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झिझक नहीं उपचार करायें पैरों में झनझनाहट से होती कुष्ठ रोग की शुरुआत

झिझक नहीं, उपचार करायें, पैरों में झनझनाहट से होती कुष्ठ रोग की शुरुआत

यह बीमारी त्वचा, परिधीय नसों, आंखों और ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करती है। कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्ति का जीवन यूं भी कम मुश्किल नहीं होता, इस बीमारी से जुड़ी अफवाहें उसे और मुश्किल बना देती हैं।


 हमीरपुर : सीमेंट से भरा ट्रक गसोती खड्ड मे गिरा, 3 लोग जखमी 

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सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल मिर्जापुर में लगने वाला कंतित शरीफ उर्स मेला

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल मिर्जापुर में लगने वाला कंतित शरीफ उर्स मेला

मिर्जापुर (वार्ता) धर्म को लेकर इस काल में हो रहे विवादों के बीच उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में लगने वाला कंतित शरीफ़ उर्स मेला आज भी साम्प्रदायिक सौहार्द का मिसाल पेश कर रहा है। हिन्दुओं के प्रसिद्ध मंदिर मां विंध्यवासिनी देवी के तलहटी में स्थित ख्वाजा इस्माइल चिश्ती के दरगाह में हिन्दू परिवार द्वारा चादर चढ़ाने के बाद ही उर्स की शुरुआत होती है। यह परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी चादर चढाता चला आ रहा है। चार दिन के इस उर्स मेले में लाखों श्रद्धालु जियारत करते हैं। उर्स का मुख्य पर्व सोमवार को हैं।मेले में भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कृपा हिंदुओं के पवित्र शक्तिपीठ विंध्याचल से सटे कंतित शरीफ के संबंध में मान्यता है कि जो श्रद्धालु किन्ही कारणों से अजमेर शरीफ की यात्रा नहीं कर पाते हैं वे लोग कंतित शरीफ में मत्था टेक व चादर चढ़ाकर अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की कृपा प्राप्त कर लेते हैं। वैसे भी अजमेर शरीफ की यात्रा शुरू करने या पूर्ण कर लेने के बाद भी यहां श्रद्धालु आते रहते हैं। राष्ट्रीय सद्भावना की मिसाल को बनाए हुए हिंदुओं एवं मुसलमानों में समान रूप से लोकप्रिय यह उर्स मेला राष्ट्रीय सद्भावना की मिसाल को बनाए हुए हैं। मान्यता के अनुसार आज भी बाबा की मजार पर पहली चादर स्थानीय एक हिंदू कसेरा परिवार के लोगों द्वारा चढ़ाई जाती है इस चादर के चढ जाने के बाद ही कोई यहां चादर चढ़ाकर मत्था टेक सकता है हालांकि इस प्रथा के पीछे की कहानी अज्ञात है। राजाओं के ऐतिहासिकता को सर्वाधिक मान्यता अजमेर शरीफ के गरीब नवाज ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सगे भांजे ख्वाजा इस्माइल चिश्ती की दरगाह को लेकर यहां कई किवदंतियां हैं ।स्थानीय लोग इस्माइल चिश्ती के हैरतअंगेज कारनामों को बड़े गर्व से बताते हैं मोइनुद्दीन के भांजे इस्माइल के कथित आगमन को लेकर कोई पुष्ट एवं ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है पर जन श्रुतियो एवं राजपूत गहरवार राजाओं के ऐतिहासिकता को सर्वाधिक मान्यता दी जाती है। दानव प्रवृत्तियों से आतंक पैदा कर दिया था मान्यता के अनुसार अवध राज्य की इस सूबे कंतित में कभी गहरवार राजपूतों का शासन था इसी वंश वृक्ष में दानव राय नामक एक राजपूत शासक ने अपनी दानव प्रवृत्तियों से जनता में आतंक पैदा कर दिया था इसी समय बाबा इस्माइल चिश्ती ने दानव राय के आतंक को अपने कारनामों से समाप्त कराया तभी से जनता में उनके प्रति आदर एवं सम्मान पैदा हुआ उन्हें देवदूत माना जाने लगा। विंध्य पर्वतमाला की गोद में बसा यह स्थल गंगा के किनारे बसे इस गांव में राजपूत राजाओं का किला एवं बावड़ी के भग्नावशेष इन जन श्रुतियो को पुष्ट करते हैं विंध्य पर्वतमाला की गोद में बसा यह स्थल अपने चमत्कारों के साथ प्राकृतिक वैभव से परिपूर्ण होने से लोक प्रसिद्धि का कारण बना है। इस दरगाह के पश्चिम में हिंदुओं का प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी धाम अवस्थित है तो उत्तर में मां गंगा की धारा है। प्राकृतिक हरीतिमा इसकी शोभा में चार चांद दक्षिण में विंध्य पर्वतमाला की प्राकृतिक हरीतिमा इसकी शोभा में चार चांद लगा देते हैं। इन दिनों सारे मिल क्षेत्र में अनूठा दृश्य है जनता के मनोरंजन के लिए बनाए गए अस्थाई पंडाल तथा दूर-दूर तक फैले प्रसाद एवं चादर की दुकानें बरबस लोगों को आकर्षित कर रही हैं। मेला की सुरक्षा के विषय में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को सेक्टर एवं जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा में पुलिस जवानों के अतिरिक्त पीएसी के जवानों को भी तैनात किया। मौलिक सुविधाओं के दृष्टिगत की व्यवस्था उन्होंने बताया कि यातायात के लिए अलग व्यवस्था की गई है। भगदड़ की स्थिति पैदा ना हो इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेले में सफाई पानी बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पालिका परिषद की है। मेले में किए गए व्यवस्था के संबंध में अंगद गुप्ता ने बताया कि मेला क्षेत्र में 24 घंटा सफाई कर्मी एवं अन्य कर्मियों को तैनात किया गया है श्रद्धालुओं की मौलिक सुविधाओं के दृष्टिगत व्यवस्था की गई है। व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाईन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/LVthntNnesqI4isHuJwth3

