गाँधी कैंप में दो गुट आपस में भिड़े, तेजधार हथियार-ईंटें चलीं, पढ़ें पूरा मामला

दोनों के बीच तेजधार हथियारों के साथ जमकर ईंटें चलीं।

दोनों के बीच तेजधार हथियारों के साथ जमकर ईंटें चलीं।



गांधी कैंप में मंगलवार को देर रात दो गुट रंजिशन आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच तेजधार हथियारों के साथ जमकर ईंटें चलीं।

वेब ख़बरिस्तान, जालंधर। गांधी कैंप में मंगलवार को देर रात दो गुट रंजिशन आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच तेजधार हथियारों के साथ जमकर ईंटें चलीं। दोनों गुट द्वारा एक दूसरे पर नशा बेचने के आरोप लगाए जा रहे थे। जिसके घर पर हमला हुआ, वह नीरज नामक युवक का बताया जा रहा है और जिस युवक का सिर फूटा है, उसका नाम रोहित है। रोहित नीरज की ही 120 फुटी रोड पर स्थित लोहे के ग्रिल-गेट बनाने की दुकान पर काम करता है।

लक्की पेंटर ने उसके सर पर दातर मारी  


रोहित ने कहा कि वह दुकान से लौट कर घर पर पहुंचा ही था कि मोहल्ले के लक्की पेंटर और उसके भाई हैप्पी सहित करीब 20-25 लोगों ने उनके घर पर हमला किया। लक्की पेंटर ने उसके सिर पर दातर मारी, जिससे उसका सिर फट गया। नीरज और रोहित ने कहा कि पुलिस को भी फोन किया, मगर देर रात तक उनके पास पुलिस नहीं पहुंची। हमलावर लक्की और उसके साथी कह रहे थे कि कर लेना पुलिस को फोन वह नहीं आएगी। हालाँकि दूसरे गुट का कहना है कि पहले इन्होंने उनके एक युवक को पीटा था, जिस कारण उन्होंने नीरज के घर पर हमला किया।

ये है पूरा मामला

दोनों गुट एक दूसरे पर नशा बेचने से रोकने पर खुंदक रखने के आरोप लगा रहे हैं। नीरज ने बताया कि मोहल्ले में ही काली नाम का व्यक्ति नशे का धंधा करता है। उसने उसे नशा बेचने से रोका था, जिसकी वह रंजिश रखता है और लक्की समेत कई युवक हैं, जो नशे के कारोबार में काली के साथ हैं। इससे पहले भी वह उस पर दो बार हमला कर चुके हैं। काली-लक्की ने कहा कि थाने में जाकर नीरज का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। उस पर चिट्टा बेचने के पर्चे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पहले नीरज के लोगों ने उनके एक युवक को पीटा था, जिसके बाद ये हमला किया।

धमकी देकर गए

रोहित जिसके सिर पर चोट लगी हुई थी, को सभी अस्पताल जाने के लिए कह रहे थे, मगर वह इतना डरा हुआ था कि अस्पताल जाने को मना कर रहा था। उसने कहा कि वह धमकी देकर गए हैं कि यदि घर से बाहर निकला तो फिर पिटाई करेंगे। वह मोहल्ले में ही आगे खड़े होंगे और उस पर फिर से हमला कर सकते हैं। जब तक पुलिस नहीं आती, वह नहीं जाएगा।

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