बच्चा पैदा करने के लिए युवती को खरीदा, 16 महीने तक किया शारीरिक शोषण, डिलीवरी हुई तो भगाया

युवती ने वन स्टॉप सेंटर को बताया, ‘मैं नागपुर की रहने वाली हूं।

युवती ने वन स्टॉप सेंटर को बताया, ‘मैं नागपुर की रहने वाली हूं।



युवती को 16 महीने तक घर में छिपाकर रखा

वेब ख़बरिस्तान,उज्जैन। काठबड़ौदा गांव में एक व्यक्ति संतान की चाहत में नागपुर से एक युवती को खरीदकर ले आया। गांव वालों को इसकी भनक ना लगे, इसलिए उसने युवती को 16 महीने तक घर में छिपाकर रखा। उसका शारीरिक शोषण किया। डिलीवरी के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में अपनी पत्नी के नाम से भर्ती कराया, जहां ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। बच्चे के जन्म केlad बाद युवती को बच्चे से दूर कर भगा दिया।

चार दिन पहले 19 साल की युवती देवास गेट पर लावारिस हालत में पुलिस को मिली। थाना प्रभारी राममूर्ति शाक्य ने उसे वन स्टॉप सेंटर भिजवाया। पुलिस ने बताया कि डिलीवरी होने के कुछ घंटे बाद युवती को भगा दिया था। इस कारण उसकी हालत बिगड़ गई और पेट में इंफेक्शन हो गया।

आरोपियों की जानकारी जूटा रही पुलिस


वन स्टॉप सेंटर प्रभारी आभा शर्मा के माध्यम से इलाज कराया जा रहा है। पुलिस और महिला बाल विकास विभाग की टीम आरोपियों की जानकारी जुटा रही है। बुधवार को पुलिस व बाल विकास की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने कहा कि खरीद-फरोख्त और शारीरिक शोषण का यह गंभीर मामला है। इसमें कई आरोपी बनेंगे।

पत्नी की करवा दी थी नसबंदी

युवती ने वन स्टॉप सेंटर को बताया, ‘मैं नागपुर की रहने वाली हूं। माता-पिता नहीं हैं। एक 13 साल का भाई है। चंदा नाम की एक महिला शादी का भरोसा दिलाकर आदमी को बेचकर चली गई। उसने करीब डेढ़ साल घर में छिपाकर रखा। इस दौरान घर मुझे पता चला कि उस आदमी की पत्नी को दो बच्चे हुए थे इसके बाद उसने पत्नी की नसबंदी करवा दी थी। इस बीच बच्चे मर गए।

ऑपरेशन के बाद पत्नी बच्चे को जन्म नहीं दे सकती थी, इसलिए उसने पत्नी और घरवालों की सहमति से मुझे बच्चा पैदा करने के लिए खरीदा। उक्त व्यक्ति की पत्नी चोटी पकड़कर मारती व पति के साथ रहने को कहती। जब मैं गर्भवती हुई तो वह व्यक्ति अपनी पत्नी के पेट पर तकिया बांधकर रखता था, ताकि लोगों को लगे कि वह गर्भवती है।

अस्पताल कार में सीट पर लिटाकर ले जाते थे कि कोई देख न पाए। इस तरह किसी को मेरे बारे में पता नहीं चलने दिया। देवास के निजी अस्पताल में डिलीवरी के समय मेरी जगह पत्नी का नाम लिखाया ताकि बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में उसकी पत्नी का नाम रहे। दशहरे पर बच्चे को जन्म देते ही कुछ लोग कार से उज्जैन छोड़कर धमकी देकर चले गए कि अब दिखाई मत देना, यह बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे।

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