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ई-वेस्ट के सावधानीपूर्वक निष्पादन से बड़ी सर्कुलर इकोनाॅमी बन सकती है

ई-वेस्ट के सावधानीपूर्वक निष्पादन से बड़ी सर्कुलर इकोनाॅमी बन सकती है

नई दिल्ली (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि हर घर में मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट जैसी डिवाइस सामान्य वस्तुएं हो गयी हैं और यदि इनका सही ढंग से निपटारा न किया जायेगा तो ये पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में ई-वेस्ट पर चर्चा करते हुए कहा कि यदि ई-वेस्ट का सावधानीपूर्वक निष्पादन किया जाए तो यह रिसाइकिल और पुनर्प्रयोग की सर्कुलर इकोनॉमी की बड़ी ताकत भी बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल पांच करोड़ टन ई-वेस्ट फेंका जा रहा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कितना होगा। साेना, चांदी, तांबा और निकेल शामिल मानव इतिहास में जितने कामर्शियल विमान बने हैं, उन सबका वजन मिला दिया जाए, तो जितना ई-वेस्ट निकल रहा है,उतना इन विमानों का वजन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट को प्रोसेस किया जाए तो 17 तरह के कीमती मेटल निकाले जा सकते हैं। इनमें साेना, चांदी, तांबा और निकेल शामिल है। उन्होंने कहा कि ई-वेस्ट का सदुपयोग करना कचरे से कंचन बनाने से कम नहीं है। बेंगलुरु, मुंबई और रुढ़की में अच्छा काम श्री मोदी ने कहा कि अनेक स्टार्ट-अप इस दिशा में नवोन्वेषी कार्य कर रहे हैं। करीब 500 ई-वेस्ट रिसाइकिलर इस क्षेत्र से जुड़े हैं और बहुत से नये उद्यमियों को इससे जोड़ा जा रहा है। इस क्षेत्र ने हजारों लोगों को सीधे तौर पर रोजगार दिया है। बेंगलुरु, मुंबई और रुढ़की में इस क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हुआ है और भोपाल में मोबाइल एप और कबाड़ीवाला वेबसाइट के जरिए तो टनों ई-वेस्ट एकत्र किया जा रहा है। सुरक्षित उपयोगी तरीकों के बारे जागरुकता ई-वेस्ट क्षेत्र में काम करने वाले हालांकि बताते हैं कि अभी 15 से 17 प्रतिशत ई-वेस्ट को ही रिसाइकिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी भारत को ग्लोबल रिसाइकिल हब बनाने में मदद कर रहे हैं। ऐसी पहलों की सफलता के लिए एक जरूरी शर्त यह है कि ई-वेस्ट के निपटारे के सुरक्षित उपयोगी तरीकों के बारे में लोगों को जागरुक करते रहना होगा। व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाईन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/LVthntNnesqI4isHuJwth3

