आम तोडऩे के विवाद में पहले बच्चे को गोली मारी, फिर खुद की ली जान



झारखंड के फूलपहाड़ी गांव की घटना, मृत बच्चे के पिता से भी की गई मारपीट

वेब खबरिस्तान, झारखंड। झारखंड के पाकुड़ जिले के फूलपहाड़ी गांव में शनिवार को आम तोडऩे के विवाद में 12 वर्षीय मनु केवट और दुमका जिला पुलिस बल के हवलदार विरजू केवट की जान चली गई। गुस्से में आकर हवलदार ने पहले बच्चे को गोली मारी, उसके बाद खुद को गोली मार ली। हवलदार की इलाज के दौरान पाकुड़ सदर अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद गांव की स्थिति तनावमुक्त बनी हुई है।  पुलिस कैंप कर रही है। शाम को पुलिस अधीक्षक (एसपी) मणिलाल मंडल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


क्या है पूरा मामला

गांव वालों ने बताया कि शनिवार को गांव में 10 से 11 बजे के बीच हवलदार विरजू केवट का एक स्वजन गांव में आम तोड़ रहा था। वह आम तोडऩे के लिए पेड़ पर पत्थर मार रहा था। पत्थर बार-बार घर में गिर रहे थे। इस पर बास्की केवट ने विरोध किया तो बिरजू और साथियों ने उसे एक कमरे में बंद कर मारपीट की। इस बीच, गुस्से में हवलदार ने बास्की के परिवार के बच्चे मनु को गोली मार दी। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद 49 वर्षीय हवलदार ने खुद को गोली मार ली।

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