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गंगा में मिल रही लाशें अब तक 110 से भी ज्यादा लाशें मिली

गंगा में मिल रही लाशें, अब तक 110 से भी ज्यादा लाशें मिली

स्थानीय लोगो ने बताया कि कल रात से प्रशासन ने 80 से 85 शवों को गंगा किनारे दफनाया है। जबकि  प्रशासन संख्या 24 बता रहा है

रोबोट की मदद से डॉक्टरों को कोरोना से बचाने वाले राजीव करवाल का कोरोना से ही निधन

रोबोट की मदद से डॉक्टरों को कोरोना से बचाने वाले राजीव करवाल का कोरोना से ही निधन

मिलग्रो रोबोट्स के संस्थापक और चेयरमैन राजीव करवाल का कोरोना से निधन हो गया । तीबयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था


लॉकडाउन में घर में बेच रहा था बिरयानी, पुलिस ने किया ये सलूक ...

लॉकडाउन में घर में बेच रहा था बिरयानी, पुलिस ने किया ये सलूक ...

वेब खबरिस्तान, इटावा। यूपी के इटावा में कोरोना महामारी के कारण आंशिक लॉकडाउन लगा हुआ है। काम बंद होने के कारण कई जरुरतमंद लोगों को घर चलाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सबके बीच अपने परिवार का पेट पालना एक युवक को मंहगा पड़ गया। दरअसल युवक अपने घर में बिरयानी बनाकर लोगों को बेच रहा था। पुलिस को जब इसकी सुचना मिली तो वह मौके पर पहुंची ओर उस युवक को जमकर पीटा। परिवारवालों ने इसका विरोध किया तो पीड़ित युवक व उसके साथी को पुलिस जीप में ठूस कर थाने ले गई। इस मामले में एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया। थाने में बेहोश हुआ युवक दोनों को थाना कोतवाली पुलिस मारते हुए जीप में ठूसकर कोतवाली ले गई, जहां युवक बेहोश हो गया। पीड़ित ने बताया कि उसको थाने में भी थर्ड डिग्री दी गई। इसके बाद युवक की हालत बिगड़ गई, युवक को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उसका इलाज़ किया गया।जब घटना की जानकारी एसएसपी बृजेश कुमार को मिली तो एसएसपी ने सीओ सदर राजीव प्रताप को इसकी जांच सौंप दी। उसने मामले की छानबीन करते हुए एक सिपाही के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट सौंपी। एसएसपी बृजेश कुमार ने कार्यवाही करते हुए सिपाही अमित कुमार को निलंबित करते हुए मामले पर जांच बैठा दी।

https://webkhabristan.com/desh/police-beats-a-man-selling-biryani-in-lockdown-1808
अब देश में होगा बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, एक्सपर्ट पैनल ने दी मंजूरी

अब देश में होगा बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, एक्सपर्ट पैनल ने दी मंजूरी

वेब खबरिस्तान, हैदराबाद। कनाडा और अमेरिका के बाद भारत में भी 2 से 18 साल के एज ग्रुप के लिए कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन जल्द ही तैयार हो जाएगी। न्यूज एजेंसी के मुताबिक सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी ने 2 से 18 साल उम्र वालों पर भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के दुसरे व् तीसरे ट्रायल की मंजूरी दे दी। यह ट्रायल एम्स दिल्ली, एम्स पटना और मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नागपुर में 525 विषयों पर किया जाएगा। सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स कमेटी ने हैदराबाद में भारत बायोटेक के प्रस्ताव पर विचार किया। डेटा मॉनिटरिंग बोर्ड को देना होगा दूसरे फेज का ट्रायल डेटा एक्सपर्ट्स कमेटी ने कंपनी को तीसरे फेज के ट्रायल के लिए सीडीएससीओ से अनुमति लेने से पहले डेटा एंड सेफ्टी मॉनिटरिंग बोर्ड को दूसरे फेज का सुरक्षा डेटा मुहैया करने का निर्देश दिया है। इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के सहयोग से भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सिन टीके का उपयोग देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए 18+ के लिए किया जा रहा है।

https://webkhabristan.com/desh/covid-vaccine-trial-to-be-done-on-children-age-between-2-to-18-1807
डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत का कोरोना वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक, वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट की श्रेणी में रखा

डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत का कोरोना वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए बेहद खतरनाक, वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट की श्रेणी में रखा

