विधानसभा मानसून सत्र में फिर गूंजा बल्ह हवाई अड्डे का मुद्दा, विपक्ष ने उठाए ये सवाल

पूर्व प्रोजेक्ट के तहत इस डीपीआर में कोई विशेष बदलाव नहीं किए गए हैं

पूर्व प्रोजेक्ट के तहत इस डीपीआर में कोई विशेष बदलाव नहीं किए गए हैं



सत्तापक्ष ने भी काफी तैयारी कांग्रेस के प्रशनों के जवाब देने को लेकर की

शिमला।  हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया। पहले दिन सदन पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम, पूर्व विधायक रूप सिंह चौहान, मस्तराम और प्रवीण शर्मा के देहांत पर शोकोद्गार से शुरू हुआ। यह जयराम सरकार के कार्यकाल का अंतिम सत्र होगा। इसको लेकर सत्तापक्ष ने भी काफी तैयारी कांग्रेस के प्रशनों के जवाब देने को लेकर की है।

 इन विधेयकों को पटल पर रखेंगे


 इसके अलावा पिछले विधानसभा सत्रों में पारित पांच विधेयकों को पटल पर रखेंगे। इसके बाद नियम 130 के तहत कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल, जगत सिंह नेगी और भाजपा विधायक विक्रम सिंह जरयाल प्रदेश के वन क्षेत्रों में लगने वाली आग और अन्य क्षेत्रों में वर्षा से हो रहे भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से संपत्तियों को हो रहे नुकसान से बचाव और राहत…

मंडी के बल्ह में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए अभी मात्र भूमि का चयन ही किया जा सका है. इसके आगे अभी हवाई अड्डे का काम आगे नहीं बढ़ पाया है. हवाई अड्डे के निर्माण हेतु 2535-01-09 बीघा निज़ी भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत किया जायेगा. क्योंकि अभी तक भूमि अधिग्रहण नहीं किया गया है. ऐसे में मुआवज़ा भी नहीं दिया गया है. हवाई अड्डे की परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है. ये लिखित जबाव विधानसभा में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री द्वारा पूछे गए सवाल के जबाव में मुख्यमंत्री ने दिया है।

बता दें कि मंडी जिले के बल्ह में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सीमा की मार्किंग के लिए राजस्व मुहाल छातड़ू में पक्की बुर्जियां लगाई जा चुकी हैं. ओएलएस और लिडार सर्वे पूरे हो चुके हैं. हवाई अड्डा निर्माण स्थल से जो विभाग प्रभावित हो रहे हैं, प्रशासन ने उन विभागों की संपत्तियों का ब्योरा मांगा था. इसका ब्योरा प्रशासन को मिल गया है. इसमें शिक्षा विभाग के तीन स्कूल जद में आने हैं, जिन्हें स्थानांतरित करने के लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. लोक निर्माण विभाग की सड़कों, जलशक्ति विभाग की जल योजनाओं का भी आकलन तैयार किया जा चुका है. सरकार के निर्देशों के बाद दस दिन के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजे जानी वाली डीपीआर तैयार है. इसी सप्ताह में यह डीपीआर राज्य सरकार को सौंपी जाएगी. निर्माण लागत भी बढ़ सकती है. पूर्व प्रोजेक्ट के तहत इस डीपीआर में कोई विशेष बदलाव नहीं किए गए हैं।

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