श्मशान घाट से शवों के कपड़े और कफन उतारकर स्टिकर लगाकर नए की तरह पैक करके बेचते थे, सात लोग गिरफ्तार



बड़ी संख्या में कफन, धोती और चादर बरामद, चोरी करने वाले गिरोह का सरगना है कपड़ा व्यापारी, उसका बेटा और भतीजा भी गिरोह में शामिल है

वेब खबरिस्तान, बागपत। कोरोनाकाल के बीच एक ओर जहां श्मशान घाट शवों से भरे पड़े हैं, वहीं श्मशान घाट से ही ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। रविवार को पुलिस ने श्मशान घाट से शवों के कपड़े और कफन चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के सरगना समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों के पास से बड़ी संख्या में कफन, धोती और चादर आदि बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना कपड़ा व्यापारी है, उसका बेटा और भतीजा भी गिरोह में शामिल है।

रिबन से करते थे पैकिंग


कोतवाली में सीओ आलोक सिंह ने बताया है कि सूचना के आधार पर रविवार सुबह पुलिस ने श्मशान घाट से शवों के कपड़े चोरी करने वाले गिरोह के सरगना समेत सात शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह के सदस्य रात में सन्नाटे के वक्त श्मशान घाट में जाकर शवों के कपड़े चोरी करते थे। फिर उन कपड़ों पर मध्यप्रदेश के ग्वालियर की एक कंपनी का स्टिकर लगाकर उन्हें बिल्कुल नए की तरह पैक करते थे। कफन और कपड़ों को बिल्कुल नए की तरह दिखाने के लिए रिबन आदि से अच्छी पैकिंग करते थे। उसके बाद बाजार में बेच दिए जाते थे। सीओ ने बताया है कि गिरोह का सरगना कपड़ा व्यापारी प्रवीण कुमार जैन है। उसकी बड़ौत बाजार के नई मंडी में दुकान है।

520 कफन और चादर बरामद किए

पुलिस ने आरोपितों से 520 कफन और चादर, 127 कुर्ते, 140 सफेद कमीज, 34 धोती, 52 साड़ी, रिबन के तीन पैकेट, ग्वालियर के 152 रिबन और एक टेप कटर बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपितों को अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपितों को जेल भेज दिया है। आरोपितों में सरगना प्रवीण कुमार जैन, उसका बेटा आशीष जैन, भतीजा ऋषभ जैन, राजू शर्मा, श्रवण शर्मा, शाहरुख खान, बबलू कश्यप सभी निवासी बागपत शामिल हैं।

शवों पर चढ़ाते हैं कफन व कपड़े

यहां किसी की मौत होने पर उसके रिश्तेदार और आसपास के लोग शवों के लिए कफन के साथ ही कपड़े भी देते हैं। पुरुष की मौत हुई है तो रेडीमेड शर्ट, पैंट, कुर्ता-पजामा या उसका कपड़ा और धोती आदि दी जाती है। महिला की मौत होने पर साड़ी दी जाती है। ये कपड़े अर्थी पर चढ़ा दिए जाते हैं, जिन्हें बाद में अंतिम संस्कार कराने वाले एकत्र करते हैं। ये लोग उन्हीं कपड़ों की चोरी कर उन्हें बेचते थे। पुलिस पता लगा रही है कि किन-किन दुकानों से इन कपड़ों की बिक्री की गई है।

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