वेब खबरिस्तान। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा रखा है। कोरोना वायरस में अब तक कई बदलाव देखे जा चुके हैं। ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका का कोरोना वेरिएंट कई देशों में घातक साबित हुआ, लेकिन अब भारत के कोरोना वेरिएंट B.1.167 को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन इन सभी कोरोना वेरिएंट में सबसे घातक बताया। संगठन ने कहा है कि यह वेरिएंट पूरी दुनिया के लिए खतरनाक है। बता दें कि डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों की टीम कुछ दिनों से कोरोना के इस वेरिएंट की जांच में जुटी है। दूसरी ओर यूएन विशेषज्ञों की टीम ने कहा है कि इस वेरिएंट पर वैक्‍सीन की कारगरता को लेकर भी रिसर्च की जा रही है। इन विशेषज्ञों ने ये भी कहा है कि आने वाले दिनों में दुनिया में कोरोना के नए वेरिएंट सामने आ सकते हैं। कुछ वेरिएंट अधिक चिंता का सबब भी बन सकते हैं। इससे बचाव के लिए संक्रमण रोकने के लिए युद्ध स्‍तर पर काम करने की जरूरत होगी। यूएन विशेषज्ञों ने ये भी कहा है कि वायरस की रोकथाम के लिए कोविड-19 के लिए बनाए नियमों को अधिक कड़ाई से अपनाना होगा। तेजी से फैलता है यह वायरस डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में पता चला है कि भारत में मिला कोरोना वेरिएंट भारत में बेहद घातक है और तेजी से फैलता है। इसमें हो रहे बदलाव पर भी संगठन ने चिंता जताई है। संगठन की विशेषज्ञ डॉक्‍टर मारिया वान कर्कहोवे ने जानकारी दी है कि B.1.167 वेरिएंट की शुरुआत भारत में ही हुई है ओर इसके संक्रमण की रफ्तार दूसरे वेरिएंट से अधिक तेज है। मौजूदा समय में भी भारत में बढ़ रहे कोरोना के मामलों के पीछे इसी वेरिएंट का हाथ है। ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा बढ़ा बता दें कि भारत में चार दिन से लगातार चार लाख से अधिक मरीज सामने आए थे। वहीं अब दो दिनों से नए मामलों की रफ्तार में कमी आई है और ये 4 लाख से नीचे पहुंच गए हैं। इसके अलावा ठीक होने वाले मरीजों में भी तेजी आई है।

https://webkhabristan.com/desh/corona-variant-of-india-is-too-dangerous--1805
देश में आए 3 लाख 29 हजार 992 नए केस, गिरा कोरोना मरीजों का ग्राफ

देश में आए 3 लाख 29 हजार 992 नए केस, गिरा कोरोना मरीजों का ग्राफ

वेब ख़बरिस्तान। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में नए मामलों में गिरावट आई है। पंजाब, ओडिशा, बंगाल, केरल और कर्नाटक जैसे डेढ़ दर्जन से ज्यादा राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के कुल 3,29,992 नए मामले सामने आए। एक्टिव मरीजों की संख्या में दो महीने बाद पहली बार 30 हजार की कमी देखने को मिली है। दूसरी लहर में एक दिन में सबसे अधिक 4,14,188 नए मामले सात मई को आए थे। आठ मई को 4,01,078, नौ मई को 4,03,738 और 10 मई को 3,66,161 नए मामले पाए गए। कोरोना से होने वाली दैनिक मौतों में भी कमी हो रही है। नौ मई को 4,092 की तुलना में 10 मई को 3,754 और 11 मई को 3,876 मौतें दर्ज की गईं। 18 राज्यों में हालात सुधरे केंद्रीय संयुक्त स्वास्थ्य सचिव लव अग्र्रवाल ने बताया कि18 राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां केस में बढ़ोतरी या तो रुक गई है या उनमें कमी आ रही है।। इन राज्यों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी, बिहार के पटना और मध्य प्रदेश के भोपाल में नए मामलों में तेज गिरावट आ रही है जो अच्छा संकेत है। वहीं हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में केस में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जो चिंता का कारण है। 533 जिलों में हालत चिंताजनक देश के 533 जिलों में अभी भी कोरोना संक्रमण दर 10 फीसद से अधिक बनी हुई है, जो चिंता का कारण है। इनमें से उत्तर प्रदेश के 38, मध्य प्रदेश के 45, बिहार के 33, हरियाणा के 22, पंजाब और झारखंड के 18-18, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 12-12 और दिल्ली के 11 जिले शामिल हैं। बक्सर में गंगा से मिले 71 शव दफनाये उधर, बिहार के बक्सर जिले के चौसा में महादेवा घाट और श्मशान घाट के बीच गंगा के तट पर बहकर आए 71 शव पोस्टमार्टम के बाद दफन कर दिए गए। डीएनए जांच के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। सोमवार की देर शाम जिलाधिकारी अमन समीर टीम के साथ महादेवा घाट पहुंचे। जेसीबी से श्मशान स्थल पर गड्ढों की खुदाई कराई गई। घाट पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस व चिकित्सकीय टीम के अलावा किसी को जाने की इजाजत नहीं थी। इलाके में लाइट भी बंद कर की दी गई थी। टार्च की रोशनी में पूरी प्रक्रिया चली। मीडिया को सुबह वहां जाने की इजाजत मिली। डीएम ने कहा कि शव बक्सर के नहीं हैं। कहीं और से बहकर यहां आए हैं। दरअसल, चौसा के पास सीमा क्षेत्र में गंगा की धारा का बहाव यूपी की ओर से आता है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना था कि सभी शव दूसरे जिलों से बहकर नहीं आए हैं। तंगहाल स्थिति के कारण बहुत से स्थानीय लोग भी गंगा में शवों को प्रवाहित कर देते हैं।

