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कुदरत का कहर  अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा

कुदरत का कहर : अमरनाथ गुफा के पास बादल फटा

बीएसएफ, सीआरपीएफ  और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कैंपों को भी नुकसान पहुंचा है।

बैंक डूबने पर भी ग्राहकों की 5 लाख तक की रकम सुरक्षित  अब तक एक लाख रुपए थी लिमिट

बैंक डूबने पर भी ग्राहकों की 5 लाख तक की रकम सुरक्षित,  अब तक एक लाख रुपए थी लिमिट

केंद्रीय कैबिनेट की ओर से डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन एक्ट संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई है


7 महीने बाद खुले स्कूल तो क्लासरूम में जा बैठे बंदर, छात्र और कर्मचारी को काटा

7 महीने बाद खुले स्कूल तो क्लासरूम में जा बैठे बंदर, छात्र और कर्मचारी को काटा

वेब खबरिस्तान,ग्वालियर। डबरा के सरकारी स्कूल में बंदरों ने जमकर आतंक मचाया। दरअसल 7 महीने बाद स्कूल खुले थे और दूसरे ही दिन बंदर क्लास रूम में घुस गए। उन्होंने प्रिंसिपल रूम में भी कब्जा जमा लिया। एक बंदर तो प्रिंसिपल की कुर्सी पर बैठ गया। यहाँ तक कि बंदर क्लास रूम में टीचर के कंधों पर भी बैठ गए। बन्दर करीब एक घंटे तक स्कूल में उत्पात मचाते रहे। इस दौरान बंदरों ने एक छात्र और कर्मचारी समेत दो लोगों को काट लिया। 11वीं क्लास के स्टूडेंट्स पहुंचे थे स्कूल यह मामला शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल का है। 11वीं के छात्र स्कूल पहुंचे थे। स्कूल में दाखिले के लिए छात्र और उनके अभिभावक भी आए थे। तभी पांच-छह बंदरों का दल भी पहुंच गया। बंदरों ने प्रिंसिपल के कमरे में धावा बोला। प्रिंसिपल ने डरकर अपनी कुर्सी छोड़ दी, तो एक बंदर ने कुर्सी पर कब्जा कर लिया। वन विभाग को कई बार सूचना दी क्लासरूम में भी बंदरों ने शिक्षकों के सिर पर बैठकर उछल-कूद मचाई। बरामदे में मौजूद बंदरों ने एक छात्र और अभिभावक के पैर में काट लिया। स्कूल के कर्मचारियों ने बताया कि 15 से 20 दिन में बंदरों की टोली स्कूल में आती है और धमाल मचाती है। वन विभाग को कई बार फोन पर सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही के चलते कभी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रिंसिपल का कहना प्रिंसिपल कमल किशोर श्रीवास्तव का कहना है कि स्कूल में बंदर आकर उत्पात मचाते हैं। यहां बच्चों की जान को खतरा भी है। वन विभाग को सूचना देते हैं पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। हर 15 से 20 दिन में बंदर यह हरकत करते हैं।

https://webkhabristan.com/desh/after-7-months-the-school-opened-the-monkey-sitting-in-the-classroom-3040
हावड़ा एक्सप्रेस से 50 लाख रुपये के बाल चोरी, आरपीएफ जांच में जुटी

