करनाल में किसानों का धरना हुआ खत्म, पढ़िए किन मांगों पर बनी सहमति

किसानों ने खत्म किया धरना

किसानों ने खत्म किया धरना



संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस करने के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों के बीच आकर चल रहे धरने को खत्म करने की घोषणा की।

वेब ख़बरिस्तान,करनाल करनाल में किसानों ने अपना धरना खत्म कर दिया है। जिला प्रशासन और किसानों के बीच दो मांगों पर समझौता हुआ। पहला ये कि बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज की जांच और दूसरा मृतक के परिजन को डीसी रेट पर नौकरी। वहीँ दूसरी ओर एसडीएम आयुष सिन्हा को छुट्‌टी पर भेज दिया गया है। संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस करने के बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों के बीच आकर चल रहे धरने को खत्म करने की घोषणा की। उन्होंने किसानों को दिल्ली के टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर कूच करने को कहा। उन्होंने मानी गई मांगों की विस्तार से जानकारी भी दी।

जांच रिटायर्ड जज करेंगे


करनाल प्रशासन के अधिकारी बसताड़ा टोल पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज की जांच कराने को मान गए हैं। इसकी जांच रिटायर्ड जज द्वारा की जाएगी, जोकि एक महीने में पूरी होगी। प्रशासन ने लाठीचार्ज में मारे गए किसान के परिजन को नौकरी देने की मांग भी मान ली है। प्रशासन मृतक के परिजन को एक हफ्ते के अंदर डीसी रेट पर नौकरी देगा।

शुक्रवार देर रात तक चली बातचीत में किसानों की मांगों पर चर्चा हुई। किसानों के साथ चर्चा में डीसी निशांत कुमार यादव और एसपी गंगाराम पूनिया भी शामिल हुए।

तीन मांगे रख 7 दिन का समय दिया था

प्रशासन के न्यौते पर गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में सुरेश कौथ और रतन मान समेत 13 किसान नेता बातचीत करने पहुंचे थे। बसताड़ा में हुए लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने घरौंडा की अनाज मंडी में एक महापंचायत की थी। इसमें राज्य के सभी किसान संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया था। इसमें तीन मांगें रखते हुए 7 दिन का समय दिया था और फिर सचिवालय पर धरना शुरू कर दिया था। किसानों नेताओं की मांग है कि लाठीचार्ज का आदेश देने वाले SDM आयुष सिन्हा को बर्खास्त किया जाए। मृतक के बेटे को नौकरी और परिवार को 25 लाख रुपए के मुआवजे के साथ घायलों को दो-दो लाख रुपए की मदद दी जाए।

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