https://webkhabristan.com/desh/corona-in-india-cases-numbers-down-1802
केंद्र सरकार के नए नियम : पांच दिन तक बुखार नहीं आया तो बिना टेस्ट डिस्चार्ज होंगे कोरोना पेशेंट

केंद्र सरकार के नए नियम : पांच दिन तक बुखार नहीं आया तो बिना टेस्ट डिस्चार्ज होंगे कोरोना पेशेंट

वेब खबरिस्तान,नई दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए केस कम हो रहे हैं। इस कारण केंद्र सरकार ने नियमों में छूट देना शुरू कर दिया है। सरकार ने मंगलवार को टेस्टिंग से जुड़ी शर्तों में बदलाव किए। अब एक से दूसरे राज्य जाने से पहले आरटी - पीसीआर टेस्ट कराना जरूरी नहीं होगा। पहले चूँकि मामले बढ़ रहे थे इसलिए कई राज्यों में अपने यहां आने के लिए कोरोना टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी कर दी थी। नई गाइडलाइन के मुताबिक अगर मरीज को 5 दिन से बुखार नहीं है तो उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने से पहले भी आरटी - पीसीआर टेस्ट करने की जरूरत नहीं होगी। महाराष्ट्र व यूपी समेत 18 राज्यों में केस घटे, जबकि पंजाब आदि राज्यों में केस बढ़े स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में कोरोना के हालात पर भी जानकारी दी। इस मुताबिक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, चंडीगढ़, , छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, लद्दाख, दमन और दीव, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में रोज मिल रहे नए मामलों में लगातार कमी आ रही है। लेकिन , कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब, असम, जम्मू-कश्मीर, गोवा, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड, और अरुणाचल प्रदेश में केस में बढ़ोतरी का ट्रेंड दिखाई दे रहा है। देश में पॉजिटिविटी रेट 21% स्वास्थ्य मंत्रालय अनुसार देश के 13 राज्यों में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। 6 राज्यों में 50 हजार से एक लाख के बीच और 17 राज्यों में 50 हजार से कम एक्टिव केस है। देश में इस समय पॉजिटिविटी रेट 21% है। 26 राज्यों में पॉजिटिविटी रेट 15% से ज्यादा है। गोवा में यह सबसे ज्यादा 49.6% है। राहत की बात - सोमवार को 3 लाख 29 हजार 379 नए संक्रमितों की पहचान हुई, लेकिन 3.55 लाख संक्रमित ठीक हो गए। 62 दिन बाद ऐसा हुआ जब नए मरीजों से ज्यादा मरीजों ने महामारी को मात दी। इससे पहले 9 मार्च को 17,873 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई थी और 20,643 लोग ठीक हुए थे। यह भी राहत की खबर है कि सोमवार को मिले नए संक्रमितों की संख्या पिछले 15 दिन में सबसे कम है। इससे पहले 26 अप्रैल को 3.19 लाख केस सामने आए थे।

https://webkhabristan.com/desh/new-guidelines-on-covid--no-fever-for-five-days-patient-will-be-discharged-1799
डॉन ने कोरोना को दी मात, एम्स से हुआ डिस्चार्ज

