कुतिया भी मरे तो नेता शोक संदेश भेजते हैं, 250 किसान मर गए, कोई बोला तक नहीं - मलिक

satya pal malik

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मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा है कि - कुतिया भी मर जाती है तो हमारे नेताओं का शोक संदेश आता है। लेकिन 250 किसान मर गए। कोई बोला तक नहीं।

मेघायल के राज्यपाल ने एक बार फिर किसानों का किया समर्थन

वेब खबरिस्तान। दिल्ली की सरहद पर 110 दिन से खेती कानून के खिलाफ जारी आंदोलन को लेकर मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा है कि - कुतिया भी मर जाती है तो हमारे नेताओं का शोक संदेश आता है। लेकिन 250 किसान मर गए। कोई बोला तक नहीं। यह हृदयहीनता है। किसान घर बार छोड़कर आए थे। हादसों में मरने वालों के लिए भी आप संवेदना भेजते हो। उनको नहीं भेज रहे हो।’ डिडवाना से दिल्ली जाते समय कुछ देर राजस्थान के झुंझुनूं में रुके मलिक ने ये बात कही। 

मलिक ने कहा, ‘मेरा मानना है कि किसान आंदोलन का जल्द हल हो जाएगा। सब अपनी-अपनी जगह ठीक हैं। ये मामला जल्द निपट सकता है। एमएसपी ही मुद्दा है। जिसे कानूनी कर देंगे तो ये हल हो जाएगा। आंदोलन इतना समय नहीं चलना चाहिए। इस मुद्दे पर सरकार और किसानों का रुख ओपन है। बातचीत के जरिए इसे सुलझाया जा सकता है।’किसान आंदोलन में सरकार और किसानों के बीच मध्यस्थ बनने के सवाल पर मलिक बोले कि वह संवैधानिक पद पर हैं। बिचौलिया नहीं बन सकते। 

झुंझुनूं को कहा - शहीदों की धरती 


राज्यपाल मलिक ने झुंझुनूं को शहीदों की धरा बताते हुए कहा कि यहां शहीदों के नाम पर सड़कें बन रही हैं। यह अच्छा है।  मैं अपनी हर स्पीच में झुंझुनूं का जिक्र करता हूं। इसकी वजह है कि यहां हर गांव के बाहर शहीद की प्रतिमा लगी है। इससे ज्यादा शहादत किसी जिले ने नहीं दी है। इसलिए लोगों से कहता हूं कि तीर्थ करने की बजाय झुंझुनूं के गांवों में जाओ। शहीद की पत्नी, मां और बच्चों से मिलो।

मेघायलय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक शुरू से अपनी राय बुलंदी से रखने के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी उन्होंने किसान आंदोलन के लिए कहा था कि सरकार MSP की कानूनी गारंटी दे। मलिक ने राकेश टिकैत की गिरफ्तारी रुकवाने का भी दावा किया था। किसानों के समर्थन में मलिक ने कहा कि अगर केंद्र सरकार फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देती है, तो किसानों को राहत मिलेगी। मलिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि किसानों का अपमान न करें। 

बागपत में मलिक के दावे

खेती कानूनों का विरोध करने वाले सिख किसानों का जिक्र करते मलिक ने कहा कि मैं सिखों को जानता हूं। वे 300 साल तक कोई बात नहीं भूलते। मिसेज गांधी (इंदिरा गांधी) ने जब ऑपरेशन ब्लू स्टार कराया तो फार्म हाउस पर महीने तक महामृत्युंजय मंत्र जाप कराया था। मैं किसान परिवार से हूं। इसलिए उनकी समस्याएं समझ सकता हूं। मैं किसानों की समस्याएं हल करने के लिए किसी भी हद तक जाऊंगा। ये गलत रास्ता है। 

किसानों को दबाकर भेजना, अपमानित करके दिल्ली से भेजना। पहले तो ये जाएंगे नहीं। ये जाने के लिए नहीं आए। गवर्नर को चुप रहना पड़ता है। सिर्फ दस्तखत करने पड़ते हैं। किसी बात पर बोलना नहीं पड़ता। मैं जरूर बोलता हूं। किसानों के मामले में मैंने देखा कि क्या-क्या हो रहा है। तब मैंने PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों से कहा कि मेरी दो प्रार्थना हैं। एक कि इन्हें दिल्ली से खाली हाथ नहीं भेजना। दूसरा इन पर बल प्रयोग नहीं करना। जिस दिन टिकैत की गिरफ्तारी का शोर मचा था, तो 11 बजे मैंने इसे रुकवाया और कहा कि यही मत करना। 

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