कृषि कानून वापसी बिल पास, लेकिन हंगामे के बीच दोनों सदन कल तक स्थगित, 12 सांसद निलंबित

राहुल गांधी ने कहा-प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उनकी गलती के कारण 700 लोग मारे गए

राहुल गांधी ने कहा-प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उनकी गलती के कारण 700 लोग मारे गए



संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही कृषि कानून वापसी बिल दोनों सदनों में पास हो गया है। अब यह बिल राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

वेब ख़बरिस्तान,नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही कृषि कानून वापसी बिल दोनों सदनों में पास हो गया है। अब यह बिल राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में यह विधेयक पेश किया। इसके बाद ही विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष के हंगामे के बीच ही बिल राज्यसभा में पास हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष से कहा कि आप चर्चा चाहते हैं तो हम वो करवाने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष ने नारेबाजी जारी रखी। दोनों सदन कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

राज्यसभा से 12 सांसद किये निलंबित

राज्यसभा के 12 सांसद निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें सीपीएम के एलाराम करीम, कांग्रेस के फूलो देवी नेताम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रसाद सिंह, सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम, टीएमसी नेता डोला सेन और शांता छेत्री और शिवसेना के प्रियंका चतुर्वेदी व अनिल देसाई शामिल हैं। उनपर यह कारवाई मानसून सत्र के दौरान बदसलूकी को लेकर की गई है।

राहुल गाँधी ने कहा – सरकार चर्चा से डरती है


राहुल गांधी ने कहा, "हमने कहा था कि 3 काले कानूनों का वापस लेना पड़ेगा। हमें पता था कि 3-4 बड़े पूंजीपतियों की शक्ति हिंदुस्तान के किसानों के सामने खड़ी नहीं हो सकती और वही हुआ। काले कानूनों को रद्द करना पड़ा। ये किसानों की सफलता है। देश की सफलता है।" ये तीन कानून किसानों और मजदूरों पर आक्रमण थे। किसानों और मजदूरों की कठिनाइयों की लिस्ट लंबी है, जो एमएसपी और कर्ज माफी तक ही सीमित नहीं है। वे अभी भी मांग कर रहे हैं और हम उनका समर्थन करते हैं। आपने कहा प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, इसका मतलब प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि उनकी गलती के कारण 700 लोग मारे गए, उनकी गलती से आंदोलन हुआ। अगर उन्होंने गलती मानी है तो नुकसान की भरपाई तो करनी पड़ेगी।

राहुल गाँधी ने कहा, "जिस तरह से संसद में बिना किसी चर्चा के कानून रद्द किए गए, ये दिखाता है कि सरकार चर्चा से डरती है। सरकार जानती है कि उसने गलत काम किया है। 700 किसानों की मृत्यु और कानूनों को लागू करने के पीछे किसकी शक्ति थी, इस पर चर्चा होनी थी, लेकिन सरकार ने नहीं होने दी।"

राकेश टिकैत ने कहा- हमारा आंदोलन जारी रहेगा

संयुक्त किसान मोर्चा के लीडर राकेश टिकैत ने कहा, "कृषि कानून वापस हो चुके हैं, लेकिन अब एमएसपी और किसानों की समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए। हम 4 दिसंबर को एक बैठक करेंगे और उसमें आंदोलन की दिशा तय की जाएगी। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।"

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