डॉन ने कोरोना को दी मात, एम्स से हुआ डिस्चार्ज

वेब खबरिस्तान। अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन ने कोरोना को मात दी। मंगलवार को एम्स से डिस्चार्ज कर वापस तिहाड़ जेल भेज दिया गया। छोटा राजन को तिहाड़ जेल में कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है। कोरोना होने पर राजन का 22 अप्रैल से जेल के अस्पताल में इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर 25 अप्रैल को एम्स शिफ्ट किया गया था। इलाज के दौरान 7 मई को छोटा राजन की मौत की अफवाह उड़ी थी। लेकिन उसी दिन एम्स ने इसका खंडन करते हुए कहा था कि वह न सिर्फ जिंदा है, बल्कि रिकवर भी कर रहा है। नायर गैंग से शुरू हुई क्रिमिनल लाइफ स्कूल छोड़ने के बाद छोटा राजन मुंबई में फिल्म टिकट ब्लैक करने लगा। इस दौरान वह राजन नायर गैंग में शामिल हुआ। यहाँ काम करते हुए उसे छोटा राजन बुलाया जाने लगा। इसी दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से उसकी जान-पहचान हुई। दाऊद के साथ आने के बाद उसका क्राइम ग्राफ बढ़ गया था। दोनों साथ मिलकर मुंबई में वसूली, हत्या, स्मगलिंग जैसे काम करने लगे। 1988 में राजन दुबई चला गया। दाऊद और राजन मिलकर करते थे काम इसके बाद दाऊद और राजन दुनियाभर में गैर कानूनी काम करने लगे, लेकिन बाबरी कांड के बाद 1993 में जब मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट हुए तो राजन अलग हो गया। जब उसे पता चला कि इसमें दाऊद का हाथ है, तो वह उसका दुश्मन बन बैठा। राजन ने नया गैंग बना लिया। 27 साल फरार रहने के बाद छोटा राजन को साल 2015 में इंडोनेशिया से भारत लाया गया था।

https://webkhabristan.com/desh/chota-rajan-discharged-from-aiims-1798
जिंदा रहते वेंटिलेटर नहीं मिला, अब नाम देने से क्या फायदा ?

जिंदा रहते वेंटिलेटर नहीं मिला, अब नाम देने से क्या फायदा ?

वेब खबरिस्तान, वाराणसी। पद्मभूषण पंडित राजन मिश्र के निधन के बाद बनारस हिंदू युनिवर्सिटी में खोले गए अस्थाई कोविड अस्पताल को उनका नाम दिया गया है। अब यह अस्पताल पं. राजन मिश्र के नाम से जाना जाएगा। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर पं. राजन मिश्र के प्रशंसकों ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि जब पंडित जी मौत से लड़ रहे थे, तब सरकार उन्हें वेंटिलेटर तक नहीं दिला सकी। अब कोविड अस्पताल को उनका नाम देकर तमाशा बनाया जा रहा है। बेटे ने भी सरकार से लगाई गुहार पं. राजन मिश्र के बेटे पंडित रजनीश मिश्र ने भी सरकार से गुहार लगाई कि इस संकट के दौर में मंदिर, मूर्तियों और नई इमारतों की जरूरत नहीं है। उनकी जगह बेहतर अस्पताल बनवाए जाएं, ताकि लोगों की जान बच सके। पिता जी अब अस्पताल तो देखने आ नहीं रहे हैं और न रामजी अयोध्या में अपना मंदिर देखने आ रहे हैं। मौजूदा समय में देश को अच्छी सुविधाओं वाले अस्पताल की जरूरत है। इसलिए मंदिर, मूर्तियां और दिल्ली में हजारों करोड़ रुपए से तैयार हो रहे प्रधानमंत्री के नए आवास की जगह सरकारें हेल्थ सिस्टम सुधारे। आम आदमी और उसके स्वास्थ्य पर ध्यान दें। जब कोई अपना बिछड़ता है, तो बहुत दर्द होता है।

https://webkhabristan.com/desh/what-is-the-use-of-name-after-death-if-not-provided-with-ventilator-when-alive-1797
कोरोना महामारी ने रोकी देश की पहली डिजिटल जनगणना

कोरोना महामारी ने रोकी देश की पहली डिजिटल जनगणना

वेब खबरिस्तान, नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण इस साल जनगणना का काम भी अटक गया है। सरकार की प्लानिंग थी कि मई महीने में जनगणना के तहत घरों की लिस्टिंग का काम शुरू किया जाएगा, लेकिन कोरोना के कारण अभी देश में हालात काफी बिगड़ गए हैं जिस वजह से ऐसा नहीं हो सका। 8,754 करोड़ रुपए खर्च होंगे जनगणना पर 8,754 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दो चरणों में होगी। पांच मई से पहला चरण शुरू होना था, लेकिन कोरोना की वजह से 30 लाख कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी नहीं हो पाई। नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर भी इस दौरान ही अपडेट किया जाएगा। इस पर 3,941 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ऐप से होगी जनगणना पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2022 तक हाउस लिस्टिंग और हाउस गणना होगी। साल 2022 में पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसके लिए मोबाइल ऐप और वेब एप्लीकेशंस तैयार हो चुके हैं। एप 16 भाषाओं में है। इसके बाद 30 लाख जनसंख्याकर्मियों घर-घर जाकर इनका सत्यापन करेंगे।

https://webkhabristan.com/desh/digital-census-interrupts-due-to-corona-1796