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मन की बात में कश्मीर के स्नो क्रिकेट, युवाओं में खेलों के प्रति रुझान का जिक्र

मन की बात में कश्मीर के स्नो क्रिकेट, युवाओं में खेलों के प्रति रुझान का जिक्र

नई दिल्ली (वार्ता) : प्रधानमंत्री ने रेडियाे पर प्रसारित मन की बात में रविवार को कश्मीर के मनोहर दृश्यों और वहां युवाओं में खेल-कूद के प्रति बढ़ रहे उत्साह की विशेष रूप से चर्चा की और कहा कि आने वाले समय में कश्मीर के अनेक युवा खेल के मैदानों पर भारत का तिरंगा लहराएंगे। मोदी ने लोगों को कश्मीर घूमने और दोस्तों को भी वहां ले जाने के लिए प्रेरित किया। बर्फबारी से कश्मीर घाटी इस बार भी खूबसूरत उन्होंने कहा, "एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है कि स्वर्ग इससे ज्यादा खूबसूरत और क्या होगा? ये बात बिलकुल सही है - तभी तो कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। आप भी इन तस्वीरों को देखकर कश्मीर की सैर जाने का जरुर सोच रहे होंगे।”बर्फबारी से हमारी कश्मीर घाटी इस बार भी बहुत खूबसूरत हो गई है। तस्वीरें विदेश की नहीं, बल्कि अपने ही देश की बनिहाल से बडगाम जाने वाली ट्रेन की वीडियो को भी लोग खासकर पसंद कर रहे हैं। खूबसूरत बर्फबारी, चारों ओर सफ़ेद चादर सी बर्फ। लोग कह रहे हैं, कि ये दृश्य, परिलोक की कथाओं सा लग रहा है। कई लोग कह रहे हैं कि ये किसी विदेश की नहीं, बल्कि अपने ही देश में कश्मीर की तस्वीरें हैं। खुद भी जाइए और साथियों को भी ले जाइए मोदी ने कहा, "मैं चाहूँगा, आप, खुद भी जाइए और अपने साथियों को भी ले जाइए। कश्मीर में बर्फ से ढ़के पहाड़, प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ-साथ और भी बहुत कुछ देखने-जानने के लिए हैं। जैसे कि कश्मीर के सय्यदाबाद में शरदकालीन खेल-कूद आयोजित किए गए। इनका मुख्य आकर्षण स्नो क्रिकेट रहा।" कश्मीरी युवाओं की स्नो क्रिकेट का रोमांच मोदी ने कहा कि स्नो क्रिकेट बहुत रोमांचक होता है। कश्मीरी युवा बर्फ के बीच क्रिकेट को और भी अद्भुत बना देते हैं। इसके जरिए कश्मीर में ऐसे युवा खिलाड़ियों की तलाश भी होती है, जो आगे चलकर टीम इंडिया के तौर पर खेलेंगे। ये भी एक तरह से खेलो इंडिया अभियान का ही विस्तार है। युवाओं में, खेलों को लेकर उत्साह बढ़ रहा प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर में, युवाओं में, खेलों को लेकर, बहुत उत्साह बढ़ रहा है। आने वाले समय में इनमें से कई युवा, देश के लिए मेडल जीतेंगे, तिरंगा लहरायेंगे। मेरा आपको सुझाव होगा कि अगली बार जब आप कश्मीर की यात्रा की योजना बनएं तो इन तरह के आयोजनों को देखने के लिए भी समय निकालें। ये अनुभव आपकी यात्रा को और भी यादगार बना देंगे। व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाईन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/LVthntNnesqI4isHuJwth3

