9 महीने बाद सिंघु बॉर्डर पर हाईवे की एक साइड खाली करेंगे किसान, सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे आदेश

किसान प्रतिनिधियों ने इस पर विचार करने का भरोसा दिया

किसान प्रतिनिधियों ने इस पर विचार करने का भरोसा दिया



किसान आंदोलन के 9 महीने बाद प्रशासन की गुजारिश पर किसान एनएच-44 को एक तरफ से खोलने को तैयार हो गए हैं

वेब ख़बरिस्तान। किसान आंदोलन के 9 महीने बाद प्रशासन की गुजारिश पर किसान एनएच-44 को एक तरफ से खोलने को तैयार हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोनीपत उपायुक्त ललित सिवाच कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आम लोगों को हो रही परेशानी का हवाला देकर किसानों को सहयोग करने की अपील की। उनकी गुजारिश पर किसान प्रतिनिधियों ने इस पर विचार करने का भरोसा दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने आम लोगों के लिए रास्ता खोलने के दिए आदेश


मंगलवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अध्यक्षता में जिला और पुलिस प्रशासन के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक हुई थी। उपायुक्त ने कहा कि याचिकाकर्ता मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि एनएच-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर एक साइड से रास्ता आम लोगों के लिए खुलवाया जाए।

किसानों ने कहा कि वैकल्पिक जगह दिलाई जाये

उपायुक्त के कहने पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे एक साइड का रास्ता छोड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्हें वैकल्पिक जगह दिलाई जाए। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली की ओर से हाईवे का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना बड़ी समस्या है।

इस बैठक में एसपी जशनदीप सिंह रंधावा, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, डीएसपी सतीश कुमार और भारत किसान यूनियन दोआबा के प्रधान मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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