Himachal Cabinet: भवन निर्माण का नक्शा अब हमेशा के लिए मान्य, जबरन धर्मांतरण पर एक लाख जुर्माना



नक्शा पास करवाने के बाद अब कभी भी भवन का निर्माण किया जा सकेगा। इनमें व्यावसायिक भवनों के नक्शे भी शामिल होंगे।

 

खबरिस्तान नेटवर्क| शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब एक बार भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करवाने के बाद हमेशा के लिए मान्य होगा। नक्शा पास करवाने के बाद अब कभी भी भवन का निर्माण किया जा सकेगा। इनमें व्यावसायिक भवनों के नक्शे भी शामिल होंगे। इसके अलावा अब जबरन धर्मांतरण पर एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। बुधवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दोनों संशोधन विधेयकों के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। ड्राफ्ट इस मानसून सत्र में ही सदन में पेश होंगे।


 

सरकार कर्ज लेने की सीमा भी बढ़ाने जा रही है। इसके लिए राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) विधेयक के ड्राफ्ट को भी स्वीकृति दी गई है। इस संशोधन विधेयक को भी इसी सत्र में पेश किया जाएगा। बैठक में टीसीपी संशोधन विधेयक 2022 की धारा-34 में संशोधन करने पर सहमति बनी है।

 

हालांकि नगर निगम शिमला के लिए पहले ही वर्ष 2007 में इस विधेयक की धारा-34 में संशोधन कर दिया था। टीसीपी में यह प्रक्रिया चल रही थी। पहले नक्शा पास करने के तीन साल के अंदर भवन निर्माण करना होता है। अगर इस अवधि में काम नहीं होता है तो लोगों को अवधि बढ़ाने के लिए टीसीपी में आवेदन करना होता है। तीन साल के बाद दो बार (साल दर साल) आवेदन करने होते थे। यह प्रक्रिया पांच साल तक चलती थी, लेकिन अब एक बार नक्शा पास होने के बाद वह हमेशा के लिए स्वीकृत माना जाएगा। गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2019 में राज्य विधानसभा में पारित किया था। इसमें अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान तो था, लेकिन जुर्माने का प्रावधान नहीं था। अब 50 हजार रुपये और एक लाख रुपये के अलग-अलग अपराध जुर्माने की राशि को भी इसमें दर्ज किया जा रहा है।

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