जनादेश स्वीकार, मूल्यों और आदर्शों के लिए जारी रहेगी लड़ाई : राहुल



राहुल ने तमिलनाडु में जीत के लिए द्रमुक नेता एमके स्टालिन को बधाई दी

वेब खबरिस्तान। विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह जनादेश को स्वीकार करते हैं और पार्टी मूल्यों व आदर्शों के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने ट्वीट किया, 'हम जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं। अपने कार्यकर्ताओं और हमें समर्थन देने वाले लाखों लोगों का आभार। हम मूल्यों और आदर्शों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। जय हिंद।

राहुल ने तमिलनाडु में जीत के लिए द्रमुक नेता एमके स्टालिन को बधाई दी। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु के लोगों ने बदलाव के लिए वोट किया है। हम आपके (स्टालिन) नेतृत्व में लोगों के भरोसे को सही साबित करेंगे। उधर, कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की शानदार जीत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बधाई दी और कहा कि भाजपा को उसके बराबर की टक्कर मिली और वह हार गई।

गलतियां सुधारेगी कांग्रेस


कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी जनादेश स्वीकार करती है और वह इसका विश्लेषण करेगी और गलतियां सुधारेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही एकमात्र मजबूत विकल्प है। सुरजेवाला ने कहा, 'हम इन चुनाव परिणामों को पूरी विनम्रता और जिम्मेदारी से स्वीकार करते हैं। इस विषय पर कोई दोराय नहीं हो सकती कि चुनाव परिणाम हमारी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं, विशेषकर असम और केरल के चुनाव परिणाम हमारे लिए चुनौतीपूर्ण भी हैं और आशा के विपरीत भी। हम चुनाव हारे हैं, पर न ही हिम्मत हारी, न मनोबल खोया और न ही आगे बढ़ते रहने का संकल्प। कांग्रेस इन चुनाव परिणामों का पार्टी मंच पर विधानसभावार विश्लेषण करेगी और जहां जो भी कमियां रही हैैं, भविष्य के लिए उन्हेंं सुधारकर हम और गंभीरता से काम करेंगे।Ó

कांग्रेस नेता ने कहा, 'असम और केरल के चुनाव परिणाम हमारे लिए चिंतन का विषय हैं। दोनों ही राज्यों में हमारे कार्यकर्ताओं व नेताओं ने मिलकर धरातल पर कड़ी मेहनत की पर जनता का मत फिर भी हमारे पक्ष में नहीं रहा। दोनों ही राज्यों में हम एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में जनता की समस्याओं को सदन और सदन के बाहर पूरी ताकत से उठाएंगे। बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत पर सुरजेवाला ने कहा कि यह भाजपा के विभाजनकारी एजेंडे, धनबल और बाहुबल की हार है। उन्होंने असम में जीत के लिए भाजपा व सर्बानंद सोनोवाल को और केरल में जीत के लिए एलडीएफ व पिनराई विजयन को जीत की शुभकामनाएं दीं।

कांग्रेस का एक और खराब प्रदर्शन

पांच राज्यों के नतीजों के बाद कांग्रेस फिर सत्ता से दूर रही। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए पार्टी के मौजूदा हालात को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देना भी इन नतीजों के बाद आसान नहीं होगा। खासतौर पर इसलिए भी पार्टी की कमजोर हालत और नेतृत्व की दुविधा को लेकर सवाल उठाने वाले असंतुष्ट नेताओं की पांच राज्यों के चुनाव के दौरान कोई भूमिका नहीं थी। चुनावी रणनीति का संचालन पूरी तरह कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व और उनके करीबी पार्टी रणनीतिकारों के हाथ में ही रहा।

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