https://webkhabristan.com/desh/snow-cricket-of-kashmir-mentioned-in-mann-ki-baat-trend-towards-sports-youth-19086
Mann ki Baat : योग, ज्वार-बाजरा से लोगों की सेहत सुधर रही है : मोदी

Mann ki Baat : योग, ज्वार-बाजरा से लोगों की सेहत सुधर रही है : मोदी

नई दिल्ली (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को योग और मिलेट्स (ज्वार-बाजरा और अन्य मोटे अनाज) में एक समानता ढूंढते हुए कहा कि दोनों दुनिया भर में लोगों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है और भारत की पहल पर दोनों को ही संयुक्त राष्ट्र में मान्यता मिली है। देशवासियों के नाम अपने मासिक रेडियो प्रसारण प्रधानमंत्री मन की बात की 97वीं कड़ी में मोदी ने कहा, अगर मैं आपसे पूंछू कि योग दिवस और हमारे विभिन्न तरह के मोटे अनाजों-मिलेट्स में क्या मेल है तो आप सोचेंगे ये भी क्या तुलना हुई ? अगर मैं कहूँ कि दोनों में काफी कुछ मेल है तो आप हैरान हो जाएंगे। दरअसल संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष (2023), दोनों का ही निर्णय भारत के प्रस्ताव के बाद लिया है। लोग बड़े पैमाने पर अपना रहे उन्होंने दोनों की समानता की व्याख्या का विस्तार करते हुए कहा , दूसरी बात ये कि योग भी स्वास्थ्य से जुड़ा है और मोटे अनाज भी सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तीसरी बात और महत्वपूर्ण है – दोनों ही अभियानो में जन-भागीदारी की वजह से क्रांति आ रही है। मोदी ने कहा कि जिस तरह लोगों ने व्यापक स्तर पर सक्रिय भागीदारी करके योग और फिटनेस (शरीर चुस्त दुरुस्त रखने) को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है उसी तरह ज्वार-बाजार को लोग बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं। छोटे किसान बहुत उत्साहित प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बदलाव का बहुत बड़ा प्रभाव भी दिख रहा है। एक तरफ छोटे किसान बहुत उत्साहित हैं जो पारंपरिक रूप से ज्वार बाजरा का उत्पादन करते थे। वो खुश हैं कि दुनिया अब का महत्व समझने लगी है। मोटे अनाजों के व्यावसायिक पक्ष का भी जिक्र किया और कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और नए नए उद्यमी पौष्टिक तत्वों से भरपूर मोटे अनाजों को किसान के पास से बाजार तक पहुँचाने और उसे लोगों तक उपलब्ध कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अनाजों के उत्पादन में योगदान प्रधानमंत्री ने ऐसे उद्यमियों में आंध्र प्रदेश के नांदयाल जिले के रहने वाले के.