हावड़ा एक्सप्रेस से 50 लाख रुपये के बाल चोरी, आरपीएफ जांच में जुटी

वेब ख़बरिस्तान, इंदौर। हावड़ा एक्सप्रेस से 50 लाख रुपये के सिर के बाल चोरी होने का मामला सामने आया है। बाल बोरों में भरकर पार्सल किए थे। पीड़ितों की शिकायत पर आरपीएफ थाना की पुलिस जांच में जुटी है। कोलकाता और इंदौर के पार्सल विभाग से जानकारी जुटाई जा रही है। ड्यूटी पर मौजूद पार्सल विभाग के कर्मचारियों और अफसरों से भी जानकारी मांगी गई है। सरवटे बस स्टैंड निवासी दीपक पुत्र व्यमंकर कुमड़कर ने शिकायत दर्ज करवाई कि वह घर-घर संपर्क कर सिर से झड़ने वाले बाल खरीदता है। उसके साथी अजय, दीपक, सुनील, राकेश और शिवा ने छह जुलाई को इंदौर रेलवे स्टेशन स्थित पार्सल विभाग में कोलकाता के लिए बाल से भरे बोरे बुक करवाए थे। जिसका बिल्टी नंबर 63498 है। दीपक के मुताबिक उसने 21 बोरों में करीब एक हजार किलो सिर के बाल भरे हुए थे, लेकिन तय समय पर सिर्फ तीन बोरे माल ही पहुंचा और 19 बोरे चोरी हो गए। बालों से भरे बोरे चोरी होने से हड़कंप मच गया और तत्काल आरपीएफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई। हालांकि आरपीएफ ने जांच का बहाना बनाकर एफआइआर से इन्कार कर दिया। दीपक के मुताबिक शहर में करीब 150 महाराष्ट्रीयन परिवार है जो कंघी करते वक्त झड़े हुए बालों को खरीद कर रोजी-रोटी चलाते हैं। उन्होंने महीनों तक मेहनत कर बाल खरीदे और उसे भी चोरों ने चुरा लिया। आरपीएफ टीआइ हरीश के मुताबिक बोरे पार्सल विभाग द्वारा भेजे थे। हमने कोलकाला (हावड़ा) के पार्सल विभाग से जानकारी मांगी है।

https://webkhabristan.com/desh/hair-theft-of-rs-50-lakh-from-howrah-express-3035
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से पांच की मौत, 40 से ज्यादा लोग लापता

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से पांच की मौत, 40 से ज्यादा लोग लापता

वेब ख़बरिस्तान, किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर देखने को मिला है। किश्तवाड़ जिले में बुधवार तड़के बादल फटने से 40 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। इसके बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। अब तक पांच लोगों के शव मिल चुके हैं। जम्मू क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। जुलाई के अंत तक और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही किश्तवाड़ में अधिकारियों ने जलाशयों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो नदियों, नालों, जल निकायों और स्लाइड-प्रवण क्षेत्रों के पास रहने वाले निवासियों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। किश्तवाड़ में भारी बारिश से ज्यादातर नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ गया है और बादल फटने से भी जल निकायों पर असर पड़ा है। पहाड़ी इलाका होने की वजह से भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है। इसी को देखते हुए जिला पुलिस किश्तवाड़ की तरफ से हेल्प डेस्क भी लगाया गया है और लोगों को घर रहने के लिए कहा है। हिमाचल के किन्नौर में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। भारी बारिश से कई जगह भूस्खलन हुआ है, वहीं कई जगह सड़कें बंद हो गई हैं। गत दिनों यहां भी बादल फटा था, जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मंडी-कुल्लू का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। औट और कटौला मार्ग भारी बारिश के चलते जगह-जगह पर बाधित हुआ है। किन्नौर जिले के सांगला तहसील के रक्षम गांव के नजदीक सुबह नाले में बादल फट गया है। जिसके कारण सेब के बगीचे नुकसान होने की सूचना है। सांगला वैली में बटसेरी के बाद एक बार फिर रक्षम में बादल फटने से लोग परेशानी में पहुंच गए हैं। कुछ दिन पहले हिमाचल के धर्मशाला में भी बादल फटने से भारी तबाही मच गई थी। पर्यटनस्थल होने के कारण यहां पंजाब के कई पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचे हुए थे तभी यह हादसा हुआ था।

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कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने दिलाई शपथ

कर्नाटक के नये मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने दिलाई शपथ

