पिता ने दुष्कर्म का कराया था केस, रेप पीड़िता ने हाईकोर्ट में कहा - जमानत दे दीजिए, मैं अपनी मर्जी से साथ गई थी

 कोर्ट में भी पिता अपनी बेटी को गवाही देने से रोकता रहा

कोर्ट में भी पिता अपनी बेटी को गवाही देने से रोकता रहा



दुष्कर्म करने के आरोपी को हाईकोर्ट की ओर से जमानत दे दी गई

वेब ख़बरिस्तान,बिलासपुर। नाबालिग लड़की को अगवा करके उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को हाईकोर्ट की ओर से जमानत दे दी गई है। दरअसल अदालत ने पीड़िता के बयान पर ही आरोपी को जमानत दी है। युवती ने जज से कहा- 'हम एक-दूसरे से प्यार करते हैं और मैं अपनी मर्जी से इनके साथ गई थी।'  हालाँकि पीड़िता के पिता ने उसके प्रेमी पर अगवा कर रेप का मामला दर्ज कराया था। कोर्ट में भी पिता अपनी बेटी को गवाही देने से रोकता रहा।

गलत कागजात पेश कर लड़की को नाबालिग बताया था


कोर्ट की ओर से आरोपी की जमानत को मंजूर करते हुए दस्तावेजों में खामियों और पुलिस की विवेचना में कमियों को भी आधार माना है। अपना पक्ष मजबूत करने और आरोपी को फंसाने के लिए लड़की की उम्र संबंधी गलत कागजात पेशकर उसे नाबालिग बताया गया था। आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि यह राज्य में पहली बार है, जब आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित ने साथ दिया है।

आठ महीने पहले की है घटना

कोरबा के बालको क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने अपने गांव के ही युवक सैफ आलम पर उसकी पुत्री को अगवा करके रेप करने का आरोप लगाया था। पुलिस की ओर से 27 जनवरी 2021 को एफआईआर दर्ज करके करीब एक महीने बाद आरोपी और लड़की को बरामद कर लिया गया था। सैफ को जेल भेज दिया जबकि लड़की को परिवार के सुपुर्द कर दिया था। जिला अदालत से जमानत खारिज हो गई तो आरोपी के वकील समीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

कहा – दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं

हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। लड़की ने बयान दिया कि वह मर्जी से युवक के साथ गई थी। उन्हें जमानत दे दी जाए। दोनों एक-दूसरे से प्यार करते हैं और शादी कर साथ रहना चाहते हैं। वे एक महीने तक पटना और दिल्ली में रहे। हालाँकि लड़की का पिता जोर से चिल्लाकर कहता रहा कि साहब जमानत मत दीजिएगा। मगर आरोपी के वकील ने कहा- लड़की बालिग है। उसके उम्र के दस्तावेज गलत पेश किए गए हैं।

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