फर्जी रसीदों पर लोगों से इकट्ठा किए 55 लाख के बिजली बिल

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हरियाणा में बिजली बिल वसूलने वाली कंपनी के करिंदों ने फर्जी रसीदें छपवाकर लोगों के 55 लाख रुपए हड़प कर लिए। बिजली वितरण निगम ने बिल भुगतान के लिए ईपे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से करार कर रखा है।

ईपे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मिलीभुगत से हुआ फ्रॉड.

कैथल @wkहरियाणा में बिजली बिल वसूलने वाली कंपनी के करिंदों ने फर्जी रसीदें छपवाकर लोगों के 55 लाख रुपए हड़प कर लिए। बिजली वितरण निगम ने बिल भुगतान के लिए ईपे इंफोसर्व प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से करार कर रखा है।

कंपनी के रीजनल मैनेजर की शिकायत पर डिस्ट्रीब्यूटर रमाणा गांव निवासी जगदीप सिंह उसके भाई संदीप सिंह, देवबन गांव निवासी विपिन कुमार, फतेहपुर गांव निवासी मनीष कुमार और रमाणा गांव निवासी बलजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है।

कंपनी ने बना रखे थे रिटेलर


पुलिस कंप्लेंट के मुताबिक कंपनी का उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के साथ 2013 से करार है। कैथल समेत दस जिलों में वे बिजली बिल वसूलते हैं। प्रीपेड रिटेलर मार्केट में और कैशियर बिजली बोर्ड निगम के दफ्तरों में सरकारी खिड़की पर बैठते हैं। गली-मोहल्लों में बने रिटेलर बिल वसूलते हैं। इसके लिए रिटेललर को अपने वॉलेट में एडवांस में टॉपअप रखना पड़ता है। जो वह कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर को कैश देकर लेता है। कैथल के सभी रिमोट रिटेलर्स को मई से जून 2018 में बंद कर दिया गया था।

कंपनी से निकालने के बाद किया फ्राड

जगदीप डिस्ट्रीब्यूटर था। उसने आरोपियों के साथ मिलकर ये गोलमाल किया है। जगदीप को कलेक्शन काम अप्रैल से जून 2018 तक ही दिया गया था। उसने कंपनी से निकाल दिया गया था। बाहरर जाने के बाद उसने जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर और नवंबर 2018 में फर्जी कलेक्शन बुक छपवाकर साथियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की।

32 गांवों के लोगों को दी फर्जी रसीदें

कैथल के पूंडरी के सहित अन्य 32 गांव के हजारों कस्टमर को फर्जी रसीद देकर करीब 55 लाख रुपये वसूले गए। इतने बड़े स्तर पर गबन और धोखाधड़ी होने पर कम्पनी को जब जानकारी मिली तो पुलिस को शिकायत दी। हैरनी की बात है कि कंपनी को घपले की जानकारी करीब दो साल बात लगी है।

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