बैंक डूबने पर भी ग्राहकों की 5 लाख तक की रकम सुरक्षित,  अब तक एक लाख रुपए थी लिमिट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बिल के बारे बताते हुए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बिल के बारे बताते हुए



केंद्रीय कैबिनेट की ओर से डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन एक्ट संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है

वेब खबरिस्तान, मुंबई। केंद्रीय कैबिनेट की ओर से डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन एक्ट संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है। अब बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में ग्राहकों की 5 लाख रुपए तक की रकम सुरक्षित रहेगी। डिपॉजिटर्स को 90 दिन के अन्दर यह रकम मिल जाएगी। जबकि अब तक ग्राहकों की बैंक में जमा एक लाख रुपए तक की रकम ही सुरक्षित होती थी।

साल 2020 में हुआ था ऐलान


सरकार की ओर से साल 2020 में ही डिपॉजिट इंश्योरेंस की लिमिट 5 गुना बढ़ाने का ऐलान कर चुकी थी। अब इसे कैबिनेट की मंजूरी मिली है। हालाँकि अभी इसे संसद की मंजूरी मिलना बाकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बिल को संसद के मानसून सत्र में ही पेश किया जाएगा।

एक से ज्यादा अकाउंट में भी 5 लाख की ही गारंटी

डिपॉजिट इंश्योरेंस के तहत ग्राहक के कुल 5 लाख रुपए ही सुरक्षित होते हैं। अगर कस्टमर का एक ही बैंक की कई ब्रांच में अकाउंट है, तो सभी अकाउंट में डिपॉजिट अमाउंट और ब्‍याज जोड़कर 5 लाख तक की रकम ही सुरक्षित मानी जाएगी। इसमें मूलधन और ब्‍याज दोनों शामिल है। बैंक के सभी डिपॉजिट डीआईसीजीसी के दायरे में आते हैं, जिसमें सेविंग्स, फिक्स्ड डिपॉजिट समेत करेंट अकाउंट शामिल हैं।

100 रु. पर प्रीमियम 2 पैसे बढ़ा

इंश्योरेंस कवर बढ़ने से बैंक ग्राहकों को फायदा हुआ लेकिन दूसरी ओर प्रति 100 रुपए पर लगने वाला प्रीमियम भी 10 पैसे से बढ़कर 12 पैसे हो गया है। गारंटी राशि बढ़ाने पर बैंकों में लोग गारंटी राशि के बराबर पैसा जमा कराने को लेकर परेशान नहीं होंगे, जिससे लोगों का भरोसा भी बैंकिंग सिस्टम पर बढ़ेगा। इस से सेविंग बढ़ने से बैंक ज्यादा कर्ज दे सकेंगे।

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