वेब खबरिस्तान। बसवराज बोम्मई कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। राजभवन में राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई। पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने ही बोम्मई के नाम का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। संसदीय मामलों के मंत्री रहे बोम्मई 28 जनवरी 1960 को जन्मे बसवराज सोमप्पा बोम्मई मुख्मंत्री बनने से पहले कर्नाटक के गृह, कानून, संसदीय मामलों के मंत्री भी थे। उनके पिता एसआर बोम्मई भी राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बोम्मई ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की है और उन्होंने जनता दल के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। वे धारवाड़ से दो बार 1998 और 2004 में कर्नाटक विधान परिषद के लिए चुने गए। साल 2008 में जनता दल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए। उसी दौरान हावेरी जिले के शिगगांव से विधायक चुने गए। राज्य में कई सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू किये इंजीनियरिंग और खेती से जुड़े होने के नाते बोम्मई को कर्नाटक के सिंचाई मामलों का जानकार माना जाता है। उन्होंने राज्य में कई सिंचाई प्रोजेक्ट शुरू करवाए जिस वजह से उन्हें सराहा जाता है। अपने विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100% पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी उनको दिया जाता है। येदियुरप्पा के चहेते हैं बोम्मई बसवराज बोम्मई येदियुरप्पा के चहेते हैं और उनके शिष्य हैं। येदियुरप्पा ने इस्तीफा देने से पहले ही बोम्मई का नाम भाजपा आलाकमान को सुझा दिया था। दरअसल, लिंगायत समुदाय के मठाधीशों के साथ हुई बैठक में येदियुरप्पा ने इस नाम को उन सबके बीच रखा था। लिंगेश्वर मंदिर के मठाधीश शरन बसवलिंग ने बताया अगर येदियुरप्पा एक इशारा करते, तो पूरा समुदाय उनके लिए भाजपा के विरोध में उतर आता। चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ती, लेकिन येदियुरप्पा ने बसवराज बोम्मई की हिमायत की। लिंगायत समुदाय का होने के कारण उनके नाम पर सभी मठाधीश जल्दी राजी हो गए। बोम्मई की संघ से नजदीकी भी उनके पक्ष में बोम्मई के अलावा मुर्गेश निरानी और अरविंद बल्लाड के नाम भी चर्चा में थे। तीनों ही लिंगायत समुदाय से आते हैं, लेकिन बसवराज बोम्मई येदियुरप्पा के करीबी ही नहीं, उनके शिष्य भी माने जाते हैं। इसके अलावा वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के भी नजदीक हैं। माना जाता है कि संघ और येदियुरप्पा के बीच की कड़ी के रूप में इन्होंने ही काम किया। येदियुरप्पा से संघ के बिगड़े रिश्तों का असर येदियुरप्पा के कामकाज पर न पड़े, इसमें बोम्मई ने बड़ी भूमिका निभाई।

https://webkhabristan.com/desh/gehlot-administered-oath-to-the-new-chief-minister-of-karnataka-basavaraj-bommai-3030
100 यात्रियों से भरी बस को ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, 18 लोगों की मौत, 25 घायल

100 यात्रियों से भरी बस को ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, 18 लोगों की मौत, 25 घायल

वेब ख़बरिस्तान, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई और करीब 25 लोग घायल हो गए हैं। हादसा इतना भयावह था कि कई लोगों के शवों को बस के नीचे से निकालना पड़ा। गंभीर रूप से घायल 8 लोगों को इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है। मंगलवार रात अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी इस डबल डेकर बस में पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी जिसके बाद कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बस हरियाणा के पलवल से चलकर बिहार जा रही थी, जिसमें ज्यादातर कामगार मजदूर सवार थे. डबल डेकर होने की वजह से बस में करीब 100 यात्री सवार थे। बाराबंकी में कल्याणी नदी के पास राम सनेही घाट पर बस का एक्सेल टूट गया जिसके बाद ड्राइवर ने यात्रियों को बस की मरम्मत किए जाने तक रात में आराम करने को कहा था। जानकारी के मुताबिक ड्राइवर जब बस को ठीक करने लगा, उसमें सवार कुछ यात्री बाहर आ गए और कुछ सड़क पर ही आस-पास लेट गए। कुछ मुसाफिर ऐसे भी थे जो बस के भीतर ही सो रहे थे। इसी दौरान पीछे से एक ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी इस बस में जोरदार टक्कर मार दी और बस के परखच्चे उड़ गए। हादसे इतना भयावह था कि कई लोगों की तो मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर यात्रियों के शव बिखरे पड़े थे और कई लोग बस के नीचे भी दब गए। पुलिस ने बताया कि हादसे के वक्त ज्यादातर यात्री बस से उतरकर सड़क किनारे आराम कर रहे थे जो ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे के बाद हाईवे पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसके बाद पुलिस और आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत के काम में जुट गए। पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को एक तरफ कराया और हाईवे का रास्ता खोला।

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इस डॉक्टर को 14 महीने में तीन बार हुआ कोरोना , 2 बार वैक्सीन लगने के बाद  संक्रमण