वी. रामा सुब्बा रेड्डी जी का जिक्र किया जिन्होंने इसके लिए अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी। उन्हें माँ के हाथों से बने ज्वार-बाजरे के पकवानों का स्वाद कुछ ऐसा रचा-बसा था कि इन्होंने गाँव में बाजरे की प्रसंस्करण इकाई ही शुरू कर दी। मोदी ने महाराष्ट्र में अलीबाग के पास केनाड गाँव की शर्मीला ओसवाल का भी उल्लेख किया जो किसानों को खेती में प्रवीण बना रही है और मोटे अनाजों के उत्पादन में योगदान कर रही हैं। व्यंजनों की लोक प्रियता का जिक्र उन्होंने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में चल रहे एक मिलेट कैफ़े में मिलेट के चीला, डोसा, मोमोस, पिज़्ज़ा और मंचूरियन जैसे व्यंजनों की लोक प्रियता का जिक्र भी किया। प्रधानमंत्री की मन की बात में ओडिशा के आदिवासी जिले सुंदरगढ़ की करीब डेढ़ हजार महिलाओं के स्वयं सहायता समूह के ओडिशा मिलेट्स मिशन का भी उल्लेख आया यहाँ महिलाएं मोटे अनाज से कूकीज, रसगुल्ला, गुलाब जामुन और केक तक बना रही हैं, आमदनी कर रही हैं। खेती के साथ ही उसका आटा भी तैयार कर्नाटक के कलबुर्गी में अलंद भुताई नाम के किसान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी किसान उत्पादक कंपनी ने पिछले साल भारतीय ज्यार-बाजरा एवं मोटे अनाज अनुसंधान संस्थान की देखरेख में काम शुरू किया। यहाँ के खाकरा, बिस्कुट और लड्डू लोगों को भा रहे हैं। इस भाषण में उन्होंने उल्लेख किया कि कर्नाटक के ही बीदर जिले में हुलसर के एफपीओ से जुड़ी महिलाएं मिलेट की खेती के साथ ही उसका आटा भी तैयार कर रही हैं। मिलेट्स प्रदर्शनियां लगायी जाती हैं प्राकृतिक खेती से जुड़े छत्तीसगढ़ के संदीप शर्मा जी के एफपीओ से आज 12 राज्यों के किसान जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 के देश में जगह-जगह आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में मिलेट्स (मोटे अनाजों) से बने पौष्टिक, और स्वादिष्ट व्यंजन भी परोसे जाते हैं। जी-20 के इन सम्मेलन स्थलों पर मिलेट्स प्रदर्शनियां लगायी जाती हैं जिनमें मोटे अनाजों से बने पौष्टिक पेय, नूडल और अन्न आदि प्रदर्शित किए जाते हैं। मन की बात के श्रोताओं को भी बधाई प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में भारत के राजनयिक मिशनों के कार्यालय भी भी इनकी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया भर में इनकी मांग होगी और हमारे छोटे किसानों को कितनी ताकत बढ़ेगी। उन्होंने कहा“ मुझे ये देखकर भी अच्छा लगता है कि आज जितने तरह की नई-नई चीज़ें मिलेट्ससे बनने लगी हैं, वो युवा पीढ़ी को भी उतनी ही पसंद आ रही है।” उन्होंने अंतरर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 की ऐसी शानदार शुरुआत के लिए और उसको लगातार आगे बढाने के लिए मन की बात के श्रोताओं को भी बधाई दी। व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाईन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/LVthntNnesqI4isHuJwth3

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जम्मू-कश्मीर से सटी हिमाचल की 17 हजार बीघा विवादित जमीन का जल्द सुलझेगा मसला : सीएम सुखु

जम्मू-कश्मीर से सटी हिमाचल की 17 हजार बीघा विवादित जमीन का जल्द सुलझेगा मसला : सीएम सुखु

