेड नेशंस ने इस दिन को हर साल मनाने की घोषणा की। 1990 में 90 से ज्यादा देशों में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया। तब से हर साल दुनियाभर के विभिन्न देश इस दिन को मनाते आ रहे हैं। 200 साल में 7 गुणा बढ़ी आबादी हर साल इस दिन को अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है। विश्व की जनसंख्या को 1 अरब तक पहुंचने में हजारों साल लगे थे लेकिन इसके बाद करीब 200 साल में ही ये 7 गुना तक बढ़ गई। दरअसल इसके पीछे मेडिकल साइंस में सुधार होना, मृत्यु दर में कमी आना और जन्म दर बढ़ना जैसे कई कारण हैं। आधी से ज्यादा आबादी एशियाई देशों में दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी एशियाई देशों में है। जनसंख्या के हिसाब से चीन और भारत पहले और दूसरे नंबर पर हैं। Worldometer अनुसार भारत की आबादी 1.39 अरब है। एक अनुमान मुताबिक भारत में हर मिनट 25 बच्चे पैदा होते हैं। आने वाले 10 साल में भारत की आबादी होगी सबसे ज्यादा माना जा रहा है कि अगर इसी रफ्तार से भारत की आबादी बढ़ती रही तो आने वाले 10 साल में हमारा देश दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होगा। देश के 22 प्रमुख राज्यों में सबसे बाद में 2039 में बिहार हम दो हमारे दो यानी जनसंख्या स्थिरिकरण की स्थिति में पहुंचेगा। हम दो हमारे दो लक्ष्य हासिल कर चुके 16 राज्य हम दो हमारे दो का लक्ष्य 16 राज्य हासिल कर चुके हैं। राजस्थान-2024 में, यूपी और झारखंड-2025 में, छत्तीसगढ़-2022 में मध्य प्रदेश-2028 में जनसंख्या स्थिर करने की स्थिति में पहुंचेंगे।

https://webkhabristan.com/feature-news/world-population-day---it-is-celebrated-to-aware-people-about-family-planning-2791
यादों में दिलीप साहब – गंभीर रोल निभाते हुए पड़ी मनोचिकित्‍सक की जरूरत

यादों में दिलीप साहब – गंभीर रोल निभाते हुए पड़ी मनोचिकित्‍सक की जरूरत

देविका रानी ने बनाया युसूफ खान से दिलीप कुमार उनका असली नाम यूसुफ खान है। जन्म पेशावर में 11 दिसंबर 1922 को हुआ था। बाम्‍बे टॉकीज़ की मालिक और उनकी पहली फिल्‍म ज्‍वार भाटा की प्रोड्यूसर देविका रानी ने कहा तुम्हें कोई ऐसा नाम दिया जाए जो तुम्‍हें आडियंस से कनेक्‍ट करे और रोमांटिक इमेज बन सके। इसके बाद उनका नाम युसूफ खान से दिलीप कुमार हो गया। करियर की शुरुआत में 1250 रूपए सालाना मिलते थे फिल्‍मी करियर की शुरूआत बाम्‍बे टॉकीज़ से हुई थी, जहां उन्‍हें 1250 रूपए सालाना मिलता था। उन्‍हें कहानी और स्क्रिप्‍ट लेखन के सहायक का काम मिला। 1944 में उनकी पहली फिल्‍म ज्‍वार भाटा रिलीज़ हुई और फ्लॉप हो गई। दूसरी फिल्‍म जुगनू की सफलता ने उन्‍हें रातों रात स्‍टार बना दिया। 114 बार देखी मुग़ल ए आज़म मुगल ए आज़म का जिक्र दिलीप कुमार के बिना नहीं होता। इस फिल्‍म से दिलीप कुमार का लगाव इतना गहरा था कि उन्‍होंने ये फिल्‍म 114 बार देखी। 1960 में ब्‍लैक एण्‍ड व्‍हाइट में बनी ये फिल्‍म 2004 में रंगीन होकर फिर से रिलीज़ की गई थी। जब दिलीप कुमार ने यूनिट मेंबर को सबके सामने डांटा अमि‍ताभ ने बताया – शक्ति फिल्‍म का महत्‍वपूर्ण सीन शूट होना था, जिसमें अमिताभ वाले केरेक्‍टर को मरना था। मैं रिहर्सल कर रहा था, तभी यूनिट मेंबर शोर करने लगे। दिलीप साहब ने सबको डांटकर चुप कराया और कहा - आपको समझ में नहीं आता, जब एक कलाकार रिहर्सल कर रहा हो तो शोर करके उसे डिस्‍टर्ब नहीं करना चाहिए। जेल की हवा भी खा चुके हैं दिलीप साहब 1991 में उन्‍हें पद्मभूषण, 2015 में पद्मविभूषण, 1993 में फिल्‍मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। अपनी जवानी के दिनों में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भाषण देने के आरोप में वे जेल की हवा खा चुके हैं। भाषण के दौरान आज़ादी की लड़ाई को जायज़ ठहराते हुए उन्‍होंने कहा कि ब्रिटिशों के कारण ही हिंदुस्‍तान में सारी मुसीबतें पैदा हो रही हैं। पुश्तैनी हवेली को म्यूजियम बनते देखना थी आखिरी ख्वाहिश दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली को 2014 में पाकिस्तान सरकार ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था। खैबर पख्तूनख्वाह प्रोविंशियल गवर्नमेंट ने इसकी पहल की थी, ताकि यहां म्यूजियम बनाया जा सके। मौजूदा मालिकों को इस काम के लिए 18 मई तक का समय दिया था। लेकिन अफसोस दिलीप साहब इस से पहली ही दुनिया छोड़कर चले गए।

