नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 : देश में पहली बार 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं, पढ़िए अन्य रोचक आंकड़े

देश के 96.8% घरों तक बिजली पहुंच चुकी है

देश के 96.8% घरों तक बिजली पहुंच चुकी है



माहवारी के दौरान सुरक्षित सैनिटेशन उपाय अपनाने वाली महिलाएं 57.6% से बढ़कर 77.3% हुई

वेब ख़बरिस्तान,नई दिल्ली। देश में पहली बार कुल आबादी में 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या 1020 हो गई है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 के आंकड़े में ये जानकारी मिली हैं। साल 2015-16 में हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 में यह आंकड़ा प्रति 1000 पुरुषों पर 991 महिलाओं का था।

जन्म के समय का लिंगानुपात यानी जेंडर रेश्यो में भी सुधार हुआ है। 2015-16 में यह प्रति 1000 बच्चों पर 919 बच्चियों का था। जबकि ताजा सर्वे में यह आंकड़ा प्रति 1000 बच्चों पर 929 बच्चियों पर पहुंच गया है। कुल आबादी में लिंगानुपात शहरों के बजाय गांवों में बेहतर है। गांवों में प्रति 1000 पुरुषों पर 1037 महिलाएं हैं, जबकि शहरों में 985 महिलाएं ही हैं।

प्रजनन दर 2 पर आई


यह भी पहली बार है कि देश में प्रजनन दर 2 पर आ गई है। साल 2015-16 में यह 2.2 थी। 2.1 की प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट मार्क माना जाता है। यानी अगर एक दंपति दो बच्चों को जन्म दे रहे हैं, तो वो दो बच्चे उन्हें रिप्लेस कर लेंगे। 2 से कम बच्चे पैदा करने का मतलब है कि आबादी कम होने की आशंका है। 2.1 की प्रजनन दर पर आबादी की वृद्धि स्थिर बनी रहती है।

अभी भी स्थिति उतनी बेहतर नहीं

मगर अभी तक स्थिति बहुत बेहतर नहीं हुई है। देश में आज भी 41% महिलाएं ही ऐसी हैं जिन्हें 10 वर्ष से ज्यादा स्कूली शिक्षा प्राप्त हुई है, यानी वे 10वीं कक्षा से आगे पढ़ सकीं। 59 फीसदी महिलाएं 10वीं से आगे नहीं पढ़ पाईं। ग्रामीण इलाकों में केवल 33.7% महिलाएं ही 10वीं के आगे पढ़ सकीं। इंटरनेट की पहुंच देश की सिर्फ 33.3% महिलाओं तक ही है।

43.3% महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी

सर्वे अनुसार 78.6% महिलाएं अपना बैंक खाता ऑपरेट करती हैं। जबकि साल 2015-16 में यह आंकड़ा 53% ही था। दूसरी ओर 43.3% महिलाओं के नाम पर कोई न कोई प्रॉपर्टी है, जबकि 2015-16 में यह आंकड़ा 38.4% था। माहवारी के दौरान सुरक्षित सैनिटेशन उपाय अपनाने वाली महिलाएं 57.6% से बढ़कर 77.3% हो गई हैं। 2015-16 में खुद के आधुनिक टॉयलेट वाले घर 48.5% थे। 2019-21 में यह संख्या 70.2% हो गई है। देश के 96.8% घरों तक बिजली पहुंच चुकी है।

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