2100 दीपों से जगमग होगा तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब

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विश्व में सिख समाज के दूसरे बड़े तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब दीपावली पर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा है। शुक्रवार की शाम यहां मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के साथ

गुरु घर के दीपक से रोशन होगा सिख समाज का आशियाना

पटना@wk

विश्व में सिख समाज के दूसरे बड़े तख्त श्रीहरिमंदिर जी पटना साहिब दीपावली पर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा है। शुक्रवार की शाम यहां मत्था टेकने पहुंचे श्रद्धालु तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के साथ सेल्फी लेते नजर आए। शनिवार को गुरुघर 2100 मिट्टी के दीयों से रोशन होगा। प्रबंधक समिति के अधीक्षक सरदार दलजीत ङ्क्षसह ने बताया कि इस दिन को बंदी छोड़ दिवस के तौर पर मनाया जाता है।


उन्होंने बताया कि कार्तिक अमावस्या के दिन ही सिख समाज के छठे गुरु श्री हरगोविंद राय समेत 52 राजाओं की रिहाई कैद से हुई थी। परंपरा के अनुसार विभिन्न मोहल्लों में रहने वाले सिख परिवार घर से दीया लेकर तख्त श्री हरिमंदिर पहुंचते हैं। गुरुद्वारा से लौटते समय घर का दीया निशान साहिब के पास रख कर जलाते हैं। यहां से एक जलता दीया लाकर घर के सभी दीये व मोमबत्ती उसी से जलाते हैं।

52 कलियों वाले चोले पकड़ कैद से मुक्त हुए थे 52 राजा

प्रबंधक समिति के अधीक्षक सरदार दलजीत ङ्क्षसह ने बताया कि सिख धर्म के छठे गुरु हरगोङ्क्षवद साहिब को मुगल शहंशाह जहांगीर ने ग्वालियर के किले में कैद कर लिया था। इसके बाद साई मियां मीर जी ने जहांगीर से गुरुजी की रिहाई की बात कर ली। गुरुजी ने अकेले रिहा होने से इन्कार कर दिया। गुरुजी ने वहां कैद सभी 52 राजाओं को भी रिहा करने की बात कही। जहांगीर ने शर्त रखी कि आपको पकड़कर जितने लोग चाहे बाहर हो सकते हैं।

तब छठे गुरु ने 52 कलियों वाला चोला बनवाया। हर एक राजा ने गुरुजी के चोले की एक कली पकड़ी और पीछे-पीछे कैद से बाहर निकल गए। इसके बाद गुरुजी अमृतसर पहुंचे तो दीप जला कर खुशियां मनाई गईं।

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