https://webkhabristan.com/feature-news/dilip-kumar-in-memories---while-playing-serious-roles-he-went-to-counsellor-2729
क्या आप जानतें हैं धोनी पहली बार साक्षी को कहाँ मिले? पढ़िए उनकी लव स्टोरी

क्या आप जानतें हैं धोनी पहली बार साक्षी को कहाँ मिले? पढ़िए उनकी लव स्टोरी

पहली नजर में पसंद आई साक्षी साक्षी की माही से पहली मुलाकात एक पार्टी में हुई थी। महेंद्र सिंह धोनी उसी होटल में ठहरे थे जहां साक्षी इंटर्न थीं। साक्षी को उनकी मां ने बताया था कि क्रिकेट टीम में कोई खिलाड़ी है जो पहाड़ी है। इसके बाद दोनों की दोस्ती हुई। धोनी को साक्षी पहली नजर में ही पसंद आ गई थी। तो साक्षी धोनी से शादी नहीं करती... कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी अपने हेयर स्टाइल को लेकर काफी चर्चा में रहे थे। उनके फैंस को हेयरस्टाइल काफी पसंद था, लेकिन साक्षी को उनका स्टाइल कभी अच्छा नहीं लगा। साक्षी ने कहा कि अगर पहले उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को लंबे बालों में देखा होता, तो वह उनसे कभी शादी नहीं करती। 2015 में बेटी जीवा का हुआ जन्म साल 2015 में जब वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिए भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में थी, तब साक्षी ने जीवा को जन्म दिया था। चूंकि धोनी टीम मीटिंग में थे और उन्होंने अपना फोन भी चेक नहीं किया। तब साक्षी ने सुरेश रैना को मेसेज कर कहा था कि माही पिता बन गए हैं, उनसे कहिए कि फोन उठाएं। माही की प्रेमिका की हो गई थी डेथ महेंद्र सिंह धोनी की जिंदगी पर फिल्म भी बनी जिसमें उनकी एक और प्रेम कहानी के बारे में बताया गया है। महेंद्र सिंह धोनी की इस प्रेमिका की कार दुर्घटना में मौत हो जाती है। इसके बाद धोनी काफी अकेले हो गए थे, तब उन्हें साक्षी का साथ मिला।

https://webkhabristan.com/feature-news/do-you-know-dhoni-and-sakshi-love-story-celebrating-11th-anniversary-2687
फिर सुर्खियों में गुलशन कुमार की हत्या का मामला

