लव जिहाद के नाम पर हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी रुकवाई



दो अलग-अलग धर्मों के युवक-युवती शादी करना चाह रहे थे

वेब खबरिस्तान,नासिक। नासिक से एक बेहद हैरानीजनक मामला सामने आया है। दो अलग-अलग धर्मों के युवक-युवती शादी करना चाह रहे थे। उनके परिवारवाले भी शादी के लिए राजी थे लेकिन समाज के कुछ ठेकेदारों ने इस पर ऐतराज जताया। दरअसल उन्होंने शादी का कार्ड देखकर इसे लव-जिहाद करार दिया। उन्होंने शादी का इतना विरोध किया की लड़के-लड़की और उनके परिवार को समाज के आगे झुकना पड़ा। दोनों ने अपनी शादी रद्द कर दी।

कोर्ट में रजिस्टर्ड कर चुके हैं शादी


लड़की के पिता प्रसाद अडगांवकर का ज्वेलरी का बिजनेस हैं। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों की रजामंदी और मौजूदगी में लड़का और लड़की नासिक कोर्ट में रजिस्टर्ड शादी कर चुके हैं। लेकिन परिवार 18 जुलाई को पूरे रीति रिवाज से शादी को करना चाह रहा था। इसके लिए हमने एक बड़ा होटल भी बुक कर लिया था। इस मामले में जबरदस्ती शादी जैसा कुछ नहीं है। लेकिन इन सब के बावजूद वे अपनी बेटी के साथ खड़े हैं और उसकी पसंद पर पूरा भरोसा है।

रसिका दिव्यांग हैं

उन्होंने बताया, 'रसिका दिव्‍यांग है और इस वजह से उसके लिए अच्‍छा लड़का देखने में परेशानी आ रही थी। हाल ही में रसिका और उसके साथ पढ़ने वाले उसके दोस्‍त आसिफ खान ने अपनी रजामंदी से शादी करने का फैसला किया। लड़का और लड़की के परिवार वाले एक दूसरे को काफी साल से जानते थे, ऐसे में दोनों परिवार शादी के लिए मान गए।'

शादी का कार्ड व्हाट्सएप पर हुआ वायरल

कोरोना के खतरे को देखते हुए दोनों परिवार और कुछ करीबी लोगों को इस शादी में बुलाना चाहते थे। लेकिन इससे पहले ही शादी का कार्ड कई वॉट्सऐप ग्रुप में सर्कुलेट हो गया। उनके पास कार्यक्रम रद्द करने के लिए धमकी भरे फोन कॉल और मैसेज आने लगे। 9 जुलाई को कुछ लोगों ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। वहां उनसे कहा गया कि वे यह शादी रद्द कर दें।

Related Links