अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर सेना अलर्ट, यात्रा से पहले आंतकियों के खिलाफ सर्च अभियान

कोरोना के कारण दो साल बाद 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हो रही है

कोरोना के कारण दो साल बाद 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हो रही है



विभिन्न खुफिया सूचनाओं से पता चलता है कि आतंकवादी यात्रा को बाधित करने के लिए सीमा पार से घुसपैठ करने की साजिश रच रहे हैं

वेब खबरिस्तान, जम्मू। सुरक्षा बलों की ओर से आज जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) से लगे इलाकों में सीमा पार सुरंगों का पता लगाने और अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सांबा, कठुआ और जम्मू के जिलों के सीमावर्ती गांवों में संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया।


कोरोना के कारण दो साल बाद 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 30 जून को शुरू हो रही है। 

यह यात्रा दो मार्गों - दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में नुनवान के पारंपरिक 48 किलोमीटर और मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल से 14 किलोमीटर छोटे मार्ग - से शुरू होगी। सांबा के पुलिस उपाधीक्षक (अभियान) जीआर भारद्वाज ने कहा, “विभिन्न खुफिया सूचनाओं से पता चलता है कि आतंकवादी यात्रा को बाधित करने के लिए सीमा पार से घुसपैठ करने की साजिश रच रहे हैं।”सुचेतगढ़ सीमा से रीगल तक लगभग आठ किलोमीटर के क्षेत्र में संयुक्त बलों द्वारा किसी भी संभावित सीमा पार सुरंग का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया गया ।

 संभव है कि घुसपैठ के लिये आतंकवादियों द्वारा सीमा पार से सुरंग खोदी गई हो। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान आम तौर पर इस्तेमाल नहीं होने वाले सभी इलाकों में तलाशी ली, जो आगामी यात्रा के लिए किए गए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम का हिस्सा है। भारद्वाज ने कहा, “हम खतरे के प्रति सतर्क हैं और यात्रा को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी मंसूबे को विफल करने के लिए इलाके में गश्त, तलाशी अभियान और रात की चौकसी बढ़ा दी गई है।” 

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