प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पास बने नए सर्किट हाऊस का किया उद्घाटन



पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को किया संबोधित

वेब खबरिस्तानः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर के पास बने नए सर्किट हाऊस का उद्घाटन किया। सर्किट हाऊस के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक श्लोक के साथ की। मोदी ने कहा कि भगवान सोमनाथ की आराधना में हमारे शास्त्रों में कहा है- भक्तिप्रदानाय कृतावतारं, तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये। यानी, भगवान सोमनाथ की कृपा अवतीर्ण होती है, कृपा के भंडार खुल जाते हैं। पीएम ने कहा कि जिन परिस्थितियों में सोमनाथ मंदिर को तबाह किया गया और फिर जिन परिस्थितियों में सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ, वो दोनों ही हमारे लिए एक बड़ा संदेश हैं। 

हर राज्य में पर्यटन क्षेत्र में कई संभावनाएं


अलग-अलग राज्यों से देश और दुनिया के अलग-अलग कोनों से सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने हर साल करीब करीब 1 करोड़ श्रद्धालु आते हैं। ये श्रद्धालु जब यहां से वापस जाते हैं, तो अपने साथ कई नए अनुभव, कई नए विचार और एक नई सोच लेकर जाते हैं। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने कोरोना काल में जिस तरह यात्रियों की देखभाल की, समाज की जिम्मेदारी उठाई, इसमें जीव ही शिव विचार के दर्शन होते हैं। हम दुनिया के कई देशों के बारे में सुनते हैं कि उसकी अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान कितना बड़ा है। हमारे यहां तो हर राज्य में हर क्षेत्र में ऐसी ही अनंत संभावनाएं हैं। 

रामायण सर्किट के जरिए भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का दर्शन कर सकते 

पहले जो हैरिटेज साइट्स उपेक्षित पड़ी रहती थी, उन्हें अब सबके प्रयास से विकसित किया जा रहा है। प्राइवेट सैक्टर भी इसमें सहयोग के लिए आगे आया है। इंक्रेडिबल इंडिया और देखो अपना देश जैसे अभियान आज देश के गौरव को दुनिया के सामने रख रहे हैं, पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। रामायण सर्किट के जरिए भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का दर्शन कर सकते हैं, इसके लिए रेलवे द्वारा एक विशेष ट्रेन भी शुरु की गई है। कल से एक स्पैशल ट्रेन दिव्य काशी यात्रा के लिए दिल्ली से शुरु होने जा रही है। आज देश पर्यटन को समग्र रूप में, holistic way में देख रहा है। आज के समय में पर्यटन बढ़ाने के लिए 4 बातें आवश्यक हैं। पहला स्वच्छता- पहले हमारे पर्यटन स्थल, पवित्र तीर्थस्थल भी अस्वच्छ रहते थे। आज स्वच्छ भारत अभियान ने ये तस्वीर बदली है। 

30 करोड़ की लागत से बना सर्किट हाऊस

हर साल सोमनाथ मंदिर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। मौजूदा सरकारी सुविधा मंदिर से काफी दूर है, इसीलिए यहां नए सर्किट हाऊस की जरूरत महसूस की जा रही थी। नया सर्किट हाऊस लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत से बना है और ये सोमनाथ मंदिर के पास ही है।

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