फिर सुर्खियों में गुलशन कुमार की हत्या का मामला

अब्दुल को 2002 में हुई थी उम्रकैद अब्दुल रऊफ उर्फ दाउद मर्चेंट को 2016 को फेक पासपोर्ट मामले में बांग्लादेश प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। गुलशन कुमार की हत्या मामले में अब्दुल को 2002 में उम्रकैद हुई थी। 2009 को औरंगाबाद जेल से पैरोल पर बाहर आया और बांग्लादेश भाग गया था। गुलशन कुमार पर चलाई थीं 16 गोलियां 12 अगस्त 1997 को मुंबई के साउथ अंधेरी इलाके में जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर तीन हमलावरों ने गुलशन कुमार पर एक के बाद एक 16 गोलियों से उन्हें छलनी कर दिया था। उनके ड्राइवर ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी गोली मार दी। अबु सलेम ने मांगे थे 10 करोड़ रुपये अबु सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ रुपये मांगे थे। गुलशन कुमार ने मना करते हुए कहा था कि इतने रुपए देकर वे वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे। नाराज सलेम ने शूटर राजा से गुलशन कुमार का मर्डर करवा दिया था। सिंगर नदीम के इशारे पर हुई हत्या बाद में सामने आया कि सिंगर नदीम के इशारे पर ही गुलशन कुमार की हत्या की गई थी। टी सीरीज ने नदीम-श्रवण की जोड़ी को इंडस्ट्री में खड़ा किया था। हालांकि, बाद में नदीम की गुलशन कुमार से अनबन हो गई और उसे काम मिलना बंद हो गया। दिल्ली में हुआ जन्म गुलशन कुमार का जन्म 1956 में दिल्ली में पंजाबी परिवार में हुआ। देशबंधु कॉलेज से ग्रेजुएशन की दरियागंज में पिता चंद्रभान की जूस की दुकान थी। इसके बाद पिता ने सस्ती कैसेट्स और गानों की एक दुकान खोली। यहीं से गुलशन कुमार के करियर ने करवट बदली। भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बनी टी-सीरीज गुलशन ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी बनाई जो भारत में सबसे बड़ी संगीत कंपनी बनी। उन्होंने टी-सीरीज की स्थापना की। नोएडा में एक प्रोड्क्शन कंपनी खोली। धीरे-धीरे भक्ति गीत और भजन के कैसेट्स निकालने शुरू किए। गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार संभाल रहे टी-सीरीज कंपनी गुलशन ने अपने बिजनेस को बढ़ता देख मुंबई शिफ्ट होने की सोची। टी-सीरीज का बिजनेस 24 देशों के साथ-साथ 6 महाद्वीपों तक फैला हुआ है। फिलहाल टी-सीरीज कंपनी को गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार संभाल रहे हैं।

https://webkhabristan.com/feature-news/gulshan-kumars-murder-case-again-in-trending-2654
अब अंतरिक्ष में पैदा हो सकेंगे इंसान

