रोबोट की मदद से डॉक्टरों को कोरोना से बचाने वाले राजीव करवाल का कोरोना से ही निधन



मिलग्रो रोबोट्स के संस्थापक और चेयरमैन राजीव करवाल का कोरोना से निधन हो गया । तीबयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था

वेब खबरिस्तान, नई दिल्ली । मिलग्रो रोबोट्स के संस्थापक और चेयरमैन राजीव करवाल का कोरोना से निधन हो गया । राजीव करवाल को तीबयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह एलजी, ओनिडा, फिलिप्स और इलेक्ट्रोलक्स में अपने ब्रांड-बिल्डिंग प्रयासों के लिए मशहूर थे। इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स जगत में उनका योगदान सराहनीय रहा । साल 1997 में एलजी कॉर्प को भारत लाने वाले राजीव करवाल ही थे।

2012 में इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए रोबोट बनाना शुरू किया -


राजीव करवाल ने साल 2007 में मिलग्रो रोबोट्स की स्थापना मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के लिए की। साल 2012 में कंपनी ने रेसिडेंशियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए रोबोट बनाना शुरू किया। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में करवाल के बनाए रोबोट्स काफी मददगार साबित हुए हैं। इस रोबोट्स का इस्तेमाल अस्पतालों में डॉक्टरों की मदद के लिए किया जाने लगा है। वे रिलायंस डीजिटल के अध्यक्ष और सीईओ के रूप में भी काम किया।

एम्स में तैनात किया पहला हॉस्पिटल ह्यूमनॉइड ईएलएफ

दिल्ली एम्स के डॉक्टरों व हेल्थ केयर वर्कर्स को कोरोना वायरस से बचाने के लिए कोविड वार्ड में पहला हॉस्पिटल ह्यूमनॉइड ईएलएफ तैनात किया गया था। आईएमटी गाजियाबाद से पढ़ाई पूरी करने वाले ने ओनिडा इलेक्ट्रॉनिक्स में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर करियर की शुरुआत की थी, बाद में उन्हें डिप्टी जनरल मैनेजर बना दिया गया। इसके बाद किशनचंद चेलाराम ग्रुप के लिए स्पेन में काम किया, यहां से वह फिर सूर्या रोशनी लिमिटेड में आ गए।

2004 में बने मोस्ट पावरफुल सीईओ

साल 2004 में उन्होंने ईटी मोस्ट पावरफुल सीईओ की लिस्ट में जगह बनाई। भारत के टॉप 25 यंग राइजिंग स्टार्स की अपनी पहली लिस्टिंग में राजीव बिजनेस टुडे के कवर पेज पर भी थे।

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