बंगाल के खेलमंत्री मनोज तिवारी अब बंगाल टीम के फिटनेस कैम्प में शामिल



साल 2006-07 में रणजी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन को कोई नहीं भूल सकता

वेब खबरिस्तान। मनोज तिवारी का इंटरनेशनल करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन साल 2006-07 में रणजी ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन को कोई नहीं भूल सकता। इस साल उन्होंने विधानसभा चुनाव के जरिए राजनीतिक पारी की शुरुआत की और प्रदेश के खेलमंत्री बने। अब मनोज तिवारी का नाम बंगाल क्रिकेट संघ के 39 संभावित खिलाड़ियों की सूची में है। बंगाल के पूर्व कप्तान मनोज ने आखिरी रणजी ट्रॉफी मैच मार्च 2020 में सौराष्ट्र के खिलाफ खेला था।

चुनाव जीतने के बाद कहा था फिटनेस बरकरार रखूँगा


मनोज तिवारी ने शिवपुर से चुनाव जीतने के बाद कहा था, ‘मैं अपनी फिटनेस बरकरार रखूंगा। उन्होंने साथ ही कहा था कि बंगाल के लिए कुछ और समय खेलने से मैं इनकार नहीं करता।बंगाल के सीनियर संभावित खिलाड़ियों का फिटनेस शिविर 23 जुलाई से शुरू होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मनोज तिवारी को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। पहली बार ही विधायक बने तिवारी ने 43 अन्य नेताओं के साथ 10 मई को मंत्री पद की शपथ ली थी। खेल और युवा राज्य मंत्री का प्रभार मिलने वाले मनोज ने अपनी पत्नी के साथ चुनाव से ठीक पहले टीएमसी ज्वाइन की थी। हावड़ा के शिवपुर विधानसभा सीट से उन्होंने बेहतरीन जीत दर्ज की थी।

12 वनडे में बनाये 287 रन

मनोज तिवारी ने साल 2008 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। उन्होंने आखिरी वनडे मैच जुलाई 2015 में खेला था। उन्होंने 12 वनडे में कुल 287 रन बनाए और तीन टी-20 मैच भी खेले। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही लंबा न रहा हो, लेकिन 2006-07 में रणजी ट्राफी में उनके प्रदर्शन को कोई नहीं भूल सकता। इस सीजन में उन्होंने 99.50 की औसत से 796 रन बनाए थे। आईपीएल में भी वे कोलकाता नाइटराइडर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स की ओर से खेलते थे।

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