इस डॉक्टर को 14 महीने में तीन बार हुआ कोरोना , 2 बार वैक्सीन लगने के बाद संक्रमण

वेब खबरिस्तान, मुंबई। मुंबई में कोरोना का एक बेहद हैरानीजनक मामला सामने आया है। एक डॉक्टर पिछले साल जून से अब तक तीन बार कोरोना पॉजिटिव आ चुकी हैं। दो बार तो वे वैक्सीन लगने के बाद संक्रमित हुईं हैं। दरअसल बीएमसी के कोविड सेंटर में काम वाली डॉ. सृष्टि हलारी 17 जून 2020 को पहली बार कोरोना पॉजिटिव हुईं थीं। उसके बाद 29 मई 2021 और 11 जुलाई 2021 को भी वे कोरोना पॉजिटिव हो गई। मई से पहले ही उन्हें वैक्सीन के दोनों डोज लग गए थे। सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए लिया मुलुंड इलाके की डॉ. सृष्टि हलारी के तीन बार कोरोना संक्रमित हो जाने के बाद अब उनके सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए कलेक्ट किया गया है। डॉक्टर्स का कहना है कि तीसरी बार संक्रमण के पीछे कई वजह हो सकती हैं। इनमें कोरोना के वैरिएंट से लेकर इम्युनिटी लेवल या गलत जांच रिपोर्ट भी कारण हो सकता है। वैक्सीनेशन के बावजूद कैसे हुआ संक्रमण डॉ. हलारी के दो सैंपल एक बीएमसी ने और दूसरा एक प्राइवेट हॉस्पिटल ने कलेक्ट किया है। एक अधिकारी ने बताया कि डॉ. हलारी के सैंपल से यह पता किया जा रहा है कि वैक्सीनेशन के बावजूद उनके संक्रमित होने की क्या वजह रही। इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। जुलाई में पूरा परिवार हुआ संक्रमित डॉ. सृष्टि ने बताया, 'पहली बार कोविड संक्रमित हुई क्योंकि एक सहकर्मी संक्रमित पाया गया था। फिर मैंने अपनी पोस्टिंग पूरी की और पीजी एडमिशन एग्जाम से पहले ब्रेक लेने का फैसला किया। तब मैं घर पर ही रही। जुलाई में मेरा पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमित हो गया।' तीसरी बार संक्रमण की वजह कोरोना का नया वैरिएंट भी सृष्टि का इलाज कर रहे डॉ. मेहुल ठक्कर ने बताया कि हो सकता है कि मई में हुआ दूसरा संक्रमण जुलाई में फिर से एक्टिवेट हो गया हो। ये भी हो सकता है कि RT-PCR की रिपोर्ट निगेटिव आई हो।' वहीं FMR की निदेशक डॉ. नरगिस मिस्त्री ने कहा कि तीसरी बार संक्रमण की वजह कोरोना का कोई नया वैरिएंट भी हो सकता है।

https://webkhabristan.com/desh/doctor-got-corona-thrice-in-14-months-infection-occurred-after-getting-vaccine-3026
आज दिल्ली पहुंचेंगी ममता बनर्जी, पीएम मोदी के अलावा विपक्षी नेताओं से होगी मुलाकात

आज दिल्ली पहुंचेंगी ममता बनर्जी, पीएम मोदी के अलावा विपक्षी नेताओं से होगी मुलाकात

