कोरोना महामारी ने रोकी देश की पहली डिजिटल जनगणना



5 मई से शुरू होनी थी घरों की लिस्टिंग, 30 लाख कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी नहीं हुई

वेब खबरिस्तान, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण इस साल जनगणना का काम भी अटक गया है। सरकार की प्लानिंग थी कि मई महीने में जनगणना के तहत घरों की लिस्टिंग का काम शुरू किया जाएगा,  लेकिन कोरोना के कारण अभी देश में हालात काफी बिगड़ गए हैं जिस वजह से ऐसा नहीं हो सका।

8,754 करोड़ रुपए खर्च होंगे


जनगणना पर 8,754 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दो चरणों में होगी। पांच मई से पहला चरण शुरू होना था, लेकिन कोरोना की वजह से 30 लाख कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी नहीं हो पाई। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर भी इस दौरान ही अपडेट किया जाएगा। इस पर 3,941 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

ऐप से होगी जनगणना

पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2022 तक हाउस लिस्टिंग और हाउस गणना होगी। साल 2022 में पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए मोबाइल ऐप और वेब एप्लीकेशंस तैयार हो चुके हैं। एप 16 भाषाओं में है। इसके बाद 30 लाख जनसंख्याकर्मियों घर-घर जाकर इनका सत्यापन करेंगे।

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