आक्सीजन खत्म होने से टूटने लगीं  सांसें, कोरोना मरीजों ने तोड़ा दम, डॉक्टर की भी मौत



दिल्ली के बत्रा अस्पताल में डेढ़ घंटे तक नहीं थी आक्सीजन, गुरुग्राम के कीर्ति अस्पताल में आक्सीजन की कमी से छह की मौत

वेब खबरिस्तान। देश में कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और साथ ही आक्सीजन की किल्लत बढ़ती जा रही है। शनिवार को आक्सीजन खत्म होने के कारण दिल्ली के एमबी रोड स्थित बत्रा अस्पताल में 12 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। मृतकों में अस्पताल के गैस्ट्रो एंट्रोलोजी विभाग के हेड डॉ. आरके हिमथानी भी शामिल हैं। गुरुग्राम के कीर्ति अस्पताल में भी आक्सीजन की कमी के कारण छह लोगों की मौत हो गई।


बत्रा अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डा. एससीएल गुप्ता ने बताया, शुक्रवार शाम पांच बजे 5000 लीटर आक्सीजन मिली थी। अस्पताल में भर्ती 326 में से 300 मरीज कोरोना के हैं। इनमें 48 आइसीयू में थे। शनिवार सुबह तक दो हजार लीटर आक्सीजन बची थी, जो चार-पांच घंटे के लिए थी। वह सुबह सात बजे से ही एडिशनल सेक्रेटरी हेल्थ, नोडल आफिसर व एसडीएम से आक्सीजन पहुंचाने की गुहार लगाते रहे। यह बताने पर कि सिर्फ आधा घंटा के लिए आक्सीजन बची है तो अधिकारियों ने कहा कि एक टैंकर मुंडका में है और एक बुराड़ी में है। दोपहर पौने 12 बजे आक्सीजन खत्म हो गई। डेढ़ बजे के करीब छह हजार लीटर आक्सीजन अस्पताल पहुंचाई गई, लेकिन तब तक आठ मरीजों की मौत हो चुकी थी। बाद में चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया। इनमें छह मरीज आइसीयू में और छह वार्ड में भर्ती थे। सभी आक्सीजन सपोर्ट पर थे।

कोविड की सूची मेंथा नहीं कीर्ति अस्पताल

वहीं, गुरुग्राम के सेक्टर 56 में स्थित कीर्ति अस्पताल में दम तोडऩे वाले छह कोविड मरीजों में चार गुरुग्राम के रहने वाले थे जबकि दो मरीज दिल्ली के रहने वाले थे। सभी के स्वजन का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को आइसीयू के नाम पर एक कमरे में भर्ती कर रखा था। सिविल सर्जन डा. विरेंद्र ङ्क्षसह ने कहा कि कीर्ति अस्पताल कोविड मरीज का इलाज करने वाली सूची में नहीं शामिल है। शिकायत आई नहीं है फिर भी जांच की जा रही है।

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