वेब ख़बरिस्तान। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज 5 दिन के दिल्ली दौरे पर जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक शाम को ममता राजधानी दिल्ली पहुंचेंगी, जहां बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हो सकती है। इसके अलावा वह दिल्ली में टीएमसी संसदीय बोर्ड की बैठक में भी हिस्सा लेने वाली हैं। विपक्षी नेताओं से होगी मुलाकात अपने दिल्ली दौरे पर ममता बनर्जी विपक्षी नेता सोनिया गांधी और शरद पवार से भी मुलाकात कर सकती हैं। उनके दौरे को मिशन 2024 से जोड़कर भी देखा जा रहा है क्योंकि पीएम मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से चेहरा कौन होगा, इस पर लगातार मंथन चल रहा है। इस कड़ी में शरद पवार समेत कई नेता बैठकें भी कर चुके हैं। उधर, दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी आज कोलकाता में कैबिनेट बैठक भी करेंगी। हालांकि इस विशेष बैठक को बुलाए जाने की वजह अभी साफ नहीं है। माना जा रहा है कि बैठक में सीएम ममता किसी खास मुद्दे पर चर्चा कर सकती हैं। इसके अलावा वह अपने दिल्ली दौरे के एजेंडे को लेकर भी मंत्रिमंडल को जानकारी दे सकती हैं। बीजेपी ने साधा निशाना ममता के दौरे से दिल्ली की सियासत भी गर्माने वाली है। सत्ताधारी पार्टी के नेता लगातार उन पर इस दौरे को लेकर निशाना साध रहे हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ममता के दौरे पर कहा कि 2024 बहुत दूर की बात है, मुलाकातों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी ममता पर निशाना साधा है। दिलीप घोष ने रविवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय संसाधनों का दुरुपयोग किया और अब प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हैं ताकि हाथ जोड़कर धन की भीख मांग सकें। घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के खजाने से पैसे निकाले और अब उसे खाली कर दिया है। टीएमसी का पलटवार दिलीप घोष के बयान पर सत्ताधारी टीएमसी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि घोष को पहले संघीय व्यवस्था की समझ होनी चाहिए, जिसके तहत राज्य प्रमुख हमेशा प्रधानमंत्री से मिल सकता है।

https://webkhabristan.com/desh/mamta-banerjee-will-reach-delhi-today-will-meet-pm-modi-3016
असम के 6 जवानों की मौत पर मनाया गया

असम के 6 जवानों की मौत पर मनाया गया 'जश्न', सीएम हिमंता ने दिखाया सबूत

वेब ख़बरिस्तान, नई दिल्ली। मिजोरम-असम सीमा पर आपसी विवाद ने सोमवार को गंभीर रूप धारण कर लिया और इसे लेकर हुई हिंसा में असम के छह जवानों की मौत हो गई। सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट करते हुए कहा कि असम पुलिस के छह वीर जवानों ने असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। सीमा विवाद को लेकर सोमवार को असम-मिजोरम सीमा पर हिंसा भड़क उठी, जिसमें असम के 6 जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिजोरम की ओर से उपद्रवियों और पुलिस जवानों की ओर से की गई गोलीबारी में असम के कछार में छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हुए हैं। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव और बढ़ गया है। वहीं इस घटना के बाद असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर पर ही जंग छिड़ गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि असम के पुलिसकर्मियों की मौत का मिजोरम के उपद्रवियों और जवानों ने जश्न मनाया। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस मामले में दखल की अपील की। देर रात शाह ने दोनों राज्यों के सीएम से बात की और उनसे विवादित सीमा क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने और मैत्रीपूर्ण ढंग से समाधान निकालने को कहा। दोनों मुख्यमंत्रियों ने उन्हें विवाद का आपसी सहमति से हल निकालने का आश्वासन दिया। सीएम सरमा ने किया ट्वीट इससे पहले असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट किया, मुझे यह बताते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि असम पुलिस के छह वीर जवानों ने असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। जंगल में छिपे असम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतभेदों का समाधान निकालने के लिए जब दोनों पक्षों के अधिकारी वार्ता कर रहे थे, तभी सीमापार से उपद्रवियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि बैठक में मिजोरम के कोलासिब के एसपी और एएसपी भी शामिल थे जबकि असम पुलिस के आईजीपी, डीसी, एसपी भी थे। सभी लोग समस्या का समाधान निकालने के लिए बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमने अपने लोगों को वहां आने की अनुमति नहीं दी लेकिन मिजोरम के पक्ष से लगातार पथराव हो रहा था। इतना ही नहीं, उन लोगों ने पहाड़ी से हम लोगों पर गोलीबारी भी की। इसमें कितने लोग घायल हुए, यह बताना अभी मुश्किल है लेकिन कम से कम 50 लोग जख्मी हुए हैं। कछार के एसपी की हालत नाजुक सिलचर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल बाबुल बेजबरूआ ने बताया कि गोलीबारी में घायल 50 पुलिसकर्मियों को भर्ती कराया गया है। ये सभी गोलियों और पथराव से जख्मी हैं। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि कछार के एसपी की हालत नाजुक है। एक गोली उनकी जांघ में लगी है। साथ ही पेट में भी जख्म है। उनका काफी खून बहा चुका है।

https://webkhabristan.com/desh/celebration-celebrated-on-the-death-of-6-assam-jawans-cm-himanta-showed-proof-3013