मनाली से लेह का सफर 46 किमी. कम होगा



दुनिया की सबसे लंबी 9.02 किमी. सुरंग का प्रधानमंत्री मोदी ने किया शुभारंभ

मनाली@wk32 सौ करोड़ रुपए की लागत से तैयार विश्व की सबसे लंबी 9.02 किलोमीटर की अटल टनल रोहतांग आज देश को समर्पित हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के मनाली में उद्घाटन किया। समुद्र तल से करीब दस हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर बनी टनल से लाहौल-स्पीति के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। छह महीने बर्फ की कैद में लोगों को रहना पड़ता था। अब बर्फ से रोहतांग दर्रे का राह बंद नहीं होगा।


चीन सीमा तक सैन्य वाहन व रसद पहुंचाना भी आसान होगा। इस टनल के खुलने के बाद मनाली से लेह तक का सफर 45 घंटे का रह जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन के बाद विशेष वाहन से सुरंग देखी। इसके अंदर बनी आपातकालीन सुरंगों का भी जायजा लिया। पीर पंजाल की पहाड़ियों में बनी सुरंग लाहौल घाटी समेत चंबा जिले की किलाड़ व पांगी घाटी में विकास की नई गाथा लिखेगी। सुरंग भारतीय सेना को मजबूती देगी। सैन्य वाहनों को सीमा तक पहुंचने में कम समय लगेगा।

पौने घंटे का रह जाएगा सफर

अब मनाली से लेह जाने के लिए 46 किलोमीटर की दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। बल्कि सुरंग बने के बाद सफर बड़े वाहन 45 मिनट में कर सकेंगे। जिसे पहले चार घंटे लगते थे। सुरंग निर्माण पर 32 सौ करोड़ रुपए का खर्च आया। हालांकि अनुमान 4000 करोड़ का रखा गया था। शुरुआती चरण में लागत लगभग 1400 करोड़ रु पए आंकी गई थी। सुरंग के ठीक ऊपर स्थित सेरी नाले से पानी के रिसाव के कारण निर्माण में लगभग पांच साल की देरी हुई।

2000 में अटल ने रखा था नींव पत्थर

सुरंग के निर्माण की घोषणा अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 जून 2000 को की थी। 26 मई 2002 को उन्होंने सुरंग के साउथ पोर्टल तक बनने वाली सड़क की आधारशिला भी रखी थी। जून 2010 में सोनिया गांधी ने सुरंग की आधारशिला रखी थी।

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