बारिश के लिए बच्चियों को बिना कपड़ों के पूरा गाँव घुमाया, बाल आयोग ने एक्शन लेने को कहा

बेहद शर्मनाक घटना सामने आई

बेहद शर्मनाक घटना सामने आई



यहाँ महिलाओं ने अपने ही घर की बच्चियों को बिना कपड़ों के गांव की गलियों में घुमाया

वेब ख़बरिस्तान,दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में अंधविश्वास की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। आदिवासी बहुल्य बनिया गांव में बारिश न होने पर एक अजीब टोटका किया गया। यहाँ महिलाओं ने अपने ही घर की बच्चियों को बिना कपड़ों के गांव की गलियों में घुमाया।

महिलाओं का ये मानना

यहाँ महिलाओं का मानना है कि ऐसा करने से इतनी बारिश होती है कि माता की प्रतिमा का गोबर धुल जाता है। ये मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को नोटिस जारी किया और 10 दिन के अंदर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कलेक्टर से बच्चियों का आयु प्रमाण पत्र, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। कलेक्टर ने जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की बात कही है।

लोग कम बारिश होने से परेशान हैं


गांव के लोग कम बारिश होने से परेशान हैं। इसलिए गांव की महिलाएं इकट्‌ठा हुईं और 3 से 4 साल की बच्चियों को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में एक चक्कर लगवाया। ग्रामीणों ने बच्चियों से खेर माता को गोबर से ढंकवाया और अनाज कूटने वाले मूसर को उलटा रखवा दिया। इसके बाद गांव की महिलाओं ने मंदिर में भजन-कीर्तन किया। यहां भंडारे का आयोजन भी किया गया।

यह लोगों की आस्था से जुड़ा मामला - वन समिति अध्यक्ष

वन समिति अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि बारिश ना होने के कारण फसलें प्रभावित हो गई हैं। लोग पानी के लिए परेशान हैं, इसलिए गांव की महिलाओं ने यह टोटका किया है। यह लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है। इस टोटके से किसी को कोई भी नुकसान नहीं है। यह धार्मिक क्रिया है।

पंचायत सचिव जागेश्वर राय का कहना है कि गांव के लोगों ने बारिश के लिए एक टोटका किया है। उन्होंने कहा कि यह गांव के लोगों की आस्था और मान्यता है।

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