डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत का कोरोना वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक, वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट की श्रेणी में रखा



विश्व संगठन ने भारत के कोरोना वेरिएंट की निगरानी को लेकर भी चेतावनी दी थी, यूएन ने कहा है कि आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं कोरोना के नए वेरिएंट, बन सकते हैं चिंता का सबब

वेब खबरिस्तान। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। कोरोना वायरस में अब तक कई बदलाव देखे जा चुके हैं। ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका का कोरोना वेरिएंट कई देशों में घातक साबित हुआ, लेकिन अब भारत के कोरोना वेरिएंट B.1.167 को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन इन सभी कोरोना वेरिएंट में सबसे घातक बताया। संगठन ने कहा है कि यह वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए खतरनाक है।


बता दें कि डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम कुछ दिनों से कोरोना के इस वेरिएंट की जांच में जुटी है। दूसरी ओर यूएन विशेषज्ञों की टीम ने कहा है कि इस वेरिएंट पर वैक्‍सीन की कारगरता को लेकर भी रिसर्च की जा रही है। इन विशेषज्ञों ने ये भी कहा है कि आने वाले दिनों में दुनिया में कोरोना के नए वेरिएंट सामने आ सकते हैं। कुछ वेरिएंट अधिक चिंता का सबब भी बन सकते हैं। इससे बचाव के लिए संक्रमण रोकने के लिए युद्ध स्‍तर पर काम करने की जरूरत होगी। यूएन विशेषज्ञों ने ये भी कहा है कि वायरस की रोकथाम के लिए कोविड-19 के लिए बनाए नियमों को अधिक कड़ाई से अपनाना होगा।

तेजी से फैलता है यह वायरस

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में पता चला है कि भारत में मिला कोरोना वेरिएंट भारत में बेहद घातक है और तेजी से फैलता है। इसमें हो रहे बदलाव पर भी संगठन ने चिंता जताई है। संगठन की विशेषज्ञ डॉक्‍टर मारिया वान कर्कहोवे ने जानकारी दी है कि B.1.167 वेरिएंट की शुरुआत भारत में ही हुई है ओर इसके संक्रमण की रफ्तार दूसरे वेरिएंट से अधिक तेज है। मौजूदा समय में भी भारत में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के पीछे इसी वेरिएंट का हाथ है।

ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा बढ़ा

बता दें कि भारत में चार दिन से लगातार चार लाख से अधिक मरीज सामने आए थे। वहीं अब दो दिनों से नए मामलों की रफ्तार में कमी आई है और ये 4 लाख से नीचे पहुंच गए हैं। इसके अलावा ठीक होने वाले मरीजों में भी तेजी आई है।

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