क्रिप्‍टो करेंसी का क्‍या होगा अंजाम ! केंद्र क्रिप्‍टो करेंसी की रोकथाम के लिए बिल लाने की तैयारी में

बिल का नाम द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 है

बिल का नाम द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 है



आज सुबह 10 बजे भी बिटकॉइन में 17% से ज्यादा गिरावट देखी जा रही है।

वेब ख़बरिस्तान,नई दिल्‍ली। क्रिप्‍टो करेंसी में पैसा इंवेस्‍ट करने वालों को मंगलवार को इसकी कीमत अचानक गिर जाने से जबरदस्‍त झटका लगा है। आज सुबह 10 बजे भी बिटकॉइन में 17% से ज्यादा गिरावट देखी जा रही है। ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में बिटक्वॉइन समेत दूसरी आभासी मुद्रा भी धड़ाम हुई है। पिछले कुछ साल में दुनिया के कई देशों में इसका चलन बड़ी तेजी से फैला है और लोगों की दिलचस्‍पी भी इसमें बढ़ी है। लेकिन अगर भारत की बात करें तो खुद पीएम नरेंद्र मोदी इस क्रिप्‍टो करेंसी को लेकर देश की जनता को आगाह कर चुके हैं। केंद्र क्रिप्‍टो करेंसी की रोकथाम के लिए आगामी शीतकालीन सत्र में एक बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर भी लोगों की धड़कनें काफी बढ़ी हुई हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि भारत से भी इसमें पैसा लगाया गया है। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक होगा।

पीएम मोदी ने विश्वभर से की अपील

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे विश्‍व से इसकी रोकथाम में हाथ बटाने और कदम उठाने की अपील की थी। उन्‍होंने कहा था कि यदि ये गलत हाथों या नेटवर्क में पड़ गई तो इससे युवाओं की जिंदगी तबाह हो सकती है। इस पर रोक लगाने की तैयारी कर रही सरकार की चिंता इस बात को लेकर भी है कि ये आतंक को पालने पोसने का बड़ा जरिया बन सकती है। मगर रिजर्व बैंक आफ इंडिया की मानें तो क्रिप्टो करंसी पर रोक लगाने के लिए फिलहाल हमारे देश में कोई विशेष नियम नहीं हैं।


दूसरी ओर सरकार इस पर रोक लगाने से पीछे हटना नहीं चाहती है। इसी कारण प्रधानमंत्री मोदी ने इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। सरकार आगामी शीतकालीन सत्र में जो बिल लाने की कवायद में लगी है वो निवेशकों का जोखिम कम करने पर केंद्रित होगा। क्रिप्‍टो करेंसी पर देश की वित्‍त मंत्री पहले ही कह चुकी हैं कि उन्हें इससे काफी उम्‍मीद है। इस बिल का नाम द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल 2021 है। इसमें आरबीआई द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के निर्माण की सुविधा के अलावा निजी क्रिप्टोकरेंसी को बैन करने की बात भी है। एक न्यूज़ एजेंसी अनुसार इसमें इस करेंसी को पूरी तरह से बैन करने की मांग की गई है। यदि इस बिल को संसद से मंजूरी मिल जाती है तो ये बड़ी बात होगी।

इसे लेकर नियम कानून साफ होंगे

शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो करेंसी समेत करीब 26 बिल सरकार की तरफ से पेश किए जाएंगे। इस विधेयक की एक खास बात ये भी है कि इसमें इस आभासी मुद्रा की परिभाषा तय हो जाएगी। साथ ही इसके जरिए इसको लेकर नियम कानून भी बेहद साफ हो जाएंगे। वर्तमान की यदि बात करें तो अब तक इसको लेकर इसमें पैसा लगाने वाले भी बहुत कुछ नहीं जानते हैं। अभी ये भी साफ नहीं है कि ये डिजिटल एसेट होगी या फिर कमोडिटी के तौर पर भी पेश की जा सकेगी। वर्ष 2018 में आरबीआई ने इसके लेन-देन का समर्थन करने वाले बैंकों और विनियमित वित्तीय संगठनों को बैन कर दिया था। आरबीआई ने इसके लिए दो वर्ष के अंदर कानून बनाने की भी बात कही थी।

मिस्त्र में शरिया कानून के तहत इसे माना गया हराम

चीन के सेंट्रल बैंक की तरफ से भी इसमें होने वाली ट्रांजेक्‍शन को गैर कानूनी करार दिया गया है। इसके अलावा चीन ने इसमें ट्रेडिंग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है। क्रिप्‍टो करेंसी को लेकर केवल चीन ने ही सख्‍त रुख नहीं अपनाया हुआ है बल्कि कुछ अन्य देश भी इस लिस्‍ट में शामिल हैं। मिस्र में तो इसको शरिया कानून के तहत हराम माना गया है। नाइजीरिया, तुर्की, इंडोनेशिया, बांग्‍लादेश, वियतनाम, अल्‍जीरिया, बोलविया, इक्‍वाडोर और कतर में भी इस पर प्रतिबंध है।

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