मानव भारती यूनिवर्सिटी की डिग्रियों की वेरीफिकेशन में गड़बड़ी



फर्जी डिग्री मामला -जांच के दायरे में आया उच्चतर शिक्षा निदेशालय

शिमला@wkहिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में सुल्तानपुर स्थित मानव भारती यूनिवर्सिटी (Manav Bharti Univercity) की डिग्रियों की वेरीफिकेशन में गड़बड़ी मिली है। क्राइम इन्वेटीगेशन डिपार्टमेंट (सीआइडी) की जांच में ये खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक उच्चतर शिक्षा विभाग ने डिग्रियों को सही तरीके, निर्धारित नियमों के तहत वेरीफाई नहीं किया। आरोप है कि पिछले दस साल से फर्जी डिग्रियां देने का सिलसिला चल रहा था। निदेशालय ने वेरीफिकेशन के लिए आई डिग्रियों के दस्तावेज सही तरीके से नहीं जांचे। सीआईडी की एसआइटी रिकार्ड के आधार पर जांच करेगी।

25 राज्यों से जुड़ा है मामला

सीआइडी की एसआइटी का विस्तार किया गया है। पहले इसमें आइजी से लेकर डीआइजी, एसपी, डीएसपी रैंक के 19 सदस्य थे। 15 नए सदस्य जोड़े गए हैं। घोटाले के तार देश भर के 25 से अधिक राज्यों से जुड़े हैं। इसके लिए ज्यादा टीमों की जरूरत है। एसआइटी के मुखिया एडीजीपी सीआइडी एन वेणुगोपाल हैं।

डीजीपी की भी पैनी नजर


मामले पर डीजीपी की भी पैनी नजर है। उनके आदेश पर ही एसआइटी गठित हुई है। उन्होंने पुलिस की जांच टीम की भी सराहना की थी। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

सरकार ने बनाई दो एसआईटी

मानव भारती यूनिवर्सिटी सोलन फर्जी डिग्री मामले की जांच के लिए हिमाचल सरकार ने बड़ा फैसला लिया था। सीआईडी एडीजीपी एन वेणुगोपाल के नेतृत्व में एसआईटी बनी थी, जो मामले की जांच कर रही है। मानव भारती यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री को लेकर पिछले 11 साल से घोटाला किया जा रहा था। करीब 5 लाख फर्जी डिग्री घोटाले की आशंका है। मामले को लेकर पहले सोलन एसपी के नेतृत्व में एसआईटी बनी थी।

मालिक की हो चुकी गिरफ्तारी

अब सीआईडी एडीजीपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले में विश्वविद्यालय के मालिक राजकुमार राणा, मुनीष गोयल, अनुप ठाकुर, प्रमोद कुमार और केके सिंह से की गिरफ्तारी भी हुई थी। एसआईटी के साथ इनकम टैक्स और ईडी भी इसकी जांच करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा था कि एडीजीपी सीआईडी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। ताकि तह तक पहुंच कर फर्जी डिग्री स्कैम का पर्दाफाश हो सके।

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