खबरिस्तान नेटवर्क, बिलासपुर : हिमाचल मे जब से नई सुखु सरकार बनी है कामों मे तेजी लाई जा रही है । इसके चलते मुख्य मंत्री सुखु ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर से सटी हिमाचल की 17 हजार बीघा विवादित जमीन का जल्द हल निकाला जाएगा। प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बिलासपुर के विजयपुर में निजी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। सीएम ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और विवादित जमीन पर विस्तृत चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने विजयपुर में मीडिया के सवालों का जवाब दिया कि हाथ से हाथ जोड़ो कार्यक्रम की शुरुआत हिमाचल में 26 जनवरी से हो चुकी है। खबरों के लिए Whatsapp ग्रुप जॉइन करें https://chat.whatsapp.com/F0OAWzBxX7uIsULImynipr

https://webkhabristan.com/desh/the-issue-of-17-thousand-bigha-disputed-land-of-himachal-adjoining-jammu-and-kas-19083
Air Asia का प्लेन हादसे का शिकार होने से बचा, करवानी पड़ी इमरजैंसी लैंडिंग  

Air Asia का प्लेन हादसे का शिकार होने से बचा, करवानी पड़ी इमरजैंसी लैंडिंग  

ख़बरिस्तान नेटवर्क, लखनऊ : लखनऊ से कोलकाता जा रहा एयर एशिया का प्लेन एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बच गया। मिली जानकारी के मुताबिक एयर एशिया के प्लेन की फ्लाइट के कुछ समय बाद ही एक पक्षी टकरा गया। जिस कारण प्लेन की इमरजैंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। प्लेन के टेक ऑफ करते समय टकराया पक्षी मिली जानकारी के मुताबिक जब प्लेन टेक ऑफ करने जा रहा था। तो इसी दौरान एक पक्षी प्लेन से टकरा गया। पक्षी के टकराने के बाद पायलट ने तुरंत प्लेन की इमरजैंसी लैंडिंग करवाई ताकि कोई हादसा ना हो जाए। सभी पैसेंजर्स सुरक्षित गनीमत यह रही कि यह हादसा होने से बच गया। जिससे सभी पैसेंजर्स सुरक्षित हैं। एयरलाइन कंपनी ने पैसेंजर्स के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर दिया है। Whatsapp पर न्यूज़ अपडेट के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/F0OAWzBxX7uIsULImynipr

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औडिहार-जौनपुर खंड में काम चलने से कुछ गाड़ियां निरस्त, कुछ के बदले मार्ग

औडिहार-जौनपुर खंड में काम चलने से कुछ गाड़ियां निरस्त, कुछ के बदले मार्ग

गोरखपुर (वार्ता) पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने औड़िहार-जौनपुर खण्ड के मुक्तीगंज-जौनपुर स्टेशन पर प्री-नान इण्टरलाॅकिंग के कारण कुछ गाड़ियों का निरस्तीकरण, मार्ग परिवर्तन, नियंत्रण एवं रि-शिड्यूलिंग करने का निर्णय लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने आज बताया कि गाड़ी संख्या-05133/05134 एवं 05143/05144 औड़िहार-जौनपुर-औड़िहार विशेष गाड़ी 31 जनवरी, 01 एवं आगामी 02 फरवरी को निरस्त रहेगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार गोंडिया से 31 जनवरी एवं 01 फरवरी को प्रस्थान करने वाली 15232 गोंडिया-बरौनी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी-वाराणसी सिटी-औड़िहार-छपरा के रास्ते , आनन्द विहार टर्मिनस से 01 फरवरी को प्रस्थान करने वाली 04056 आनन्द विहार टर्मिनस-बलिया विशेष गाड़ी परिवर्तित मार्ग जंघई-वाराणसी-वाराणसी सिटी-औड़िहार के रास्ते के रास्ते चलायी जायेगी। व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाईन करने के लिए लिंक पर क्लिक करें https://chat.whatsapp.com/LVthntNnesqI4isHuJwth3

https://webkhabristan.com/desh/some-trains-canceled-due-to-work-in-audihar-jaunpur-section-some-routes-changed-19081