कंगना पर भारी पड़ा किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी बताना, देशद्रोह की शिकायत दर्ज

सिरसा ने सिखों को टारगेट करने पर कंगना की आलोचना की

सिरसा ने सिखों को टारगेट करने पर कंगना की आलोचना की



कृषि कानून वापस लिए जाने पर लगातार नाराजगी जाहिर की जा रही हैं

वेब ख़बरिस्तान, नई दिल्ली। अभिनेत्री कंगना रनोट की ओर से मोदी सरकार के कृषि कानून वापस लिए जाने पर लगातार नाराजगी जाहिर की जा रही हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तारीफ करते हुए किसानों को खालिस्तानी आतंकवादी कहा था। उनके इस बयान के बाद यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी अमरीष रंजन और लीगल सेल के को-ऑर्डिनेटर अंबुज दीक्षित ने दिल्ली में शिकायत दर्ज करवाई है।

यह लिखा था सोशल मीडिया पोस्ट में -

कंगना ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा था, 'खालिस्तानी आतंकवादी शायद आज सरकार का हाथ मोड़ रहे हैं, मगर भारत की इकलौती प्राइम मिनिस्टर को मत भूलिए, जिन्होंने इनको अपनी जूती के नीचे दबा दिया था। उन्होंने इस देश के लिए पता नहीं कितना सहा है। उन्होंने अपनी जिंदगी के बदले, इन्हें मच्छरों की तरह कुचला है, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए। उनकी मौत के दशकों बाद भी आज तक ये उनके नाम से कांपते हैं। इनको वैसा ही गुरु चाहिए।'


उन्होंने आगे लिखा - 'खालिस्तानी मूवमेंट के बढ़ने के समय उनकी कहानी और ज्यादा रिलेवेंट लगती है। बहुत जल्द आपके लिए ला रहे हैं इमरजेंसी।' इमरजेंसी कंगना की अपकमिंग फिल्म है, जिसमें वो इंदिरा गांधी की भूमिका निभाएंगी।

कंगना को या तो जेल भेजो या मेंटल अस्पताल

कंगना के खिलाफ 124 A (देशद्रोह), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने) और 505 (सार्वजनिक बुराई करने वाले बयान) के तहत शिकायत दी गई है।

दूसरी ओर दिल्ली की सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रेसिडेंट और शिरोमणि अकाली दल के लीडर मनजिंदर सिंह सिरसा ने सिखों को टारगेट करने पर कंगना की आलोचना की है। सिरसा ने कहा कि कंगना को या तो जेल में भेजना चाहिए या मेंटल हॉस्पिटल। हम उनके इस घृणित बयान पर सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग करते हैं।

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