अब अंतरिक्ष में पैदा हो सकेंगे इंसान

अंतरिक्ष में रेडिएशन लेवल अर्थ से ज्यादा स्पर्म को फ्रीज करने के लिए जिस तरह के लेवल का रेडिएशन चाहिए, जैपनीज एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के त्शुकुबा स्पेस सेंटर में चूहों के स्पर्म को उससे 170 गुणा ज्यादा रेडिएशन लेवल पर रखा गया। अंतरिक्ष में रेडिएशन लेवल धरती से ज्यादा होता है। जीन्स में किसी तरह की खामी नहीं यामानाशी यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञानी डॉ. वाकायामा ने कहा कि इन शुक्राणुओं से जन्मे बच्चे उतने ही स्वस्थ थे, जितने यहां जन्मे चूहे हो सकते हैं। उनके जीन्स में किसी तरह की खामी नहीं पाई गई। उनके बच्चों के बच्चे भी स्वस्थ पैदा हुए। जीरो ग्रैविटी की परिस्थितियों को लेकर चिंता साइंटिस्ट समझने की कोशिश कर रहे हैं कि अंतरिक्ष की परिस्थितियां प्रजनन को कैसे प्रभावित करती हैं। उन्हें चिंता है कि अंतरिक्ष में रेडिएशन का ज्यादा होना जीन्स को प्रभावित कर सकता है और इसके अलावा जीरो ग्रैविटी की परिस्थितियों को लेकर भी चिंता है कि कहीं वे भ्रूण के विकास को ना रोकें। इंसानों के फ्रीज किए भ्रूण भेज सकते हैं अन्तरिक्ष वाकायामा ने कहा कि चूहों पर हुए अध्ययन से पता चलता है कि बहुत लंबे समय के अभियानों के लिए इंसानों के फ्रीज किए गए भ्रूण अंतरिक्ष में भेजे जा सकते हैं और वहां उन्हें जन्म दिया जा सकता है। 2013 में इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन में भेजे थे चूहों के शुक्राणु एक कैप्सूल में बंद करके साल 2013 में इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन भेजे थे। वहां उन्हें फ्रीजर में रखा और फिर 2019 में उन्हें वापस लाया गया। रिसर्चर का मानना है कि शुक्राणु 200 साल तक अंतरिक्ष यान में सुरक्षित रह सकते हैं। बीज की तरह उसे संभाल सकते हैं।

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बर्थ एनिवर्सरी स्पेशल: पिता के लिए आरडी बर्मन ने 9 साल की उम्र में बनाई थी ट्यून

बर्थ एनिवर्सरी स्पेशल: पिता के लिए आरडी बर्मन ने 9 साल की उम्र में बनाई थी ट्यून

बचपन से मिली संगीत की ट्रेनिंग आरडी को बचपन से ही संगीत की ट्रेनिंग मिली। उन्होंने मुंबई में उस्ताद अली अकबर खान से सरोद की ट्रेनिंग ली थी जबकि समता प्रसाद से तबले की ट्रेनिंग ली। उनके पिता मशहूर बॉलीवुड कंपोजर थे। उन्होंने अपने पिता को भी असिस्ट किया। जब आशा भोंसले से लिया ऑटोग्राफ आरडी और आशा भोंसले की मुलाक़ात 1956 में हुई थी। तब आरडी ने आशा से ज्यादा बात नहीं की, केवल ऑटोग्राफ लिया था। 1966 में आरडी ने फिल्म 'तीसरी मंजिल' के लिए आशा भोंसले से गाने के लिए संपर्क किया था। 'ओ हसीना जुल्फों वाली..' गाने की मेकिंग के दौरान दोनों में दोस्ती हुई। आशा को प्रोपोज कर कहा सिर्फ तुम ही सुर को समझ सकती हो फिल्म 'तीसरी मंजिल' के बाद आरडी जिस फिल्म में संगीत देते उसमें आशा की आवाज जरूर होती। दोनों की शादियां टूट चुकी थीं। दोनों ही अकेले थे, इसलिए साथ काम करते हुए एक-दूसरे के करीब आने लगे थे। आरडी ने आशा को प्रपोज कर कहा - सिर्फ तुम ही हो जो सुर को समझ सकती हो। आरडी की मां ने पहचानना किया बंद आरडी की मां दोनों रिश्ते के खिलाफ थीं। इस बीच उनके पिता का निधन हो गया और मां मीरा की याददाश्त चली गई। बेटे को ही पहचानना बंद कर दिया। जब पंचम को लगा कि मां की तबीयत ऐसी ही रहेगी, तब उन्होंने 1980 में आशा से शादी कर ली। '1942 अ लव स्टोरी' में दिया आखिरी बार संगीत 80 के दशक में पंचम दा का संगीत हिट नहीं हो रहा था, जिससे वे काफी परेशान रहते थे। 90 के दशक की शुरुआत में उन्हें फिल्म '1942 अ लव स्टोरी' में संगीत देने का मौका मिला। फिल्म के सारे गाने सुपरहिट हुए, लेकिन वे इस कामयाबी को देख नहीं पाएं चूंकि 1994 में 54 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।

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